Raksha Bandhan Wishing Script Website Blogger Par Kaise Create Kare

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Raksha Bandhan Wishing Script Website Kaise Banaye Blogger Par Isko Banane Ka Fayda Aur Kyu Banaye Script Par Analytic Aur Adsense Ads Code Kaise Lagaye In Sabki Puri Jankari Apko Yaha Par Milegi.

आप सभी पाठकों का मेरे ब्लॉग पर बहुत-बहुत स्वागत है आज मै आप सबको बताने वाला हु की किस तरह से Raksha Bandhan Wishing Website बनाया जाता है।

Raksha Bandhan Wishing Website बनाने के 2 तरीके है:

1. Hosting Buy करके अपने Hosting Website पर Script Upload कर देना।

2. Blogger Website पर Script Upload कर देना।

मै आपको यहा पर 2nd Method बताने वाला हु जो है Blogger पर Script Upload करके Raksha Bandhan Wishing Website बनाना। अब आपके मन में सवाल तो जरूर आया होगा कि मै यहा पर 1st method क्यों नही बता रहा हु तो इसका सबसे बड़ा कारण है कि जब आप Hosting Buy करोगे तो आपको पैसे लगेंगे। अगर अपने कुछ पैसे खर्च करके hosting buy कर भी लिया तो जब आपकी Raksha Bandhan Wishing Website वायरल होगी तब उसपर Real Time पर इतना Traffic होगा कि आपकी website बंद हो जायगी और आपको ज्यादा पैसे खर्च करके महंगी Hosting buy करनी पड़ेगी और domain भी अलग से खरीदनी पड़ेगी।

ब्लॉगर पर Raksha Bandhan Wishing Website बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपकी website पर जितना भी Real Time Traffic यह जाए आपकी website कभी भी बंद नही होगी और आप चाहो तो Domain Buy कर भी सकते या Blogger का subdomain का ही उपयोग कर सकते है। आप चाहे तो Free में भी 1 वर्ष के लिए Domain ले सकते हैं।

Raksha Bandhan Wishing Website में क्या-क्या Edit करे

आपको Raksha Bandhan Wishing Website पर कुछ Edit करके Changes कर लेना।

1. Google Analytic Tracking Code
2. Google Adsense Ads
3. Website Url

मै आपको नीचे कुछ step बता रहा हु जिसकी मदद से आप आसानी से Script पर इन चीज़ों को changes कर लेंगे।

1. Google Analytic Tracking Code

सबसे पहले आपको मेरे दिये हुए Script को Download करना होगा। अगर आप अपने Smartphone पर Script edit करना चाहते है तो Quick Edit App पर अपने Script को ओपन कर ले और आप अपने Computer/Laptop से Script edit करना चाहते है तो किसी notepad पर Script को open कर ले।

* अब आपको अपने Raksha Bandhan Wishing Website के लिए Analytic Account Create करना होगा और आपको एक Google Analytic Track Code Milega उस Tracking Code को …

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true story

true story – एक शहीद का परिवार

true story – एक शहीद का परिवार

जीवन और मरण यही तो सच्चाई है दुनिया का. कुछ नहीं कर पाते इस जीवन का. हलचल भरा यह जीवन एकदम शांत हो जाता है. यह ना तो किसी को आने की खबर देती है न समझने का मौका. न आगे का भविष्य देखता है और ना पीछे छूटे परिवार. रोते-बिलखते बूढ़े माँ-बाप, चूड़ियाँ तोड़ती जवान बीवी और वह बच्चा जिसको अपने पापा का नाम भी नहीं पता. जो बड़ा होकर केवल दिवाल पर लगी तस्वीर देख पायेगा.

एक चहकती हुई जिन्दगी 2 पल में एक सुनसान रेगिस्तान बन गया. जिसपर कितना ही बरसात हो जाये सुखा ही रहेगा. ना तो सावन उस पर मरहम लगा पायेगा और ना ही दो पल के लिए आने वाले मुसाफिर.

