shayarisms4lovers June18 238 - Two Line Shayari on love in Hindi Language – 2 Line Love Shayari Collection

Two Line Shayari on love in Hindi Language – 2 Line Love Shayari Collection

You can read best Two Line Shayari on love in hindi Language from all popular shayar  like Gaalib, Gulzar, Sagar Read Two line shayari on love यह दिल की अपनी दुनिया है यह समझ किसी के आए ना मैंने ये दुआ हरदम माँगी कोई छोड़ किसी को जाए ना। तुम याद करो तक्दीर क हाँ हम भूल सकें हो सकता नहीं महफिल की छोड़ो बात ही कया अब तन्हा भी रो सकता नहीं। इस बात का दिल को यकीं है मेरे तुझे अपना बनाऊँगा मैं कभी भले आज नहीं यह कल होगा तेरे दिल को भाऊँगा मैं कभी। जब सामने तुम आ जाते हो। खुद को मैं भूल ही जाता . हैं लाखों बातें क हने को जाने क्यों कह नहीं पाता हूँ। जैसे मैं तड़ पता हूँ तुम बिन क्या तुझको याद नहीं आती ले आए तुझको पास मेरे क्यों ऐसी रात नहीं आती। देखा भी नहीं सोचा भी नहीं बस तुझसे मुहब्बत कर बैठे अब बात खुदा पे छोड़ ये दी हम जी बैठे या मर बैठे। भूलना तो चाहा था मगर भुला नहीं पाया मैं कभी अपनी खुशी की खातिर किसी को रूला नहीं पाया मैं कभी। तू अपने बारे सोच जरा ये जीवन युना गुजर जाए रखना […]

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shayarisms4lovers mar18 71 - यह इश्क़ वाले हैं जो हर चीज़ लूटा देते हैं – ग़ालिब

यह इश्क़ वाले हैं जो हर चीज़ लूटा देते हैं – ग़ालिब

यह इश्क़ वाले अक़्ल वालों के मुक़द्दर में यह जूनून कहाँ ग़ालिब यह इश्क़ वाले हैं जो हर चीज़ लूटा देते हैं …. Yeh Ishq Wale Aqal Walon ke Muqaddar mein Yeh Junoon Kahan Ghalib, Yeh Ishq Wale hain Jo Har cheez Luta Deta Hain….. ज़ाहिर है तेरा हाल ग़ालिब न कर हुज़ूर में तू बार बार अरज़ ज़ाहिर है तेरा हाल सब उन पर कहे बग़ैर Zaahir Hai Tera Haal Ghalib na kar huzoor mein tu bar bar arz, Zaahir hai tera haal sab un par kahe baghair !! वो आये घर में  हमारे यह जो हम हिज्र में दीवार-ओ -दर को देखते हैं कभी सबा को कभी नामाबर को देखते हैं वो आये घर में  हमारे , खुदा की कुदरत है कभी हम उन को कभी अपने घर को देखते हैं नज़र लगे न कहीं उसके दस्त-ओ -बाज़ू को ये लोग क्यों मेरे ज़ख्म-ऐ -जिगर को देखते हैं तेरे जवाहीर-ऐ- तरफ ऐ-कुलाह को क्या देखें हम ओज-ऐ-ताला- ऐ-लाल-ओ-गुहार को देखते हैं Wo Aaye Ghar Mein Hamaare Ye jo ham hijr mein diivaar-o-dar ko dekhate hain kabhii sabaa ko kabhii naamaabar ko dekhate hain Wo aaye ghar mein hamaare, Khudaa kii kudarat hai kabhii ham un ko kabhii apane […]

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shayarisms4lovers mar18 29 - Dil ka dard original shayari made by aacky | Latest hindi Shayari

