shayarisms4lovers June18 267 - Sad Quotes in Hindi | हिंदी कोट्स

Sad Quotes in Hindi | हिंदी कोट्स

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साथियों नमस्कार, स्वागत है आपका हमारे आज के इस खास आर्टिकल “Sad Quotes in Hindi”  में जिसमें हम आपके लिए कुछ चुनिन्दा Two Liners Hindi Quotes लेकर आएं हैं जिन्हें आप अपने watsapp या instagram पर शेयर कर सकते हैं! पढ़िए हमारा खास आर्टिकल…


Sad Quotes in Hindi | हिंदी कोट्स

मैने हजारो आशिकों की किताब पड़ी है,
किसी ने अपनी कामयाब मोहब्बत के बारे मे जिक्र नही किया!!


किस्मत बुरी या मैं बुरा, फैसला हो ना सका…
मैं सबका होता गया, कोई मेरा हो न सका!!


क्यूँ करते हो, मुझसे इतनी खामोश मोहब्बत,
लोग समझते हैं, इस बदनसीब का कोई नहीं!!


में कुछ इस तरह हरूँगा,
तुम जीत कर भी पछताओगे!!


मिजाज़ उसके अलग-अलग हर बार होते हैं,
ख़ैर, हम ही हैं जो भूल जाते हैं कि मौसम चार होते हैं!!


मोहब्बत का कोई क़ुसूर नहीं, उसे तो मुझसे रूठना ही था,
दिल मेरा शीशे सा साफ़ और शीशे का अंजाम तो टूटना ही था!!


कुछ तो कमी सी रह गई कहीं, मेरी बन्दगी में जरूर…
इतना इबादत के बाद भी खुदा रुठ जाए, ये मुमकिन नहीं!!


जो कहते थे तुझसे बिछड़ने के बाद वीरान हो जाएगी ज़िंदगी…
आज पूरे शहर में उन्हीं का घर सबसे रोशन मिला!!


आंखों को रख के दर पे तेरे इंतजार में…
रह रह के घर की चीज़ों से टकरा रहे है हम!!


कितनी कम लब्जो में जिंदगी बयां करू,
लो तुमारा नाम लू ओर बात खत्म करू!!


अल्फ़ाज़ के दिवाने तो बहुत है मेरे
तलाश तो खामोशी पढ़ने वाले की है!!


इस बेगानी दुनिया में तेरी उम्मीदों का सहारा लेकर,
हम तुम्हें फिर से चाहेंगे एक उम्र दुबारा लेकर!!


किसी की कहाँ मजाल की हमसे बेवफाई करे,
हमें तो हमारी वफाएं मर डालेगी!!


बेवजह बिछड़ तो गए हो,
अब ये बताओ सुकूं मिला के नहीं!!


साँस रूक जाये भले ही तेरा इन्तज़ार करते-करते,
तेरे दीदार की आरज़ू हरगिज कम ना होगी!!


मुहब्बत से भरी कोई गजल पसंद ही नहीं उन्हें,
बेवफाई के हर शेर पर मगर दाद दिया करते हैं!!


आशियाना बनाए तो भी कहाँ बनाए जनाब,
जमीने महँगी हो गई और दिल में कोई जगह देता ही नहीं!!


छु जाते हो कितनी दफा तुम यूँ ही ख्वाब बन के,
कौन कहता है की दूर रहकर मुलाकात नहीं होती!!


समझौता करना सीखिए..क्योंकि थोड़ा सा झुक जाना,
किसी रिश्ते को हमेशा के लिए तोड़ देने से बहुत बेहतर है!!


किसी के साथ हँसते-हँसते, उतने ही हक से रूठना भी आना चाहिए,
अपनो की …

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shayarisms4lovers mar18 02 - Wo Kisi aur se pyar karti hai – Ranjan

Wo Kisi aur se pyar karti hai – Ranjan

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Hi..frn mera naam ranjan hai me meri dard bhari story aapko sunane jaraha hun baat us wakt k thi jab me 7th cls me padhraha tha,me cls me bahat badmas type k ladka tha hamesa kisi na kisi baat par jhagda karna to mera aadat hogeya tha, isbich ek ladki mere cls me admisn li uska naam kaveri thi,wo dikhne me bahat sundar thi,1st jab me dekha mujhe kuch feel hua to me itna dhyan nahin diya,wo hamesa mere upar gussa karrahi thi kyun k me bdmas tha isliye,me pata lagaya k wo ladki hamari gaaon me uski uncle k ghar me rehne k liye aayi hai aur usko 10 tak hamari gaaon me rehkar padhni hai to iss mauj masti me ek saal gujar geya.

Ek din wo hamari ghar aayi me akela tha wo boli mujhe note chahiye,mene note de di aur mene kaha kya tum mere saath frndsp karoge wo hasi aur bola ok ek sart tum cls me kavi kisiko daato ge nahin jhagda ni karoge etc. Mene kaha thik hai,kya batao frnd usdin se mera life change hogeya,mera kamina frnds hamisa bolrahe the yaar achanak ye saleko jo jentleman bangeya, mein cls me chup chap bethta tha na kisise jhagda kuch nahin wo bahat khus hogeyi aur boli tum meri bahat achhi frnd ho me bahat khus tha aur iss bich 9th cls suru hogeya mere kuch alag si filings mehsus karne lagd sayad wo pyar ka pehla mehsus tha,mujhe to kuch samjh me ni aaraha tha k sach me mujhe v pyar hogeya kya saya han mujhe unse pyar hogeya tha, me uske sath bahat masti karaha tha apni sari problem usko bolta tha ,ek din uske uncle k ghar geya uski uncle mera jana pehchana tha wo boli tum dono yahan padhai karo me market jarahun usdin mera spl din us din me bahat tired tha to mene kaha tum padho me soraha hun me sogeya.

