shayarisms4lovers June18 199 - मकड़ी की सीख : शिक्षाप्रद कहानी | Makadi Ki Seekh Moral Story In Hindi

मकड़ी की सीख : शिक्षाप्रद कहानी | Makadi Ki Seekh Moral Story In Hindi

Hindi love story Hindi Stories Love Story

Makadi Ki Seekh Moral Story In Hindi : एक समय की बात है. स्कॉटलैंड में रॉबर्ट ब्रूस नाम का राजा राज करता था. उसके राज्य में खुशहाली और शांति थी. प्रजा उसका बहुत सम्मान करती थी.

एक बार इंग्लैंड के राजा ने स्कॉटलैंड पर आक्रमण कर दिया. दोनों राज्यों के मध्य घमासान युद्ध हुआ. उस युद्ध में राजा ब्रूस की पराजय हुई और स्कॉटलैंड पर इंग्लैंड का कब्ज़ा हो गया.

राजा ब्रूस किसी भी तरह अपना राज्य वापस प्राप्त करना चाहता था. उसके अपने सैनिकों को एकत्रित किया और इंग्लैंड पर आक्रमण कर दिया. पुनः युद्ध हुआ. लेकिन उस युद्ध में भी उसे पराजय का मुँह देखना पड़ा.

राजा ब्रूस ने १४ बार इंग्लैंड पर आक्रमण किया, किंतु अपना राज्य वापस प्राप्त करने में असमर्थ रहा. १४वें युद्ध में पराजय के बाद उसके सैनिकों और प्रजा का उस पर से विश्वास उठ गया. वह बुरी तरह टूट गया और भागकर एक पहाड़ी पर जाकर बैठ गया.

थका, हताश और उदास वहाँ बैठा वह सोच रहा था कि अब वह कभी अपना राज्य वापस प्राप्त नहीं कर पायेगा. तभी उसकी दृष्टि एक मकड़ी पर पड़ी, जो एक पेड़ के ऊपर जाला बनाने का प्रयास कर रही थी.

वह पेड़ के तने से चढ़कर ऊपर पहुँचती और जाला बनाने का प्रयास करती, लेकिन गिर पड़ती. किंतु वह फिर उठती और फिर पेड़ पर चढ़ने लगती. राजा ब्रूस मकड़ी को ध्यान से देखने लगा. २० बार मकड़ी गिर चुकी थी, कभी पेड़ पर चढ़ते हुए, तो कभी ऊपर जाला बनाते हुए.

वह सोचने लगा कि अब तो मकड़ी ले किये पेड़ के ऊपर जाला बनाना असंभव है. शायद अब वह पेड़ पर चढ़ने का प्रयास छोड़ देगी. किंतु ऐसा नहीं हुआ, मकड़ी पुनः उठी और पेड़ पर चढ़ने लगी. इस बार वह नहीं गिरी और ऊपर पहुँचकर जाले का निर्माण पूर्ण कर लिया.

यह देखकर राजा ब्रूस चिल्ला उठा, “मुझे तो मात्र १४ बार असफलता का सामना करना पड़ा है. अभी तो ७ अवसर शेष है.”

वह उठा और अपने सैनिकों को फिर से एकत्रित किया. उसके आत्मविश्वास को देखकर सैनिकों और प्रजा का भी उस पर विश्वास जागृत हो गया.

इस बार राजा ब्रूस इंग्लैंड से इस तरह लड़ा कि इंग्लैंड को मुँह की खानी पड़ी.

मित्रों इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि किसी कार्य में एक या दो बार असफल हो जाने पर हमें निराश होकर प्रयास करना नहीं छोड़ देना चाहिए. प्रयास करना छोड़ देना ही वास्तविक असफ़लता है. निरंतर प्रयास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है. इसलिये हार माने बिना लक्ष्य प्राप्ति के लिए डटे रहें.


Friends, यदि आपको Makadi Ki Seekh Moral Story In Hindi पसंद आई हो तो आप इसे Share कर सकते है. कृपया अपने comments के माध्यम से बताएं कि आपको यह कहानी कैसी लगी? नई post की जानकारी के लिए कृपया subscribe करें. धन्यवाद.