Dil ka dard original shayari made by aacky | Latest hindi Shayari

Dil ka dard original shayari made by aacky | Latest hindi Shayari video dil ka dard dikana ni cahate, kisi ko kuch batana ni cahate, dil me jo aag jal rahi hai, use bi bujana ni cahate, smma ki sama ronak rahe, usko bi to mitana ni cahate, bus jalte rahe unhi unki yaad me, jinhe hum bulana bi ni cahate, jal jal ke katam ho jaaye caahe, par usko ruswa karna bi nahi cahate, bus dard ko awaj bana ke, sab tak bus pahucaana cahate………….. (from bottom of my heart)….. ============================================= mere ko gam tha, to kya tere ko bi gam tha, agar tha bi to kya mera gam tere gam se kam tha, tha dono ko gam, na kisi ko jayada na kisi ko kam tha, iska kya pata kisko kya gam tha par tha jo bhi wo dono ko kam tha, jo bi gam tha usko sunke ankho ka hona tay nam tha, mere ko gam tha, to kya tere ko bi gam the mera gam kya tere gam se kam tha, mere ko gam tha, mere ko gam tha….. ================================================ Jab apne hi karne lage dohke, Fir kya karu roke, Usse bi to kuch ni hoga, […]

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दुःख दे कर सवाल करते हो – उर्दू शायरी

दुःख दे कर सवाल करते हो , तुम भी ग़ालिब ! कमाल करते हो .. Dukh Day Kar Sawaal Kartay ho, Tum Bhe GHAALiB ! Kamaal Kartay ho.. यह हम ही जानते हैं जुदाई के मोड़ पर , इस दिल का जो भी हाल तुझे देख कर हुआ .. Yeah hum hi jantey hain judaai ke mod par, Is dil ka jo bhi haal tujhe dekh kar hua.. क्या ज़रूरी है के हम हार के जीतें, ताबिश इश्क़ का खेल बराबर भी तो हो सकता है… Kia Zaroori Hai Ke Hum Haar Ke Jeetien Tabish Ishq Ka Khel Baraber Bhi To Ho Sakta Hai… तुम आज हँसते हो हँस लो मुझ पर ये आजमाइश न बार बार होगी मैं जनता हूँ मुझे खबर है के कल फ़िज़ा खुशगवार होगी . Tum Aj Hanste Ho Hans Lo Mujh Par Ye Ajamaish Naa Bar Bar Hogi Main Janta Hun Mujhe Khabar Hai Ki Kal Faza Khushgawar Hogi. लगा न दिल को क्या सूना नहीं तूने , जो कुछ के मीर का इस आशिक़ी ने हाल किया .. Laga na dil ko kya sunaa nahin tu ne, Jo kuch ke Meer ka is aashqi ne haal kiya.. इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ है , […]

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shayarisms4lovers June18 176 - Ahmad Faraz Shayari – Akele To Hum Pehle Bhi Jee Rahe The

Ahmad Faraz Shayari – Akele To Hum Pehle Bhi Jee Rahe The

अकेले तो हम पहले भी जी रहे थे “फराज़” क्यों तन्हा हो गए तेरे जाने के बाद प्यार में एक ही मौसम है बहारों का  “फ़राज़” लोग कैसे मौसमो की तरह बदल जाते है वहां से एक पानी की बूँद न निकल सकी तमाम उम्र जिन आँखों को हम झील देखते रहे जिसे भी चाहा है शिदद्त से चाहा है सिलसिला टुटा नहीं दर्द की ज़ंज़ीर का वो जो शख्स कहता रहा तू न मिला तो मर जाऊंगा वो जिन्दा है यही बात किसी और से कहने के लिए कुछ ऐसे हादसे भी ज़िन्दगी में होते है  “फ़राज़“ इंसान तो बच जाता है पर ज़िंदा नहीं रहता   ऐसा डूबा हूँ तेरी याद के समंदर में दिल का धड़कना भी अब तेरे कदमो की सदा लगती है एक ही ज़ख्म नहीं सारा बदन ज़ख़्मी है दर्द हैरान है की उठूँ तो कहाँ से उठूँ तुम्हारी दुनिया में हम जैसे हज़ारों है हम ही पागल थे की तुम को पा के इतराने लगे तमाम उम्र मुझे टूटना बिखरना था  “फ़राज़” वो मेहरबाँ भी कहाँ तक समेटा मुझे शायरी – अहमद फ़राज़ Akele To Hum Pehle Bhi Jee Rahe The “Fazar“ Kyon Tanhaa Ho Gaye Tere Jane Ke Baad Pyar Mein Ek Hi […]