Aur jab me aankh khuli dekha k wo mere sarko apni hath se tham rahi thi me ye sab dekhkar heran hogeya ye kya karraha hai mene kuchnahin bola aise hi din mahina aur sal v gujar geya mene usko bol v nahin me use pyar karta hun, to aageya 10th k metric exam k liye kuch jyada padhai hui aur uske saath milna kam hogeya wo v padhne me dhyan di to time aageyi judai ki …

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shayarisms4lovers mar18 36 - Hindi kahani with moral values prernadayak

Hindi kahani with moral values prernadayak

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Hello readers , welcome to onlinehindistory.com once again. Today we are here with fresh 3 new hindi kahani with morals for you people. So read and them and don’t forget to tell us your views in comment section.

1. एक शहीद का परिवार Emotional Hindi kahani

जीवन और मरण यही तो सच्चाई है दुनिया का. कुछ नहीं कर पाते इस जीवन का. हलचल भरा यह जीवन एकदम शांत हो जाता है. यह ना तो किसी को आने की खबर देती है न समझने का मौका. न आगे का भविष्य देखता है और ना पीछे छूटे परिवार. रोते-बिलखते बूढ़े माँ-बाप, चूड़ियाँ तोड़ती जवान बीवी और वह बच्चा जिसको अपने पापा का नाम भी नहीं पता.

जो बड़ा होकर केवल दिवाल पर लगी तस्वीर देख पायेगा.

एक चहकती हुई जिन्दगी 2 पल में एक सुनसान रेगिस्तान बन गया. जिसपर कितना ही बरसात हो जाये सुखा ही रहेगा. ना तो सावन उस पर मरहम लगा पायेगा और ना ही दो पल के लिए आने वाले मुसाफिर.

True story – शहीद के माता-पिता का हाल

बूढी हो चुकी माँ, दरवाजे पर निगाहे गड़ाये बैठी है, आखें देख नहीं पा रही है, दिल मान नहीं रहा है, इसी रास्ते तो आता है वह. जरुर आएगा. ऐसे कैसे चला जाएगा अपनी माँ को छोड़ कर. यही तो आता था. माँ-माँ कह कर गले से चिपक जाता था. तो अब क्यों नहीं आ रहा. कहाँ है मेरा बच्चा. माँ हूँ न मैं पहले मेरे पास ही आएगा. आँखों से टपकती धारा कलेजे को पिस रहा है. कौन समझता उस बूढी मा को अब कभी नहीं आएगा वो.

आंसू को अंदर ही पिने वाला बाप का सीना फटा जा रहा है.

हिलते डंडे का सहारे चलते बाप. अपने बुढ़ापे की लाठी खो दी. जिसके कंधे पर जाने की आस थी उसे कन्धा देना पड़ा. कहाँ है वो जो बोलता था मैं हूँ पापा आपके का सहारा. जो मेरा सीना था, जो मेरा हिम्मत था, ताकत था सब ले गया. क्या करू इस शारीर का. ना घर में रो सकता और ना बाहर रह सकता. कभी घर में आते है कभी बाहर जाते है. क्या ढूंड रहे वह पता नहीं. लडखडाती लाठी और लडखडाते पैर शरीर जर्जर.

चलने की हिम्मत नहीं रह गई.

पागल हुई पत्नी

तस्वीर को निहारती पत्नी. एक जिन्दा लाश है. सारे सपने, सपने हो गये. ना वर्तमान का पता, ना भविष्य का. अँधेरा ही अँधेरा हो गया. कितने सपने देखे थे साथ में. अपने साथ …

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shayarisms4lovers June18 292 - Love is Life and Life is Love ? – Sudeep

Love is Life and Life is Love ? – Sudeep

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Hello frendz,good morng.I HOPE THAT U WILL WELL.Mera naam sudeep h.Mai patna bihar ka hu.waisai to mera home Danapur.bt mai avi patna rehta hu. Nw i am going to tell u my love story.is this love story ? I also dn’t knw bt i hope that u will give ans.lastly what is this. Yai story aaj sai kuch din pehali ki baat h.mai apne frend k sath pipal k pedh k nichai carrom board khel raha tha.mai apnai game mai busy tha.yai simple din ki tarh kyo ki frend jaha mai rehta hu waha avi bahut garmi padh rahi h. So hum sab waha khel rehai thai.time sayad 12:45 ho raha hoga.game ka last end ho raha that kyoki mere savi dost only two ko leave kar baki sab yani mai or akash quit kar chuka tha.or amit or avinash avi v khel raha tha.

isi bich mai dekha ki ek ladki aa rahi h jo black clour ka salwar $ suit pahnai hui thi.or wo apna face dakhi hui thi. Mai apne dost sai yani ki akash sai kaha.akash wo dekh ek ladki aa rahi h.badi mast lag rehi h. Akash bola kya sudeep tumhe har ladki mast hi nazar aati h. Mai bola yr jo mast lagegi usai or kya kahunga.kher chor mai tumhe kehna chata hu ki wo ladki oro sai alag nazar aa rehi h.isi bich wo ladki hamere pass ayi kyo ki us time yani aftrn mai koi or log nahi thai sirf hum sab ko chod kar.wo aate hi pucha ki esxcuse me. Kya aap is addres ko jante h.itna sunte hi mere dono dost yani ki amit or avinash ladki ko dekhnai lage.fir mai bola.aap dikhai janta hounga to bata dunga.usnai wo addres dikhyi.or mai bola yes i knw that this addrs.after that i told her way how she reach destination.she said – thanku.i said-welcme it’s my pleasure.

