Latest Shayari : Love Sad Romantic Shayari in Hindi

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shayarisms4lovers June18 242 - Latest Shayari : Love Sad Romantic Shayari in Hindi

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Love Shayari

Aaag Suraj mein hoti hai jalna Zamin ko padta hai,
Mohabbat Nigahe karti hai, Tadapana dil ko padta hai!

आएग सूरज में होती है जलना ज़मीन को पड़ता है,
मोहब्बत निगाहेँ करती है, तड़पना दिल को पड़ता है!

Sir jhukane ki aadat nahi hai
Aansoo …

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यह उदास शाम और तेरी जुदाई – यह शाम तेरे नाम शायरी

शाम-ऐ-तन्हाई

शाम से है मुझ को सुबह-ऐ-ग़म की फ़िक्र
सुबह से ग़म शाम-ऐ-तन्हाई का है

Shaam-ae-Tanhai

Sham se hai mujh ko subha-ae-gham ki fikar
Subha se gham shaam-ae-tanhai ka hai


शाम के बाद

तू है सूरज तुझे मालूम कहाँ रात का दर्द
तू किसी रोज़ मेरे घर में उतर शाम के बाद
लौट आये न किसी रोज़ वो आवारा मिज़ाज
खोल रखते हैं इसी आस पर दर शाम के बाद

Shaam ke Baad

Tu hai suraj tujhe maloom kahan raat ka dard
Tu kisi roz mere ghar mein utar sham ke baad
Laut aaye na kisi roz wo aavara mizaaj
Khol rakhte hain isi aas par dar shaam ke baad


शाम की दहलीज़

भीगी हुई एक शाम की दहलीज़ पे बैठा हूँ
मैं दिल के सुलगने का सबब सोच रहा हूँ
दुनिया की तो आदत है बदल लेती है आंखें
में उस के बदलने का सबब सोच रहा हूँ

Shaam

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बारिशों के मौसम में – शायरी

बारिशें नहीं रुकतीं

बारिशों के मौसम में , तुम को याद करने की
आदतें पुरानी हैं

अब की बार सोचा है , आदतें बदल डालें
फिर ख्याल आया के

आदतें बदलने से  बारिशें नहीं रुकतीं..

Baarishain Nahin Ruktee

Barishon ke mousam mein, Tum ko yaad karnay ki
Aadatain purani hain

Ab ki baar socha hai, Aadatain badal dalain
Phir khayal aaya ke

Aadatain badalnay say, Baarishain nahin ruktee..


बारिशों से दोस्ती

ये बारिशों से दोस्ती अच्छी नहीं  “फ़राज़”
कच्चा तेरा मकान है कुछ तो ख़याल करो

BAARISHON SE DOSTI

YEH  BAARISHON SE DOSTI ACHI NAHI FARAAZ
KACHA TERA MAAKAN HAI KUCH TO KHAYAAL KER..


वो तेरे नसीब की बारिशें

वो तेरे नसीब की बारिशें किसी और छत पे बरस गई
दिल बेखबर मेरी बात सुन , उससे भूल जा , उससे भूल जा .

Woh Tere Naseeb Ki Barishain

Woh Tere Naseeb Ki Barishain Kissie Aur CHat pe Baras Gayein
Dil Bekhabar Meri Baat Sun, …

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आज की रात

आज की रात

वो कह के चले इतनी मुलाक़ात बहुत है
मैंने कहा रुक जाओ अभी रात बहुत है

आँसू मेरे थम जाएं तो फिर शौक से जाना
ऐसे मैं कहाँ जाओगे बरसात बहुत है

वो कहने लगे जाना मेरा बहुत ज़रूरी है
नहीं चाहता दिल तोडू तेरा पर मजबूरी है

गर हुई हो कोई खता तो माफ़ कर देना
मैंने कहा हो जाओ चुप इतनी कही बात बहुत है

समझ गए हों सब और कुछ कहो ज़रूरी नहीं
बस आज की रात रुक जाओ , जाना इतना भी ज़रूरी नहीं है

फिर कभी न आऊँगी तुम्हारी ज़िन्दगी में लौट के
सारी ज़िन्दगी तन्हाई के लिए , आज की रात बहुत है

Aaj Ki Raat

Wo Keh Ke Chalay Itni Mulaqat bahut hai
Maine Kaha Ruk Jao Abhi Raat bahut hai

Aansoo Mere Thum Jayein To Phir Shoq Say Jana
Aisay Main Kahan JaoGey Barsaat bahut hai