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shayarisms4lovers June18 20 - कर के इज़हार-ऐ-मोहब्बत बेपरवाह हो जाते हैं लोग

कर के इज़हार-ऐ-मोहब्बत बेपरवाह हो जाते हैं लोग

राह -ऐ -जूनून फ़ना न कर अपनी ज़िन्दगी को ऐ इंसान राह -ऐ -जूनून में तब करेगा इबादत जब गुनाह करने की ताक़त न होगी Raah-ae-Junoon Fana na kar apni zindagi ko ay jawan raah-e-junoon main. Tab karega ibadat jab gunnah karne ki taqat na hogi क्यों बेवफा हो जाते हैं लोग हँसते हैं यूँ ही हंस कर रुला जाते हैं लोग मिलते हैं यूँ ही मिल कर जुदा हो जाते हैं लोग पल दो पल की मोहब्बत को उम्र भर का साथ न समझना मुहबत भी करते हैं और खफा भी हो जाते हैं लोग .   नसीब में प्यार न था जो मुझे मिला ही नहीं . कर के इज़हार-ऐ-मोहब्बत बेपरवाह हो जाते हैं लोग . अब किस से करें शिकवा अपनी किस्मत का . कर के वादे वफ़ा क्यों बेवफा हो जाते हैं लोग Kyon bewafaa ho jate hain log Hanste hain yun hi hans kar rula jate hain log Milte hain yun hi mil kar juda ho jate hain log Pal do pal ki Mohabbat ko umar bhar ka sath na samjhna. Muhabat bhi karte hain or khafaa bhi ho jate hain log. Naseeb mein pyar na tha jo mujhe mila hi nhi. Kar ke izhaar-ae-Mohabbat […]

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Mirza Ghalib – मिर्ज़ा ग़ालिब

तू तो वो जालिम है तू तो वो जालिम है जो दिल में रह कर भी मेरा न बन सका , ग़ालिब और दिल वो काफिर, जो मुझ में रह कर भी तेरा हो गया.. हजारों ख्वाहिशें हजारों ख्वाहिशें ऐसी की हर ख्वाहिश पे दम निकले बहुत निकले मेरे अरमान , लेकिन फिर भी कम निकले.. खुदा की कुदरत वो आये घर में हमारे , खुदा की कुदरत है कभी हम उन्हें कभी अपने घर को देखते है.. जहाँ खुदा नहीं है पीने दे शराब मस्जिद में बैठ के , ग़ालिब या वो जगह बता जहाँ खुदा नहीं है.. यूं होता तो क्या होता हुई मुद्दत के ग़ालिब मर गया, पर याद आती है जो हर एक बात पे कहना की यूं होता तो क्या होता.. इश्क़ पर जोर नहीं इश्क़ पर जोर नहीं , यह तो वो आतिश है,  ग़ालिब के लगाये न लगे और बुझाए न बुझे.. आह को चाहिए एक उम्र आह को चाहिए एक उम्र असर होने तक कौन जीता है तेरी जुलफ के सर होने तक हमने माना की तग़ाफ़ुल न करेंगे लेकिन खाक हो जायगे हम तुम्हे खबर होने तक आशिक़ी सब्र -तलब और तमना बेताब दिल का  क्या रंग करू, खून-ऐ-जिगर होने तक

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shayarisms4lovers mar18 205 - Top 20 Mirza Ghalib Shayari in Hindi & Urdu – Best Ghalib Shayari