fir wo apna way ja rahi thi or hum dosto tab tak dekhtai rehai jab tak wo turn nahi hui.fir us time tak game v end ho gaya tha.or amit winner ho gaya tha.fir hum sab apne home aa gayai waha par khana kahya or kuch der rest kar k tution k liyai chala gaya. lekin tution mai mera man nahi lag raha tha. Mujai pata nahi wo hamesha nazar aane lagi.jab v mai koi work karta.fir hum tution sai ghar ayai or apne dosto …

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Beti Bachao Beti Padhao Essay | बेटी बचाओ बेटी पढाओ


साथियों नमस्कार, आज के इस विषय “Beti Bachao Beti Padhao Essay | बेटी बचाओ बेटी पढाओ” में हम आपके साथ इस विषय पर कई गहन जानकारियों के साथ-साथ एक भाषण (Speech) साझा करने जा रहें हैं| यह विषय अत्यंत ही संवेदनशील विषय है इसलिए मंच पर इस विषय के बारे में बोलने से पहले एक बार विषय के बारे में पूरी जानकारी लेना बहुत आवश्यक है|


Beti Bachao Beti Padhao Essay | बेटी बचाओ बेटी पढाओ

(हमारा हमेशा से मानना रहा है की अपने भाषण की शुरुआत हमेशा किसी कहानी, कविता या किस्से से करें! अक्सर देखा जाता है की हमसे पहले आए हुए वक्ता के शब्द कई बार दर्शकों के दिलों में रह जाते हैं|

भाषण ख़त्म होने के बाद भी वक्ता की बातें दिमाग में चलती रहती है| ऐसी स्थती में कई बार श्रोता आपकी बात को नहीं सुन पाते| इस स्तथी में कोई भी कहानी, कविता या शायरी सबसे आसन तरीका होता है श्रोताओं का ध्यान खींचने का| इसीलिए अपने भाषण की शुरुआत हमेशा कहानी, कविता या किस्से से करें)

जैसे

1. जरूरी नहीं रौशनी चिरागों से ही हो
बेटियाँ भी घर में उजाला करती हैं

2.  चहकते विहान का आफ़ताब है बेटी,
महकते शाम का महताब है बेटी!
ज़िन्दगी के छंदों का अलंकर है बेटी,
कविता के पन्नों का संस्कार है बेटी!
वत्सल के श्रंगार का रस है बेटी,
कल के संसार का यश है बेटी!!

३. ओस की एक बूंद होती हैं बेटियां,
पुरे परिवार की गूंज होती है बेटियां!
रोशन करेगा बीटा तो बस एक ही कुल को,
दो-दो कुलों की लाज होती है बेटियां!!

दोस्तों, आज एक बहुत ही गहन मुद्दे पर में अपने विचार आपसे साझा करने वाला  हूँ| लेकिन यकीं मानिये में इस मुद्दे पर आपसे बात करने के लोए बिलकुल भी खुश नहीं हूँ| आखिर क्यों प्रकृति की इस अनमोल देन को बचने के लिए हमें यह मुहीम चलाना पड़ रहा है|

हमारे समाज में बेटियों को बोझ समझा जाता है , आज के समय में भले ही लडकियाँ लडकों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलने की हिम्मत रखती हो लेकिन फिर भी भारत के कई छोटे इलाकें और पिछड़ी सोच के परिवार ऐसे भी हैं जहाँ बेटी के जन्म लेने पर कोई जश्न नहीं मनाया जाता है. यहाँ तक की बेटी को गर्भ में ही मार दिया जाता है.

साथियों, बेटी! प्रकृति की दी हुई एक ऐसी देन  जो जीवन को निरंतर गतिमान बनाएं रखने के प्रकृति …

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Mahesh Babu wiki | साऊथ सुपरस्टार महेश बाबु

साथियों नमस्कार, आज हम आपको साऊथ के एक ऐसे सुपरस्टार “Mahesh Babu wiki | साऊथ सुपरस्टार महेश बाबु” के बारे में बताने जा रहें हैं जिनके बारे में यह खास बाते आपने पहले ना तो कभी पढ़ी होंगी और ना ही पहले कभी सुनी होंगी|


Mahesh Babu wiki | साऊथ सुपरस्टार महेश बाबु

महेश बाबू कौन है इसको जानने के लिए बस इतना जान लीजिए कि 10 साल पहले वॉलीवुड के सबसे कमाऊ स्टार सलमान खान लगभग फ्लॉप फिल्मों के स्टार हो चुके थे तब उन्होंने साउथ की तेलगू सिनेमा की एक फ़िल्म की रीमेक की जो हूबहू इस फ़िल्म से कॉपी की गई थी यह फ़िल्म थी ,वॉन्टेड जिसके बाद सलमान के दिन ही बदल गए ।

लेकिन जिसने भी महेश बाबू की फ़िल्म देखी है वह जानता है कि सलमान ने नकल तो करने की कोशिश की लेकिन बराबरी से कोसों दूर रह गए । साउथ में इसी फ़िल्म के अभिनेता थे महेश बाबू जिनकी अदाकारी के किस्से आज भी बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड में कायम है|

Mahesh Babu Real Name – Ghattamaneni Mahesh Babu (महेश बाबु)

