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2 Lines Shayari – टूटे हुए पत्ते…

2 Lines Shayari Hindi Shayari Shayari

मेरे टूटने की वजह मेरे जौहरी से पूछो,
उसकी ख्वाहिश थी कि मुझे थोड़ा और तराशा जाय|

जब कभी टूट कर बिखरो तो बताना हमको,
हम तुम्हें रेत के जर्रों से भी चुन सकते हैं|

उन लोगों की उम्मीदों को कभी टूटने ना दे,
जिनकी आखरी उम्मीद सिर्फ आप ही है!!

वो कहते हैं हम जी लेंगे खुशी से तुम्हारे बिना,
हमें डर है वो टूटकर बिखर जायेंगे हमारे बिना।

अब लोग पूछते हैं हमसे, तुम कुछ बदल गए हो,
बताओ टूटे हुए पत्ते अब, रंग भी न बदलें क्या..!!

पतझड आती है तो पते टूट जाते है,
नया साथ मिल जाए तो पुराने छूट ही जाते है|

मै नासमझ ही सहीं मगर वो तारा हूं,
जो तेरी एक ख्वाहिश के लिये..सौ बार टूट जाऊं|

बुरे हे हम तभी तो जी रहे हे,
अच्छे होते तो दुनिया जीने नही देती|

तुम आए थे, पता लगा, सुन कर अच्छा भी लगा,
पर गैरों से पता चला, बेहद बुरा लगा!

जिसको तलब हो हमारी, वो लगाये बोली,
सौदा बुरा नहीं… बस “हालात” बुरे है!

ताकत की जरूरत तब होतीं हैं जब कुछ बुरा करना हों,
वरना दुनियाँ में सब कुछ पाने के लिए प्यार ही काफ़ी हैं|

तोड़ दो ना वो कसम जो खाई है,
कभी कभी याद कर लेने में क्या बुराई है|

ग़ैरों को भला समझे और मुझ को बुरा जाना,
समझे भी तो क्या समझे जाना भी तो क्या जाना।

जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है,
मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा|

दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर,
जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है|