Top 20 Mirza Ghalib Shayari in Hindi & Urdu – Best Ghalib Shayari

Ghalib Shayari Are The Most Demanding Shayaris As Compared to other Urdu Shayari Writers.  Mirza Ghalib is great Shayari Writer. Mirza Ghalib writes All type Of Shayaris. Many People finding Bewafa Shayari By Ghalib, Love Shayari by Ghalib, Ghalib Shayari on Isaq or Many other types of Shayaris by Ghalib. So We Collect Top 20 Best Ghalib Shayari and Ghazals of Ghalib For you. Everyone Who Is Finding Ghalib Shayari In Urdu Or Hindi Can Read This Post Fluently And Can Share best Ghalib Shayaris With Any of Ghalib Shayari Lover Or Your Social Network. We Hope You Like Collection Of Best Ghalib Shayaris. Ghalib Shayari In Hindi Kon kehtaa hai rooh kii Koi khawish nahi.. Jab sanse thii tab Koi azmaish nahii.. Toota hai armaan un awazon ke Liyee.. Jinke naseeb me jeene kii Koi numaish hi nahi… ** Ghalib Shayari Urdu ** Hum Aah Bhii Bharte Hai To Ho Jate Ha Badnamm… Or Vo Katall Bhi Karte Hai Too Charcha Nahi Hotaa… ** Hindi Shayari by Ghalib ** Dard See Hath Naa Milate To Kya Krtee Gum Ke Aanso Na Bahate To Kya Karte Unhoone Kii Thi Roshni Kii Umeed Humse Khud Ko Naa Jalate Toh Kya Krtee ** Poetry By Ghalib ** Jisne Haq […]

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shayarisms4lovers mar18 199 - बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब’ – Best Collection of “Ghalib”

बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब’ – Best Collection of “Ghalib”

खुदा के वास्ते खुदा के वास्ते पर्दा न रुख्सार से उठा ज़ालिम कहीं ऐसा न हो जहाँ भी वही काफिर सनम निकले मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – उर्दू शायरी – जहाँ भी वही काफिर सनम निकले Khuda ke Waaste Khuda ke waaste parda na kaabe se uthaa zaalim Kaheen aisa na ho yahan bhi wahi kaafir sanam nikle Mirza Ghalib Shayari – Urdu shayari – yahan bhi wahi kaafir sanam nikle वो निकले तो दिल निकले ज़रा कर जोर सीने पर की तीर -ऐ-पुरसितम् निकले जो वो निकले तो दिल निकले , जो दिल निकले तो दम निकले मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – उर्दू शायरी – वो निकले तो दिल निकले Wo Nikle To Dil Nikle Zara kar jor seene par ki teer-e-pursitam niklejo Wo nikle to dil nikle, jo dil nikle to dam nikle Mirza Ghalib Shayari – Urdu shayari – Wo nikle to dil nikle कागज़ का लिबास सबने पहना था बड़े शौक से कागज़ का लिबास जिस कदर लोग थे बारिश में नहाने वाले अदल के तुम न हमे आस दिलाओ क़त्ल हो जाते हैं , ज़ंज़ीर हिलाने वाले मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – उर्दू शायरी – पहना था बड़े शौक से कागज़ का लिबास Kaagaz ka Libaas Sabnay pahnaa […]

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Love Shayari - Teri Awaaz Sunne Ko