Ghattamaneni Mahesh Babu

Mahesh Babu Age – 40 yr

Mahesh Babu Wife – Namrata Shirodkar

Namrata Shirodkar

Mahesh Babu Mother – Indira Devi 

Mahesh Babu Mother

Mahesh Babu Father – Krishna

SAUTH SUPERSTAR KRISHNA

Mahesh Babu Son – Gautham Ghattamaneni

Mahesh Babu Son - Gautham Ghattamaneni


9 अगस्त 1995 को जन्मे महेश बाबु तेलगु फिल्म जगत के एक जाने मने अभिनेता हैं! महेश बाबु ने अपने एक्टिंग करिअर की शुरुआत बहुत ही कम उम्र में कर दी थी|

महेश बाबु को सबसे ज्यादा प्रसिद्धि अपने ब्लॉग बस्टर फिल्म (Mahesh babu Blockbuster Movie) “ओक्काडू” से मिले जिसमें महेश बाबु ने एक कबड्डी खिलाडी की भूमिका निभाई थी| यह फिम कई भारतीय भाषाओँ में रिलीज़ रुई और इस फिल्म ने रिकार्ड कमाई की|

महेश बाबु फिल्मों में एक्टिंग करने के साथ-साथ अपना प्रोडक्शन हाउस “महेश बाबु एंटरटेनमेंट लिमिटेड” भी चलाते हैं| महेश बाबु के पिता “कृष्णा” तेलुगु सिनेमा जगत के एक जाने माने अभिनेता रहें हैं|

महेश बाबु ने 1979 में आई फिल्म “निडा” में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में कम किया था|


महेश बाबु के बारे में कुछ खास बातें (Interesting fact about Mahesh Babu)

● महेश बाबु तेलेगु अभिनेता कृष्णा और इंदिरा के पञ्च बच्चों में चौथे हैं|

● 44 वर्ष का यह कलाकार साधारण से कपड़े पहन कर भी यह किसी भी अन्य भारतीय कलाकारों पर भारी पड़ने की क्षमता है ।

● यू तो महेश बाबू का परिवार पहले से ही तेलगू सिनेमा …

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गोल्डन गर्ल हिमा दास का जीवन परिचय और सफ़लता की कहानी | Hima Das Biography & Success Story

Hima Das Biography : भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम के एक छोटे से गाँव की १९ वर्ष की लड़की का नाम आज हर किसी की जुबान पर है. उसने कारनामा ही ऐसा कर दिखाया है, जो आज तक कोई भारतीय दिग्गज एथलीट नहीं कर पाया है.

मात्र १८ वर्ष की उम्र में World U-20 Championship 2018 में गोल्ड मैडल हासिल करने वाली पहली भारतीय एथलीट बनने के बाद उसने वर्ष २०१९ में १ माह के भीतर ५ विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में गोल्ड मैडल जीतकर अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया है.  

हम बात कर रहे हैं ‘Golden Girl‘ और ‘Dhing Express’ के नाम से मशहूर sprint runner हिमा दास (Hima Das) की. हिमा दास ने सीमित संसाधनों के साथ अपनी कड़ी मेहनत और जूनून से जो सफ़लता प्राप्त की है, वो काबिले तारीफ है. लेकिन सफ़लता की ये राह इतनी भी आसान नहीं थी. आइये विस्तार से जानते हैं – हिमा दास के जीवन, उनके संघर्ष और सफ़लता के बारे में :

Hima Das Biography In Hindi
Hima Das Biography In Hindi | Image Source – rediff.com

हिमा दास का संक्षिप्त परिचय | Hima Das Short Bio 

Name Hima Das हिमा दास 
Nick NameDhing Express, Golden Girl
Birth Date9 January 2000
Birth Place Dhing, Nagaon, Assam
NationalityIndian 
Father’s NameRonjit Das
Mother’s NameJonali Das
CoachNipon Das
Height167 cm (5 Ft. 6 Inch)
Weight52 Kg
OccupationAthlete, Sprint Runner

हिमा दास का जन्म और प्रारंभिक जीवन

हिमा दास (Hima Das) का जन्म ९ जनवरी २००० को असम (Assam) के नगाँव (Nagaon) जिले के ढींग (Dhing) कस्बे के कांधूलिमारी (Kandhulimari Village) नामक गाँव में हुआ था. ढींग गाँव की होने के कारण लोग उन्हें ‘ढींग एक्सप्रेस’ (Dhing Express) के नाम से भी पुकारते हैं.

हिमा के पिता का नाम रणजीत दास (Ronjit Das) है, जो एक कृषक है. वे मुख्य रूप से चांवल की कृषि करते हैं. माता जोनाली दास (Jonali Das) है, जो घर संभालने के साथ ही कृषि के कार्यों में हिमा के पिता का हाथ बंटाती है.

६ भाई-बहनों में हिमा सबसे छोटी है. १७ सदस्यों का उनका एक बड़ा परिवार है. परिवार का पूरा खर्च कृषि से होने वाली आमदनी से चलता था. ज़ाहिर है, कृषि की सीमित आय से इतने बड़े परिवार का पालन-पोषण इतना आसान नहीं था.…

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Late Lal Bahadur Shastri Quotes In Hindi | स्व. लाल बहादुर शास्त्री  के अनमोल विचार

Lal Bahadur Shastri Quotes In Hindi : स्व. लाल बहादुर शास्त्री भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री थे. एक साधारण परिवार में जन्में शास्त्री जी अपनी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिए जाने जाते थे. उनका प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल ९ जून १९६४ से ११ जनवरी १९६६ (मृत्यु) तक लगभग १८ माह का रहा. ‘गुदड़ी के लाल’ नाम से लोकप्रिय जाने वाले शास्त्री जी का प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल चुनौतीपूर्ण किंतु शानदार रहा. ’जय जवान जय किसान का नारा देते हुए उन्होंने किसानों के उत्थान की दिशा में कार्य किया. १९६५ के भारत-पाक युद्ध में पाक को करारी शिकस्त भी उनके कुशल और सशक्त नेतृत्व की छाया में ही संभव हो सकी. उन्हें मृत्युपरांत ‘भारतरत्न’ से नवाज़ा गया.

