Hindi Gazal

अगर आप शायरी और ग़ज़ल प्रेमी हैं तो आपके इस लेख में एक से बढ़कर एक अच्छी अच्छी ग़ज़ल या लम्बी शायरिया पढ़ने को मिलेगी| सभी गज़ले बहुत ही प्रसिद्ध कवियों द्वारा लिखी गयी हैं जो की दिल की गहराईयो को छूती हैं Hindi Gazal By Famous Poet Hindi Gazal 1) मुक्कमल किताब हूँ Gazal […]

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shayarisms4lovers June18 248 - ऐ दिल है मुश्किल शायरी – आज जाने की जिद न करो

ऐ दिल है मुश्किल शायरी – आज जाने की जिद न करो

ऐ दिल है मुश्किल जब प्यार में प्यार न हो जब दर्द में यार न हो जब आँसूओ में मुस्कान न हो जब लफ़्ज़ों में जुबान न हो जब साँसे बस यूं ही चले जब हर दिन में रात ढले जब इंतज़ार सिर्फ वक़्त का हो जब याद उस कमबख्त की हो क्यों वो हो […]

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shayarisms4lovers June18 210 - सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है – फ़राज़ की शायरी

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है – फ़राज़ की शायरी

सुना है लोग उसे – फ़राज़ अहमद सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है तो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते है सुना है राफत है उसे खराब हालो से तो अपने आप को बर्बाद कर के देखते है सुना है दर्द की गाहक है चस्मे नाज़ उसकी तो हम भी […]

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shayarisms4lovers mar18 205 - शब-ऐ-इंतज़ार – Mirza Galib,Ahmed Faraz,Mohsin Naqvi,Raaz Sarwer Shayari

शब-ऐ-इंतज़ार – Mirza Galib,Ahmed Faraz,Mohsin Naqvi,Raaz Sarwer Shayari

मेरी वेहशत इश्क़ मुझको नहीं वेहशत ही सही मेरी वेहशत तेरी शोहरत ही सही कटा कीजिए न तालुक हम से कुछ नहीं है तो अदावत ही सही Meri Wehshat Ishq mujhko nahin wehshat hi sahi Meri wehshat teri shohrat hi sahi kta kijiay na taaluq hum se kuch nahin hai to adaawat he sahi… शब-ऐ-इंतज़ार […]

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shayarisms4lovers June18 267 - Shiv Kumar Batalvi – नग्मे और शायरी

Shiv Kumar Batalvi – नग्मे और शायरी

प्यार तेरे शहर दा रोग बन के रह गया है प्यार तेरे शहर दा मैं मसीहा वेख्या बीमार तेरे शहर दा इसकी गलियां मेरी चढ़दी जवानी खा लायी क्यों ना करूँ दोस्ता सत्कार तेरे शहर दा शहर तेरे क़दर नहीं लोकां नू सच्चे प्यार दी रात नूं खुल्दा है हर बाजार तेरे शहर दा जिथे […]

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pexels photo 592772 - आँखें मिलाओ ग़ैर से – मिर्ज़ा ग़ालिब

आँखें मिलाओ ग़ैर से – मिर्ज़ा ग़ालिब

आँखें  मिलाओ ग़ैर से – मिर्ज़ा ग़ालिब कहना ग़लत ग़लत तो छुपाना सही , सही क़ासिद कहा जो उस ने बताना सही सही यह सुबह सुबह चेहरे की रंगत उतरी हुई कल रात तुम कहाँ थे बताना सही ,सही दिल ले के मेरा हाथ में कहती हैं मुझ से वो क्या लोगे इसका दाम बताना सही […]

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shayarisms4lovers mar18 202 - ग़ज़ल – वो मेरा हमसफ़र हुआ भी तो लम्हा भर

ग़ज़ल – वो मेरा हमसफ़र हुआ भी तो लम्हा भर

हम तो अकेले रहे हमेशा रहेगा यह आलम कहाँ यह महफ़िल कहाँ और यह हमदम कहाँ सदा चोट पर चोट खाता रहा मुक़द्दर में इस दिल के मरहम कहाँ कहाँ अब्र कोई कड़ी धुप में झुलसते बयाबां में शबनम कहाँ ना मस्त आँखें होंगी ना ज़ुल्फे रसा हमेशा रहेगा यह मौसम कहाँ अकेले थे हम […]

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हर एक से कहते हैं क्या “दाग़ ” बेवफा निकला – “दाग़” उर्दू शायरी

हर एक से कहते हैं क्या “दाग़ ” बेवफा निकला  तुम्हारे खत मैं नया एक सलाम किस का था न था रक़ीब तो आखिर वो नाम किस का था वो क़त्ल कर के हर किसी से पूछते हैं यह काम किस ने किया है ये काम किस का था वफ़ा करेंगे निभाएंगे बात मानेंगे तुम्हें […]

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shayarisms4lovers mar18 12 - उर्दू ग़ज़लें

उर्दू ग़ज़लें

मैंने तेरे इंतज़ार से मोहब्बत की है तेरे इख्लास से मोहब्बत की है तेरे एहसास से मोहब्बत की है तू मेरे पास नहीं है फिर भी तेरी याद से मोहब्बत की है कभी तो तूने भी मुझे याद किया होगा मैंने उन्ही लम्हात से मोहब्बत की है जिन में हों तेरी मेरी बातें , मैंने […]

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pexels photo 701816 - दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं – जावेद अख्तर

दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं – जावेद अख्तर

दर्द के फूल  दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं ज़ख्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं उस दरीचे में भी अब कोई नहीं और हम भी सर झुकाए हुए चुप -चाप गुज़र जाते हैं रास्ता रोके खडी है यही उलझन कब से कोई पूछे तो कहें क्या की किधर […]

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shayarisms4lovers mar18 38 - वो मेरा है मगर इस एहसास से इंकार करता है ​- ग़ज़ल

वो मेरा है मगर इस एहसास से इंकार करता है ​- ग़ज़ल

वो मुझ से मांगता है उम्र भर की वफ़ा का वादा वो मेरा है मगर इस एहसास से इंकार करता है भरी महफ़िल मैं मुझ को रुसवा वो हर बार करता है यूँ तो करता है ज़माने भर की बातें मुझ से मगर जब बात मोहबत की हो तो तकरार करता है सितम् जब अपने […]

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Sad Shayari – Yahan udaas hain hum

Yahan udaas hain hum, Wahan khush ho tum, Tumhare labon pe hansi, Hamaari ankhen hain nam, Tumaari kismat mein khushi, Hamare muqaddar mein ghum, Tumhaare sath sara zamana, Hamare sath ranj-o-aalm, Tumaare paas har nehamat, Hamare daman mein pech-o-kham… – M. Asghar Mirpuri यहाँ उदास हैं हम, वहाँ खुश हो तुम, तुम्हारे लबों पे हँसी, […]

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