सुना है तड़प रहा है वो मेरी वफ़ा के लिए – Wasi Shah Shayari

मेरी वफ़ा शरीक-ऐ-गम हुआ जो मेरे चोट खाने के बाद खो दिया मैंने उस को पाने के बाद मुझे नाज़ रहा फ़क़त उस अमल पर सदा उसने मुझे अपना माना आज़माने के बाद सुना है तड़प रहा है वो मेरी वफ़ा के लिए शायद पछता रहा है मुझे ठुकराने के बाद Meri Wafa Shareek-ae-Gham hua jo mere chot khane ke baad Kho diya maine us ko pane ke baad Muje naaz raha faqat us amal par sada Usne muje apna mana azmane ke baad Suna hai tadap raha hai wo meri wafa ke liye Shayad pachta raha hai mujhe thukhrane ke baad इलज़ाम बेवफाई का आज यूं ही सर-ऐ-राह उस से नज़र जा मिली “वासी” वो रो दिया मुझसे नज़र मिलाने के बाद किस किस को दूँ मैं इलज़ाम बेवफाई का हर कोई छोड़ गया मुझको अपनाने के बाद . ilzaam BEWAFAI ka Aj youn he Sar-ae-Raah us se nazar ja mili “WASI” Wo ro Diya mujhse nazar milane ke baad Kis kis ko doon ilzaam BEWAFAI ka Har koi chor gaya mujko apnane ke baad. बिखर जाने दो मैं यूँ मिलू तुझसे के तेरा लिबास बन जाऊं तुझे बना के समंदर और खुद प्यास बन जाऊं अपने पहलूँ में […]

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Best shayari of Ghalib (Ghalib's Sher in Hindi)

Best shayari of Ghalib (Ghalib’s Sher in Hindi)

Kee mire qatl ke baad us ne jafaa se tauba haaye us zood-pasheemaan ka pasheemaan hona Koi ummeed bar nahi aati koi soorat nazar nahi aati Kaun hai jo nahi hai haazat-mand kis kee haazat ravaa kare koi की माइर क़त्ल के बाद उस ने जफ़ा से तौबा हाए उस ज़ूद-पाशीमाँ का पाशीमाँ होना कोई उम्मीद बार नही आती कोई सूरत नज़र नही आती कौन है जो नही है हाज़त-मंद किस की हाज़त रवा करे कोई ******* ‘Ghalib’ chhuti sharaab par ab bhi kabhi-kabhi peeta huun roz-e-abra o shab-e-maahtaab mein ‘ग़ालिब’ च्छुटी शराब पर अब भी कभी-कभी पीटा हुउँ रोज़-ए-आबरा ओ शब-ए-माहताब में ******* ‘Ghalib’ bura na maan jo vaaiz bura kahe aisa bhi koi hai ki sab achchha kahen jise ‘ग़ालिब’ बुरा ना मान जो वाइज़ बुरा कहे ऐसा भी कोई है की सब अच्च्छा कहें जिसे ******* Jab ki tujh bin nahi koi maujood fir ye hangama ai khuda kya hai जब की तुझ बिन नही कोई मौजूद फिर ये हंगामा आई खुदा क्या है ******* Jaan tum par nisaar karta huun mai nahi jaanta dua kya hai जान तुम पर निसार करता हुउँ मई नही जानता दुआ क्या है ******* Jee dhoondhta hai fir vahi fursat ke […]

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Ghalib's Sher in Hindi (Mirza Ghalib famous shayari)

Ghalib’s Sher in Hindi (Mirza Ghalib famous shayari)

Apni gali men mujhko na kar dafn baad-e-qatl mere pate se khalq ko kyuun tera ghar mile अपनी गली में मुझको ना कर दफ़्न बाद-ए-क़त्ल मेरे पाते से कॉल्क को क्यूउन तेरा घर मिले ******* Aaina dekh apna sa munh le ke rah gaye saahab ko dil na dene pe kitna guruur tha आईना देख अपना सा मुँह ले के रह गये साहब को दिल ना देने पे कितना गुरुुर् था ******* Aaye hai be-kasi-e-ishq pe rona ‘Ghalib’ kis ke ghar jaayega sailaab-e-balaa mere baad आए है बे-कसी-ए-इश्क़ पे रोना ‘ग़ालिब’ किस के घर जाएगा सैलाब-ए-बाला मेरे बाद ******* Aage aati thi haal-e-dil pe hansi ab kisi baat par nahi aati आयेज आती थी हाल-ए-दिल पे हँसी अब किसी बात पर नही आती ******* Aata hai daagh-e-hasrat-e-dil ka shumaar yaad mujh se mire gunah ka hisaab ai khuda na maang आता है दाघ-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद मुझ से माइर गुनाह का हिसाब आई खुदा ना माँग ******* Aashiq hoon pe maashooq-farebi hai mira kaam majnuun ko bura kahti hai laila mere aage आशिक़ हूँ पे माशूक़-फरेबी है मीरा काम मजनूउन को बुरा कहती है लैला मेरे आयेज ******* Ishq ne ‘Ghalib’ nikamma kar diya varna ham bhi aadmi the kaam […]