Lal Bahadur Shastri Short Bio

522297 - Late Lal Bahadur Shastri Quotes In Hindi | स्व. लाल बहादुर शास्त्री  के अनमोल विचार

NameLal Bahadur Shastri
Date Of Birth02/10/1904
Place Of BirthMughalsarai, Uttar Pradesh (India)
Father’s NameShri Sharad Prasad Srivastava
Mother’s NameRam Dulari Srivastava
SpouseLalita Shastri
Death11/01/1966
Achivement2nd Prime Misiter Of India, Bharat Ratna

Lal Bahadur Shastri Quotes In Hindi


1. Jai Jawan Jai Kisan

Lal Bahadur Shastri

जय जवान, जय किसान

लाल बहादुर शास्त्री


2. Every work has its own dignity and one gets satisfaction in doing every task to its full potential.

Lal Bahadur Shastri

हर कार्य की अपनी एक गरिमा है और हर कार्य को अपनी पूरी क्षमता से करने में ही संतोष प्राप्त होता है.

लाल बहादुर शास्त्री


3. The preservation of freedom, is not the task of soldiers alone. The whole nation has to be strong.

Lal Bahadur Shastri

 स्वतंत्रता का संरक्षण, केवल सैनिकों का कार्य नहीं है. पूरे देश को मजबूत होना होगा.

लाल बहादुर शास्त्री


4. True democracy or the swaraj of the masses can never come through untruthful and violent means.

Lal Bahadur Shastri

सच्चा लोकतंत्र या जन स्वराज कभी भी असत्य और हिंसक माध्यम से प्राप्त नहीं किया जा सकता है.

लाल बहादुर शास्त्री


5. The rule of law should be respected so that the basic structure of our democracy is maintained and further strengthened.

Lal Bahadur Shastri

विधि-शासन का सम्मान किया जाना चाहिए, ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना बरकरार तथा और भी मजबूत रहे.

लाल बहादुर शास्त्री


6. Those who govern must see how the people react to administration. Ultimately, the people are the final arbiters.

Lal Bahadur Shastri

जो शासन करते हैं, उन्हें यह अवश्य देखना चाहिए कि शासन के प्रति जनता की प्रतिक्रिया कैसी है. अंततः, जनता ही अंतिम निर्णायक हैं.

लाल बहादुर शास्त्री


7. That

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shayarisms4lovers June18 280 - The lovers point || me mila pyar 💖 – Vaishnavi Singh

The lovers point || me mila pyar 💖 – Vaishnavi Singh

Yaar hamesha yeh site par dukh bhari kahaniya aati hain toh qna meri rangeen mohabbat ko pesh kardu mujhe laga ki sab log sad wali story hi padte hain. Isliye aaj main khud apni kahani derahi hun .main khud ye THE LOVERS POINT
Ki ek shaqs hun mujhe bhi sabki tara cmt karna pasand tha…..

toh frnds aaj mai ap sabko apni love story batane ja rahi hu Jo iss site se hi start hui h…My name is vaishnavi my love name is Rohan jiska pura name sikander singh rohan h.. Ab story start karti hu.😊
Meri jab iss site pr entry hui toh mujhe iss site pr ek ladka nazar aaya jiske charje har tarf the har ladki ko usse pyar tha vo itna accha ki kya btau sabse pyar se BT karna sabki izzat karna nd kya bolu uske liye. Aur mai ek simple ladki jisko sirf story me interest tha aur 2 ya 3 frnd the jisee BT hoti thi but mai comment me sirf rohan ki shayri nd uske song padhne jati thi mujhe usse kab pyar hua pta hi ni chala aur kab mere dil ke karib aagya vo mn hi mn bas rohan rohan fir Maine iss hi site se apni jaan rohan ka no liya joki usko bhi nii pta tha ki uska no mere pass h aur fir Maine usko call ki but usne mujhse ye bol kar call cut ki papa ki call aa rahi h gussa toh mujhe bhut aaya but fir socha koi BT nii lekin fir Maine jab site pr rohan se bt karne ki koshish ki toh uska reply nii tab aur gussa aaya fir ro kar Maine umeed chord Di ki ab kabhi meri bt hogi ya kabhi mujhe uska pyar milega mere dimg me ek bt thi ki rohan mujhe pyar na bhi kare pr frndship hi karle kam se kam bt toh ho jayegi meri lekin kahan pta tha itni acchi kismat hogi meri…

Aur fir akhir vo din aa hi gya jab rohan ne mujhse bt ki itni happy thi uss din ki kya btau 8 Dec kitna special din h mere liye jis din meri aur rohan ki pure 1:30 ghante bt hui aur bas uss din pyar aur gehra hogya but Maine kabhi rohan ko nii btaya ki mujhe usse pyar h kuki mujhe dar tha ki agar rohan ko pta chala …

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shayarisms4lovers June18 248 - Khud Ko Khokar Tumhe Paya Part 1 – Sunny Yadav

Khud Ko Khokar Tumhe Paya Part 1 – Sunny Yadav

Ha mujhe yaad k ki wo mujhse junior thi 1 year naam ayesha height 5.3 aakhe black and baal jaise mujhe uljane k liye, Ladke Uske diwane  the hote bhi kyu na college me khubsurt koi tha to phli wo or dusri college ki diware mujhe yaad h kaisi wo sarfiri thi aap maan lo ki uske kisi baat ki parwah nhi thi beparwaah thi but mere case m wo bilkul alg thi pta nhi kyu but aisa he tha, mri mulakat  ush se freshers day par hui thk se yaad h mujhe white haa white colour ki dress pehni thi usne Or khubsurat lg bhi rhi thi kyuki wo thi he khubsurat hmari baate dekhkr logo ka laga hmare bich kuchh h….

