shayarisms4lovers mar18 168 - चंद शेयर – गम , दर्द और जुदाई

चंद शेयर – गम , दर्द और जुदाई

Shayari

कर्ज़दार की तरह

समझा लो तुम अपनी यादों को जरा
वक़्त बेवक़्त हमे तंग करती है, कर्ज़दार की तरह

 

अपनी ही यादें

लूट लेती है हमे अपनी ही यादें
वरना गैरों को क्या पता, इस दिल की दीवार कमजोर कहाँ से है

 

दिल टूटा तो एक आवाज आई

दिल टूटा तो एक आवाज आई
चिर के देखा तो एक चीज़ नजर आई
सोचा क्या होगा इस खाली दिल में
लहू से धो कर देखा तो तेरी तस्वीर नज़र आई

 

इक निशानी है हम

रख सको तो इक निशानी है हम
भूल जाओ तो इक कहानी है हम
ख़ुशी की धुप हो या ग़म के बादल
दोनों में जो बरसे वो पानी है हम

 

टूट चुके है

एक मुद्दत से टूट चुके है मेरे खुदा
उसने चाहा था की उसे टूट के चाहा जाये