बूढी हो चुकी माँ, दरवाजे पर निगाहे गड़ाये बैठी है, आखें देख नहीं पा रही है, दिल मान नहीं रहा है, इसी रास्ते तो आता है वह. जरुर आएगा. ऐसे कैसे चला जाएगा अपनी माँ को छोड़ कर. यही तो आता था. माँ-माँ कह कर गले से चिपक जाता था. तो अब क्यों नहीं आ रहा. कहाँ है मेरा बच्चा. माँ हूँ न मैं पहले मेरे पास ही आएगा. आँखों से टपकती धारा कलेजे को पिस रहा है. कौन समझता उस बूढी मा को अब कभी नहीं आएगा वो.

आंसू को अंदर ही पिने वाला बाप का सीना फटा जा रहा है. हिलते डंडे का सहारे चलते बाप. अपने बुढ़ापे की लाठी खो दी. जिसके कंधे पर जाने की आस थी उसे कन्धा देना पड़ा. कहाँ है वो जो बोलता था मैं हूँ पापा आपके  का सहारा. जो मेरा सीना था, जो मेरा हिम्मत था, ताकत था सब ले गया. क्या करू इस शारीर का. ना घर में रो सकता और ना बाहर रह सकता. कभी घर में आते है कभी बाहर जाते है. क्या ढूंड रहे वह पता नहीं. लडखडाती लाठी और लडखडाते पैर शरीर जर्जर. चलने की हिम्मत नहीं रह गई.

true story – पागल हुई पत्नी

तस्वीर को निहारती पत्नी. एक जिन्दा लाश है. सारे सपने, सपने हो गये. ना वर्तमान का पता, ना भविष्य का. अँधेरा ही अँधेरा हो गया. कितने सपने देखे थे साथ में. अपने साथ ले जाने का भी तो वादा किया था. तो क्यों अकेला छोड़ चले गये. किसके सहारे? एक पल तो जी किया आपके चिता पर बैठ मैं भी सती हो जाऊ. आप ही नहीं रहे तो मेरा क्या अस्तित्व”. उसके आँखों से निकलती आसुंओ की …

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दूसरों की मदद कीजिये : Help Others Story in Hindi

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Help Others Story in Hindi

अजीत आज बहुत खुश था। बहुत दिनों बाद दिवाली की वजह से ऑफिस से 3 दिन की छुट्टी मिली थी। अजीत ने परिवार सहित कहीं बाहर खाने का प्लान बनाया। धर्मपत्नी ने भी घर का सारा काम काज आज जल्दी ख़त्म कर लिया और बेटे को भी तैयार कर दिया। घर में एक कार थी, यूँ तो पुरानी थी पर अजीत अपनी तनख्वा में नई ले भी नहीं सकता था।

तीनों लोग कार में बैठ कर फूले ना समा रहे थे, आखिर बड़े दिनों के बाद कहीं साथ साथ घूमने जो जा रहे थे। अजीत ने एक Hotel के पास गाड़ी रोकी। सारे लोग Hotel के अंदर जाकर बैठ गए। Waiter खाने का आर्डर लेने आया, अजीत ने ऐसे ही खिड़की से बाहर झाँक कर देखा, तुरंत वो उछलकर बाहर की ओर भागा और पीछे पीछे श्रीमती भी भागती नजर आई।

वहाँ बैठी एक वृद्ध महिला ये सब देख रही थी, वो भी भागकर बाहर गयी कि आखिर हुआ क्या?

बाहर जाकर देखा तो अजीत की कार को गलत जगह खड़ी करने की वजह से पुलिस ने ट्रक में डाल लिया और लेकर जाने लगे। अब बेचारा अजीत बार बार अपने किसी जानकर को फोन लगा रहा था, लेकिन शायद बात नहीं हो पा रही थी। सारी ख़ुशी का माहौल टेंशन में बदल गया जो अजीत और उसकी पत्नी के चेहरे पे साफ़ देखी जा सकती थी।

बूढ़ी औरत ने कुछ सोचकर पुलिस वालों से पूछा कि इस कार को वापस देने का कितना पैसा लोगे? पुलिस वाला रौब दिखाकर बोला- यहाँ गाड़ी लगाना सख्त माना है फिर भी पता नहीं जाहिल लोग यहाँ क्यों लगाते हैं? पूरे 8000 rs. लगेंगे। बूढ़ी औरत वापस होटल में गयी और अपना पर्स लेकर आई और 8000 rs. निकाल कर पुलिस वाले को दे दिए।