But log galat the hmare bich bahot kuchh tha jo khas tha… Bus itna jaan lo jee bhar ke dekhne ka hak usne bus mujhe diya tha khas jo tha uske liye To freshers day pr wo paas aakr baith gyi or kehne lgi puri college mere pichhe h Or tm ho ki dekhte he nhi kya m itni buri hu… Mene kaha buri nhi bs swimming nhi aati Or dubna mai chahta nhi tmhari aankho m… Achha sach m Or usne apni julfe sawarate hue kaha koi nhi duboge bhi nhi or swimming sikhne ki bhi jarurat nhi h… Ha to ishi baat  to side rakh kr mene uske nail paints notice kiya or kaha tmhare hath kitne khubsurat h mere to chimpanzee jaise usne haste hue kaha nhi aisa bilkul nhi h…Usne btaya ki log kaise uske chehre k lye compliments dete aaye h but kisi ne nail paint k lye compliments nhi diya…

Tm bakio se alag ho mere liye or khas bhi.. Uski Tarif me kya kahu yaar sabki do aankhe he hoti h but uski aankho m mana ki sara jaha dikhta tha mujhe to mene thoda ruka Or bola plss tm ye julfe mt sawara kro mujhe ishq ka mariz bn ne ka shaukh nhi h Or ek compliments dete hue mene kaha bura na mano to kuchh kehna keh du… Usne kaha haa blo blo mene kaha aankhe tmhari pyari h to eye liner lgaya kro syd jbrjst lgo… Usne kaha kher mere pass to h nhi aisa kro tmhe mre lye le aana… Achha sa tmhare choice ka kyuki tmse best to m dhund nhi skti i mean eye
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मेरा कर्त्तव्य : घनश्यामदास जी बिड़ला का प्रेरक प्रसंग | Ghanshyamdas Birla Prerak Prasang

thequint%2F2018 06%2F7c0f8e00 5ff4 424f 923c 616d1218244c%2FGD Birla Mahatma Gandhi  Death Anniversary 2 - मेरा कर्त्तव्य : घनश्यामदास जी बिड़ला का प्रेरक प्रसंग | Ghanshyamdas Birla Prerak Prasang

Ghanshyamdas Birla Prerak Prasang: पद्म विभूषण से सम्मानित श्री घनश्यामदास जी बिड़ला भारत के अग्रणी औद्योगिक समूह बी.के.के.एम. बिड़ला के संस्थापक होने के साथ ही स्वाधीनता सेनानी भी थे. वे महात्मा गांधी के परम मित्र, परामर्शदाता और सहयोगी थे. यह प्रेरक प्रसंग उनके जीवन से जुड़ा हुआ है.

एक दिन की बात है. श्री घनश्यामदास जी बिड़ला (Ghanshyamdas Ji Birla) रोज़ की तरह कार से अपने ऑफिस जा रहे थे. वे कार की पिछली सीट पर बैठे हुए थे.

उस दिन ड्राईवर कार तीव्रगति से चला रहा था. उनकी कार जब एक तालाब के किनारे से गुज़री, तो वहाँ उपस्थित भीड़ के कारण कार की रफ़्तार धीमी करनी पड़ी.

श्री घनश्यामदास जी बिड़ला (Ghanshyamdas Ji Birla) ने भीड़ देखकर ड्राइवर से पूछा, “इतनी भीड़ कैसे जमा है यहाँ पर? कुछ हो रहा है क्या?”

“सर! लगता है कोई तालाब में डूब गया है.” ड्राइवर ने जवाब दिया.

ये सुनना था कि श्री घनश्यामदास जी बिड़ला ने तुरंत कार रुकवाई और झटके से कार उतर गए.

कार से उतरकर वे तालाब के पास पहुँचे. वहाँ उन्होंने देखा कि एक ८-९ वर्ष का बालक पानी में डूब रहा है. तालाब के आस-पास खड़ी भीड़ उसे बचाने के लिए चिल्ला रही है. लेकिन कोई उसे बचाने के लिए आगे नहीं बढ़ रहा हैं.

श्री घनश्यामदास जी बिड़ला ने कोट-पेंट और जूते पहने हुए ही तालाब में छलांग लगा दी. तैरकर उस बच्चे के पास पहुँचे और उसे बाहर निकाल ले आये.

वहाँ से वे बच्चे को लेकर सीधे अस्पताल पहुँचे. डॉक्टर ने बच्चे का प्रारंभिक उपचार करने के बाद उसकी जान ख़तरे से बाहर बताई. तब बिड़ला जी अपने ऑफिस गए. ऑफिस में उन्हें उस हालत में देखकर सारे कर्मचारी आश्चर्यचकित थे.

जब सबको पता चला कि बिड़ला जी ने एक बच्चे को डूबने से बचाया है, तो वे उनकी प्रशंषा करने लगे. बिड़ला जी ने उस प्रशंषा की ओर ध्यान न देकर बस इतना कहा, “ये तो मेरा कर्त्तव्य था.” और अपने केबिन की ओर बढ़ गए.

