Pankaj Mishra Poems in Hindi

shayarisms4lovers June18 281 - Pankaj Mishra Poems in Hindi

मेरी प्यारी पीहू मुस्कुराने लगी है…..!!

फूल सी कोमल ओस सी नाजुक पीहू
रिस्तो की पगडंडियों पर मुस्कुराने लगी है
सुबह अपनी मम्मी से पहले आके
पापा पापा बोल के जगाने लगी है
गुस्सा हो जाती है फिर देखती नही
अपने पापा को देखो सताने लगी है
आफिस से आते ही एक प्यारी सी मिठ्ठी
पापा के दिल को बहलाने लगी है
मेरी दुआओ में शामिल मेरे दिल की धड़कन
मेरी प्यारी पीहू मुस्कुराने लगी है..!!

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मेरा हाल ऐ दिल बताता है…..!!

इक़ आईना है , जो मुझ से , मेरा हाल ऐ दिल बताता है
इक़ मैं हु ,जो खुद से ,हर दर्द ऐ दिल छुपता हु
इक़ जख्म है ,जो चीख कर मेरे अश्को को बुलाते है
इक़ लब है, मुस्का के जो हर दर्द को छुपाते है
एक मैं हु जो इश्क़ को दफ़ना चुका हु अंदर तक.
एक आंखे है , हर सख़्श को मेरा …

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15 अगस्त शायरी – 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर कविता

15 अगस्त शायरी , 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर कविता और “15 अगस्त स्टेट्स” का यह पोस्ट  Indian Independence Day पर आधारित हैं.  
इसमें आप पढ़ सकते हैं, 15 अगस्त पर शायरी वॉलपेपर इमेज के साथ.   72nd India Independence day 2018 Status में. 
जैसा की आप सभी देश वासी जानते है की हमारा भारत, अंग्रेजो के हाथों गुलाम था, और अंग्रेजी हुकुमत हमेशा हिन्दुस्तानियों पर अत्याचार करती रही. 
 
और इस अत्याचार के खि़लाफ 10 मई 1857 मे सबसे पहली बार आज़ादी का बिगुल बजा. 
 
इसी के साथ देश की आजादी को लेकर ज्वाला सुलग गई और यह ज्वाला धीरे धीरे ज्वालामुखी बन गई. 
 
भारत माता की आजादी के लिए ना जाने कितने  देश के महान सपूतों ने हॅसते हॅसते अपने प्राणों की आहुति दे डाली. 
 
अंग्रेजों के खिलाफ ना जाने कितने आन्दोलन चलाये गये और एक दिन अंग्रेजी हुकुमत ने हार मान ली
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आजादी पर 5 देश भक्ति गीत ( Desh Bhakti Geet in Hindi )

ये देश भक्ति गीत उन शहीदों को समर्पित हैं जिन्होंने अपने लहू की बूंदों से आजाद भारत की धरती को सींचा है| इन लोकप्रिय Desh Bhakti Geet in Hindi और गानों के माध्यम से हम आजादी के उन दीवानों को नमन करते हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए हँसते हँसते अपने प्राणों की आहुति दे दी| ये सभी देश भक्ति गीत फिल्मों से और विभिन्न लेखों से लिए गये हैं –

अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं

अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन, सर झुका सकते नहीं

हमने सदियों में ये आज़ादी की नेमत पाई है
सैकड़ों कुर्बानियां देकर ये दौलत पाई है
मुस्कुराकर खाई है सीनों पे अपने गोलियां
कितने वीरानों से गुज़रे हैं तो जन्नत पाई है
ख़ाक में हम अपनी इज़्ज़त को मिला सकते नहीं
अपनी आज़ादी…

 

क्या चलेगी ज़ुल्म की अहले वफ़ा के सामने
आ …

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स्वतंत्रता दिवस पर कविता | 5+ Best Independence Day Poems in Hindi

Swatantrata Diwas Poems Hindi : Read Best Desh Bhakti Poem And Poetry For Independence Day About Freedom in Hindi. Find Great Collection Of Independence Day Poems in Hindi Fonts, Desh Bhakti Poems And Latest Swatantrata Divas Spacial Poems in Hindi Language.

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स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति की कवितायें

1. Latest poems on independence day in hindi 

 
हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
 
आजादी का मतलब नहीं है समझते।
 
इस दिन पर स्कूल में तिरंगा है फहराते,
 
गाकर अपना राष्ट्रगान फिर हम,
 
तिरंगे का सम्मान है करते,
कुछ देशभक्ति की झांकियों से
 
दर्शकों को मोहित है करते
 
हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
 
आजादी का अर्थ सिर्फ यही है समझते।
 
वक्ता अपने भाषणों में,
 
न जाने क्या-क्या है कहते,
 
उनके अन्तिम शब्दों पर,
 
बस हम तो ताली है बजाते।
 
हम नन्हें-मुन्ने है बच्चे,
 

आजादी का अर्थ सिर्फ इतना ही है समझते।

 
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ज़माने ने मुझे चोट दी है – दुःख व् गहराई भरी कविता