Wo Kehne Lagey …

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ग़ज़ल – वो मेरा हमसफ़र हुआ भी तो लम्हा भर

हम तो अकेले रहे

हमेशा रहेगा यह आलम कहाँ
यह महफ़िल कहाँ और यह हमदम कहाँ

सदा चोट पर चोट खाता रहा
मुक़द्दर में इस दिल के मरहम कहाँ

कहाँ अब्र कोई कड़ी धुप में
झुलसते बयाबां में शबनम कहाँ

ना मस्त आँखें होंगी ना ज़ुल्फे रसा
हमेशा रहेगा यह मौसम कहाँ

अकेले थे हम तो अकेले रहे
कोई अपना गमख्वार हो , हमदम कहाँ

जहांगीर-ओ-नौशेरवां चल बसे
रहा डर में अद्ल पैहम कहाँ

ना अय्यूबी कोई ना खालिद कोई
गया रखता अपना परचम कहाँ

Hum To Akele Rahe

Hamesha Rahega Yeh Aalam Kahan
Yeh Mahfil Kahan aur Yeh Humdam Kahan

Sada Chot Par Chot Khata Raha
Muqaddar Mein Is Dil Ke Marham Kahan

Kahan Abr Koi Kadi Dhoop Mein
Jhulaste Bayabaan Mein Shabnam Kahan

Naa Mast Aankhein Hongi Naa Zulfe Rasaa
Hamesha Rahega Yeh Mausam Kahan

Akele The Hum To Akele Rahe
Koi Apna Ghamkhwaar , Humdam Kahan

Jahangeer-O-Nausherwaan …

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Barish Shayari, Kaisi beeti raat kisi se

Kaisi beeti raat kisi se mat kahena,
Sapno wali baat kisi se mat kahena,
Kaise uthe badal aur kahan jaakar takraye,
Kaisi hui barsaat kisi se mat kahena!

कैसी बीती रात किसी से मत कहना,
सपनो वाली बात किसी से मत कहना,
कैसे उठे बादल और कहां जाकर टकराए,
कैसी हुई बरसात किसी से मत कहना!…

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ऐ बारिश ज़रा थम के बरस – Romantic बारिश शायरी

ऐ बारिश

ऐ बारिश ज़रा थम के बरस
जब मेरा यार आ जाये तो जम के बरस
पहले न बरस की वो आ न सकें
फिर इतना बरस की वो जा न सकें

AE Barish

Ae barish zara tham ke baras
Jab mera yaar aa jaye to jam ke baras
Pehle na baras ki woh aa na sake
Phir itna baras ki wo ja na sake..


बारिश की बूँद

मत पूछ कितनी “मोहब्बत ” है मुझे उस से ,
बारिश की बूँद भी अगर उसे छु ले तो दिल में आग लग जाती है

Baarish Ki Boond

Mat Pooch Kitni “Mohabbat” Hai Mujhe Us Se,
Baarish Ki Boond Bhi Agar Use Chu Le To Dil Mein Aag Lag Jati Hai..


बरसात का मौसम

जब जब आता है यह बरसात का मौसम
तेरी याद होती है साथ हरदम
इस मौसम में नहीं करेंगे याद तुझे यह सोचा है हमने
पर फिर …

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छोड़ दिए हम ने ऐतबार किस्मत की लकीरों पे – Aitbar Shayari

कोई तो बरसात ऐसी हो

कोई तो बरसात ऐसी हो जो तेरे संग बरसे …
तनहा तो मेरी आँखें हर रोज़ बरसती हैं …

Koi To Barsat Aisi Ho

Koi To Barsat Aisi Ho Jo Tere Sang Barsy…
Tanha To Meri Aankhen Har Roz Barasti Hain…


ऐतबार

छोड़ दिए हम ने ऐतबार किस्मत की लकीरों पे “वासी”
जो दिलों में बस जाएँ वो लकीरों में नहीं मिला करते …

Aitbar

Chod Dia Hum Ne Aitbar Qismat Ki Lakeeron Pe “Wasi”
Jo Dilon Me Bus Jaen Wo Lakeeron Me Nahi Mila Karte…


हमराज़

यूँ फ़िज़ा महकी के बदला मेरे हमराज़ का रंग
यूँ सजा चाँद के झलका तेरे अंदाज़ का रंग

Humraaz

yun fiza mehaki kay badala mere humraaz ka rang
Yun saaja chand kay jhalaka tere andaaz ka rang


बरसात में काग़ज़ की तरह

रहने दो अब के तुम भी मुझे पढ़ न सकोगे
बरसात में काग़ज़ की तरह भीग …

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