ऐसे थे श्री घनश्यामदास जी बिड़ला, जो मानवता और सेवाधर्म को अपना कर्त्तव्य मानते थे.…

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स्कूल में दो बार फेल होने वाले ने कैसे बनाई देश की सबसे बड़ी फ़ूड डिलीवरी कंपनी | Zomato Success Story

Deepinder Goyal Zomato Success Story In Hindi
Zomato Success Story In Hindi | Image Source : hindustimes.com

Deepinder Goyal Zomato Success Story In Hindi : जब भी किसी रेस्टोरेंट का खाना खाने का मन करे, तो हम मोबाइल उठाकर online food order कर देते हैं और कुछ ही समय में हमारा मनपसंद खाना हमारे घर पर होता है. सब कुछ कितना आसान है, क्यों? क्योंकि Zomato है ना!

जीहाँ दोस्तों आज के दौर में घर बैठे food order करना बहुत आसान हो गया है और ऐसा होने के पीछे Zomato का बहुत बड़ा हाथ है. अपने ऑफिस के कैफेटेरिया में ऑफिस के स्टाफ की समस्या का समाधान करने का एक छोटा सा आईडिया दीपेंद्र गोयल (Deepender Goyal) के दिमाग में आया और उस आईडिया ने zomato media pvt ltd company को जन्म दे दिया. इसमें उनके साथी रहे co-founder पंकज चड्ढा (Pankaj Chaddha).

दीपेंद्र गोयल (Deepinder Goyal) ने किस तरह zomato को सफ़लता की बुलंदियों तक पहुँचाया, आइये जानते हैं zomato success story में :

दीपेंद्र गोयल का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

दीपेंद्र गोयल का जन्म पंजाब (Panjab) के मुत्तसर (Muktsar) जिले में हुआ था. उनके माता और पिता दोनों ही शिक्षक थे. लेकिन शिक्षक परिवार से संबंधित होने के बावजूद दीपेंद्र कक्षा छटवीं तक पढ़ाई के प्रति गंभीर नहीं थे. छटवीं कक्षा में फेल होने के बाद उनकी आँखें खुली और उन्होंने पढ़ाई के प्रति अपने नज़रिए में परिवर्तन किया. हालांकि राह इतनी भी आसान नहीं थी.

आठवीं में शिक्षक के द्वारा सारे उत्तर बताये जाने के कारण वे कक्षा में प्रथम आ गए. ९वीं और १० वीं में उनका रिजल्ट अच्छा रहा, जिससे उनके आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी हुई. लेकिन १०वीं के बाद चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल में दाखिला लेने के बाद वे फिर से फेल हो गए. जैसे-तैसे उन्होंने अपना आत्मविश्वास बटोरा और दिल लगाकर पढ़ाई करने लगे. फलस्वरूप १२वीं के बाद उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर आईआईटी दिल्ली में प्रवेश ले लिया.

२००५ में IIT Delhi से दीपेंद्र ने ‘मैथ्स एंड कंप्यूटिंग’ में इंटीग्रेटेड एमटेक (Integrated M. Tech. In Mathematics And Computing) की डिग्री हासिल की. एमटेक की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्हें Bain & Company में consultant की जॉब मिल गई. २००७ में उन्होंने कंचन जोशी से शादी कर ली, जो आईआईटी दिल्ली में उनकी सहपाठी थीं.

Foodiebay.com की शुरूवात

अच्छी जॉब के बाद भी दीपेंद्र संतुष्ट नहीं थे. उनका दिमाग हर वक़्त business ideas के बारे में सोचा करता था. एक दिन उन्हें अपने ऑफिस के …

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shayarisms4lovers June18 272 - Hindi Stories | घरु

Hindi Stories | घरु

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घरु | Hindi Stories

परितोष तेजवानी घर में आते ही सबसे पहले अपने पिता जगमोहन तेजवानी के पास आया| जगमोहन  तेजवानी 83 वर्ष के विधुर वृद्ध थे| सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त, परितोष भी प्रोढ़ अवस्था में आ चूका था और एक नामचीन पत्रकार है|

{जगमोहन  अपने कमरे में अपनी कुर्सी पर बैठे नित्य की भांति अपने ही विचारों में लीन है| धीमी आवाज़ में मल्लिका पुखराज के गाने चल रहे हैं}

परितोष ने अपने पिता के हाथो को अपने हाथों से नरमी के साथ पकड़ा और बोला “पापा जी”| जगमोहन का ध्यान भंग हुआ और पुत्र को देखकर एक हलकी सी मुस्कराहट अपने चहरे पर बिखेर दी| चेहरे की झुर्रियों में भी जगमोहन आँखे उनकी मुस्कान की गवाही दे रही थी|

परीतोश की आँखों में चमक थी उसने उत्साह से कहा “पापा तयारू कर लो, हम घरु जायेंगे”(पापा तैयारी कर लो हम घर जायेंगे)

जगमोहन एकदम से चंचल हो उठा और बोला “क्या जामपुर?”