चले हैं लोग मैं रस्ता हुआ हूं
मुद्दत से यहीं ठहरा हुआ हूं

ज़माने ने मुझे जब चोट दी है
मैं जिंदा था नहीं जिंदा हुआ हूं

मैं पहले से कभी ऐसा नहीं था
मैं तुमको देखकर प्यारा हुआ हूं

मैं कागज सा न फट जाऊं
ए लोगो उठाओ ना मुझे भीगा हुआ हूं

मेरी तस्वीर अपने साथ लेना
अभी हालात से सहमा हुआ हूं

कभी आओ इधर मुझको समेटो
मैं तिनकों सा कहीं बिखरा हुआ हूं

चलो अब पूछना तारों की बातें
अभी मैं आसमां सारा हुआ हूं

मुसलसल बात तेरी याद आई गया
वो वक़्त मैं उलझा हुआ हूं

बुरा कोई नहीं होता जन्म से
मुझे ही देख लो कैसा हुआ हूं

ज़माने ने मुझे जितना कुरेदा
मैं उतना और भी गहरा हुआ हूं

~ सुरेश सांगवान (saru)…

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ए माँ, आ, सीने से लगाके इस दिल को राहत दे दे

ए माँ तेरी याद बहुत आती हैं हमे
अब तो तेरी दुआएं ही बचाती हैं हमे
अपने क़दमों की हमे जन्नत दे दे..
सीने से लगाके इस दिल को राहत दे दे

हम सबको अकेला तू क्यों छोड़ गयी
अपने बच्चों का दिल क्यों तोड़ गयी
आ माँ हम सब को वो चाहत दे दे
सीने से लगाके इस दिल को राहत दे दे

ए – माँ तेरी जुदाई, अब अक्सर रुलायेगी
तेरा गुस्सा करना, तेरी वो बातें अब सताएगी
ए माँ हमे अपनी ममता की दौलत दे दे
सीने से लगाके इस दिल को राहत दे दे

अब साया कौन सा ठहरेगा सर पर
कैसे आएगी अब रौनक घर पर
ए माँ, आ हमे जीने की हसरत दे दे
सीने से लगाके इस दिल को राहत दे दे

-Azeem

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Sad Shayari, kisi ka gam apna banane ko jee karta hai

आज फिर
किसी का गम, अपना बनाने को जी करता है,
किसी को दिल में, बिठाने को जी करता है,
आज दिल को क्या हुआ, खुदा जाने,
बुझती हुई शमा, फिर जलाने को जी करता है,
आफतों ने, जर्जर कर दिया घर मेरा,
उसकी दरोदीवार, फिर सजाने को जी करता है,
एक मुद्दत गुज़री, जिसका साथ छूटा,
आज फिर, उसका साथ पाने को जी करता है!
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Chand – Ajay

गंगा की शांत सतह पे वो एकादसी का चंद्रमा
घाटों पे लगा वो नौंको का डेरा
सीढ़ियों पे बैठे हम भी कुछ शांत से ही है
लेकिन मन को है पानी के लथेड़ों ने घेरा
मेरा मन भी है गंगा की गहराइयां लिए
बाते बहुत सी दबी है अंगड़ाइयाँ लिए…
मैं भी वो चाँद होना चाहता हूँ ,
खुला आसमान होना चाहता हूँ ,
फिर मन में एक ख्याल आया कि
चाँद भी तो है आकाश में तनहाइयाँ लिए ।
दूर उस पार एक छोटी सी रोशनी नज़र आ रही है
धुंध के बीच कुछ धुंधली सी नज़र आ रही है
फिर भी बार-बार नज़रे वही जा रहीं है
क्योंकि वही तो एक चीज़ है
जो उस पार से भी अँधेरो को चीरती हुई आ रही है ।
शायद ये रोशनी होना ही सही होगा
गम रूपी अँधेरो को चीरना ही सही होगा
चाँद से उसकी चाँदनी को उधार लेके…

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Khud kiTalash Abhi baki hai – Chanchal

खुद की तलाश मे भटकती सी “मैं ”
अनगिनत, अनन्त, असीम सवालो के संग!
न जाने किस अधूरे पन को भरती सी- मैं |

कई रिश्ते, जज्बात, रास्ते,
और मंजिलों से गुजरती सी मैं |
न जाने कितने एहसासों मै संवरती बिखरती सी “मैं ”

कहा किस डगर किधर जा रही हूँ |
क्या है? मेरा,
जिसे कभी खो रही हूँ |
तो कभी पा रही हूँ।

जीवन का छोर,
न जाने कब कहां कैसा है?
पर
इस नामालूम “मैं ” को
जीवन भटकाव की भूलभुलैया में
इतना तो मालूम हो गया कि
अच्छा – बुरा, काम – निश्चय ही
जीवन है,

और
शायद यही जीवन-दिशा हूँ
” मैं “।…

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Hindi Poem on Tere Dil Mein

अभी नादाँ हु इश्क में, जताऊ कैसे,
प्यार कितना है, तुमसे बताऊ कैसे..

बहुत चाहत है, दिल में तुम्हारे लिये,
तुम ही कहो, तुम्हें अपना बनाऊ कैसे..

जो अगन मेरे दिल में है, तुम्हारे लिये,
वही आग तेरे दिल में भी, जलाऊ कैसे..…

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