अजीत तो जैसे निरुत्तर और अवाक् हो गया, उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि उस औरत का कैसे धन्यवाद दे। अजीत उस औरत से बोला- आँटी मैं आपको पैसे नहीं दे सकता, मेरी समझ में नहीं आ रहा कि आपका अहसान कैसे उतार पाउँगा? बूढ़ी महिला ने कहा- मैंने कोई अहसान नहीं किया है, और तुम्हें कुछ करने की जरुरत नहीं है बस एक वादा करो कि कभी किसी परेशान देखो तो उसकी मदद करने पीछे मत हटना।

ये सुनकर जैसे अजीत का मन ही बदल गया सोचा मैं दिन भर लोगों की कमियाँ ही गिनता रहता हूँ, मैंने कभी किसी …

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कैसे छोड़ें बुरी आदतें Bad Habits in Hindi

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Get Rid of Bad Habits in Hindi

एक बार की बात है, किसी दूर गाँव में एक किसान रहता था जिसका एक बेटा था। यूँ तो वह बहुत धनी था लेकिन किसान अपने बेटे की कुछ गन्दी आदतों से बहुत परेशान था, बहुत प्रयासों के बाद भी उसका बेटा बुरी आदतों को छोड़ने को तैयार नहीं था। धनी किसान बेटे को एक ऋषि के पास ले गया और ऋषि को सारी बात बताई।

ऋषि ने किसान को विश्वास दिलाया कि वह उसके बेटे की सारी गन्दी आदतें छुड़ा देंगे। ऋषि बेटे को लेकर एक जंगल में गए वहाँ बहुत सारे पेड़ पौधे थे।

ऋषि ने बच्चे से कहा जाओ एक छोटा नन्हाँ पौधा तोड़ के लाओ। बच्चा गया और बड़ी आसानी से एक छोटा पौधा तोड़ लाया। फिर ऋषि ने कहा- शाबाश, अब एक थोड़ा बड़ा पौधा उखाड़ कर लाओ।

लड़का गया और एक बड़ा पौधा उखाड़ने की कोशिश करने लगा, उसने पूरी ताकत लगायी और पौधा जड़ सहित उखड़कर हाथ में आ गया। ऋषि ने कहा- ठीक है, अब ये एक अमरुद का पेड़ उखाड़ के दिखाओ।

लड़का ख़ुशी ख़ुशी भाग के गया और फिर पूरी ताकत से पेड़ उखाड़ने में लग गया, लेकिन ये क्या पेड़ हिला तक नहीं, बच्चे ने फिर से पूरी ताकत लगायी लेकिन फिर असफल, कई बार प्रयास करके वो थक गया और ऋषि से बोला- इसको उखाड़ना तो असंभव है ।

अब ऋषि ने बच्चे को समझाया- ये पौधा, तुम्हारी बुरी आदतों की ही तरह है। जब पौधा छोटा था तो कितनी आसानी से तुमने इसे उखाड़ फेंका लेकिन थोड़े बड़े पौधे को उखाड़ने में कितनी मुश्किल हुई और जब एक बड़े पेड़ को उखाड़ने की कोशिश की तो असंभव हो गया।

इसी तरह बुरी आदतों को अगर शुरुआत में ना छोड़ो तो फिर आगे चल कर ये बड़े पेड़ का रूप ले लेतीं हैं और उनको फिर छोड़ना असंभव हो जाता है। बच्चे को बात समझ में आ गयी और उसने उसी दिन से अपनी सभी गन्दी आदतों को छोड़ने का फैसला ले लिया|

मित्रों अक्सर समाज में देखा जाता है कि बहुत सारे लोगों में बुरी आदतें होती हैं- जैसे धूम्रपान(Smoking), नशा, गुस्सा, स्वार्थ, घमंड, चोरी आदि और काफी लोग इन गन्दी आदतों से छुटकारा भी पाना चाहते हैं लेकिन वो चाहकर भी नहीं छोड़ पाते क्यूंकि उनकी ये अादतें पेड़ का रूप ले चुकीं हैं जिनको उखाड़ना अब असंभव सा प्रतीत होता है। तो दोस्तों, बुरी आदतों को पेड़ ना …

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