परितोष ने जोर देकर कहा “हाँ, टहु दिहुं बाद” (हाँ तिन दिन बाद)

जगमोहन ने संक्षिप्त उत्तर दिया “ठिकू” (अच्छा है) और अपनी कुर्सी से सर टिका कर आँख बंद कर ली|

परितोष कुछ देर और अन्य प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में बैठा रहा फिर उठकर बाहर चला गया|

जगमोहन  पुरानी यादों में चला गया था शायद|

आज से कोई 70 साल पहले की बात होगी जब भारत की स्वतंत्रता के साथ ही विभाजन भी हो गया था| विभाजन रेखा के दोनों तरफ ही बड़ा कत्लेआम और विस्थापन हुआ था| जगमोहन तेजवानी का परिवार सिन्धी परिवार था|

जगमोहन के पिता का पंजाब के राजनपुर जिले के जामपुर क़स्बे में तम्बाकू का व्यापार था| “जामपुर” “सुलतान पहाड़ीयों” और “सिन्धु नदी” से बनी मनोरम वादियों में बसा पंजाब, पकिस्तान की सीमा पर सिंध से सटा क़स्बा था|

तीन भाई-बहनों में बहन सबसे बड़ी थी, एक और छोटा भाई था| माता पिता के साथ ही जगमोहन के दादा दादी भी रहते थे| दूकान के साथ ही घर था| कुछ जमीन जायदाद भी बना रखी थी|

विभाजन के समय जब कत्लेआम शुरू हुआ तो जगमोहन का परिवार भी उस आग की चपेट में आ गया| अपने पुरे परिवार में से बस जगमोहन ही वापस आ पाया था भारत| भारत में जगमोहन को उसकी बुआ ने पाला था| जगमोहन के फूफा सरकारी नौकरी में थे|

विभाजन के समय सरकारी नौकरी वालो की तो अदला बदली दोनों तरफ की सरकारों ने कर ली थीं लेकिन जो किसान या व्यापारी थे वो आग के …

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shayarisms4lovers June18 79 - Uske wade kamjor nikle– Rajan meena

Uske wade kamjor nikle– Rajan meena

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Mera name rajan ha me dholpur bari ka rahne wala hu.mene abi 10 class ke exam diye ha .aaj me pahle baar apni love story apko batane ja raha hu .ye us time ki baat ha jab me pahle baar apne pyaar se mila uska name sajiya ha .or wo ak mushlman ha .or me ak hindu mene usse uski sundarta se pyaar nahi kiya .balki uski achai ko dekh kar usse pyaar kiya .uski ye achi aadat thi ki wo dusro ki help kiya karti thi .bale hi wo dost ho ya nahi .sab ki help karti thi .muje uski yahi aadat achi lagi .ham tushan par sath reading karte the .deere deere me usse pyaar karne laga .ak din mene usse i love you .kah diya .wo janti thi ki me use love karta hu .usne mujse i…l…y..2 kaha .fir kya me bari uske liye tushan jaldi jaya karta tha .wo bhi jaldi aa jaya karti thi .ham do no pass _ pass bedte .wo muje love letter diya karti thi me .me bhi uska reply kiya karta tha love letter de kar .me uske piche piche jaya karta tha .wo mujse kuch nahi kahti thi .kyu ki wo mujse pyaar kati thi .deere deere exam paas aa gai par mene exam ki teyari kar rakhi thi usne bhi kar rakhi thi .ham do no ke exam katam hue or fir ham do no fir se milne ka promise kiya .or marriage karne ka bhi .aaj bhi ham do no ak dusre bahut pyaar karte ha .. I love you sajiya ………..

Mere friends .apse ak request ha ki mere is love story ko ascribe karna na bule …ese … F.b,tweets,youtube par sear kar .plzzz friends.

Hy friends mera name rajan ha .me bari(dholpur) ka rahne wala hu … aj fir me apke samne apni kuch din pahle ki baate ( story) apko sunana chahta hu… par usse pahle meri pahle wali story pad lijiye ..kyuki ki ye us ladki ke bare me ha jiska zikar me apse pahle es story me kar chuka hu …
So friends start karte ha ye us 15/7/19 ki baat ha me uske bhai se kuch ke bahane se uske gar pahucha …kyuki wo ab padai nahi kar rahi thi … kyuki wo 10th class me 2 baar fail ho chuki thi ….

esliye uske gar walo ne uuse padane se enkar …

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Ye pyar nahi to Kya hai 2 – Raj

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Hi I am Raj ye Mera new story hai aasa katha hu apne Meri paheli  3 story padhi hogi.
Ye Meri ek friend ki story hai jiska naam varun hai  name changed) 2010 ki bat hai jab hamare ghar shifting chal raha tha hum ek new ghar me the. Acha lagta  tha wana pe. Ek din kuch aisa huya mene sojcha bhi nahi tha ki aisa hoga.Subha mene ek ladki ko dekha bahut cute thi.

Mujhe wo bahot achi lagi. Mujhe baad me ye pata chala ki wo meri choti  behen  ki best friend hai. Humara ghar paas me hi tha. Wo hamesa padhane hamare ghar aaya karti thi. Mujhe use dekhane me or uske saath khelne  me maja aata tha. Kuch din baad mene use apne dil ki bat bata di. But usne bola uska pehle se ek bf hai. Mujhe acha nahi laga aur mai gum sum sa rehene lag gaya.

Meri behen ko jab ye pata chala to ho usa apni friend se pucha to usne sab bataya . Meri sister ne mujhe bahut samjhaya. 2 mahine bad sab pahele ki tarha ho gaya wo ladki padhne aati mai uske saath thoda flirt karta maja aata tha life aise hi ja rahi thi. Fir mere 12th me marks ache aaye to college me admission le liya aur ab college ke pas ham ek new ghar me shift ho gaye. us time mere paas phone nahi tha. Uske paas papa ka no. tha hamari  kabhi kabhi baat hoti thi. Kuch dino baad hum aise busy huye ki baat karne ka time na milta tha. us ladki ko ye sab acha nahi laga or tab use pata chala ki itane dino humare beech me jo tha ho pyar tha. Hum dono  miss kart the ek dusare ko.

Kuch din baad hum dono ne phone liya or raat raat baat karte or din ko padhai me lag jate pata nahi ye kab tak chalega ye hume nahi pata hamare pariwar wale manege ya nahi kyuki hum dono alag relation se hai god kare ki hum ek ho Jaye thanks.…

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