shayarisms4lovers June18 260 - कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता हैं – Bollywood Shayari

कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता हैं – Bollywood Shayari

Shayari

कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता हैं

कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता हैं
कि ज़िंदगी तेरी जुल्फों कि नर्म छांव मैं गुजरने पाती
तो शादाब हो भी सकती थी।

यह रंज-ओ-ग़म कि सियाही जो दिल पे छाई हैं
तेरी नज़र कि शुआओं मैं खो भी सकती थी।

मगर यह हो न सका और अब ये आलम हैं
कि तू नहीं, तेरा ग़म तेरी जुस्तजू भी नहीं।

गुज़र रही हैं कुछ इस तरह ज़िंदगी जैसे,
इससे किसी के सहारे कि आरझु भी नहीं.

न कोई राह, न मंजिल, न रौशनी का सुराग
भटक रहीं है अंधेरों मैं ज़िंदगी मेरी.

इन्ही अंधेरों मैं रह जाऊँगा कभी खो कर
मैं जानता हूँ मेरी हम-नफस, मगर यूंही

कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता है…


जब लोग वाह वाह करते है

दिल के छालों को कोई शायरी कहे
तो दर्द नहीं होता
दर्द तो तब होता है
जब लोग वाह वाह करते है…


तेरा मुजरिम हूँ

अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे
तेरा मुजरिम हूँ , मुझे ड़ूब के मर जाने दे
ज़ख्म कितने तेरी चाहत से मिले है मुझको
सोचता हूँ कहूँ तुझे , मगर जाने दे…


ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवां होता है

फूल खिलते है बहारों का समां होता है
ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवां होता है
दिल की बातों को होंठों से नहीं कहतें
यह फ़साना तो निगाहों से बयां होता है…


तेरा नाम मेरे नाम के साथ

गर्मिये हसरत के नाकामी से जलते है
हम चिरागों की तरह शाम को जलते है
जब आता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ
न जाने क्यों लोग हमारे नाम से जलते है…


दिल से हमे भुलाओगे कैसे

हमसे दूर जाओगे कैसे
दिल से हमे भुलाओगे कैसे
हम वो खुश्बू हैं जो
साँसों में बस्ते है
खुद की साँसों को रोक पाओगे कैसे…


बेख़ुदी की ज़िन्दगी

बेख़ुदी की ज़िन्दगी हम जिया नहीं करते
जाम दूसरो से छीनकर हम पिया नहीं करते
उनको मोहबत है तो आकर इज़्हार कर
पीछे हम भी किसी के जाया नहीं करते…


इतनी शिद्दत से

इतनी शिद्दत से मैंने तुम्हे पाने की कोशिश की है
की हर एक जर्रे ने मुझे तुमसे मिलाने की साज़िश की है