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shayarisms4lovers mar18 218 - Mirza Ghalib - Urdu Shayari -1

Mirza Ghalib – Urdu Shayari -1

Mirza Ghalib – Qataa kijiye na taluq hum se.. Qataa kijiye na taluq hum se, Kuch nahi hai to adaavat hi sahi.. Mirza Ghalib – Rahi na taaqat-e-guftaar aur agar ho bhi.. Rahi na taaqat-e-guftaar aur agar ho bhi, To kis umeed pe kahiye ke arzuu kya hai.. Mirza Ghalib – Baad marne ke mere ghar se yeh samaan niklaa…. Chand tasaveer-e-butaan, chand haseenon ke khatoot*. Baad marne ke mere ghar se yeh samaan niklaa.. (khatoor;letters) Mirza Ghalib – Meri kismat mein gham gar itna tha.. Meri kismat mein gham gar itna tha, Dil bhi yaa rab kayi diye hotay.. Mirza Ghalib – Na tha kuch to khuda tha, kuch na hota to khuda hota.. Na tha kuch to khuda tha, kuch na hota to khuda hota, Diboyaa mujhe ko hone ne, na hota mein to kya hota.. Mirza Ghalib – Ronay se aur ishq mein be-baak ho gaye.. Ronay se aur ishq mein be-baak ho gaye, Dhoye gaye hum itney ke bass paak ho gaye.. Mirza Ghalib – Rahiye ab aesi jagha chal kar jahan koi na ho.. Rahiye ab aesi jagha chal kar jahan koi na ho, Hum-sukhan koi na ho, aur hum-zubaan koi na ho, Parriye gar […]

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Mirza Ghalib – bazicha-e-atfal hai duniya mere age

bazicha-e-atfal hai duniya mere age hota hai shab-o-roz tamasha mere age ik khel hai aurang-e-suleman mere nazdik ik bat hai ejaz-e-masiha mere age juz nam nahi surat-e-alam mujhe manzur juz waham nahi hasti-e-ashiya mere age hota hai nihan gard mein sehra mere hote ghista hai jabin khak pe dariya mere age mat puch k kya hal hai mera tere piche tu dekh k kya rang hai tera mere age sach kahte ho khudbin-o-khudara hun na kyon hun baitha hai but-e-aina sima mere age phir dekhiye andaz-e-gulafshani-e-guftar rakh de koi paimana-e-sahba mere age nafrat ka guman guzre hai main rashk se guzra kyon kar kahun lo nam na us ka mere age iman mujhe rok hai jo khinche hai mujhe kufr kaba mere piche hai kalisa mere age ashiq hun pe mashuqfarebi hai mera kam majnun ko bura kahti hai laila mere age khush hote hain par wasl mein yun mar nahi jate ai shab-e-hijaran ki tamanna mere age hai maujzan ik qulzum-e-khun kash! yahi ho ata hai abhi dekhiye kya-kya mere age go hath ko jumbish nahi ankhon mein to dam hai rahne do abhi sagar-o-mina mere age hampesha-o-hammasharab-o-hamraz hai mera ?ghalib? ko bura kyon kaho acha mere age..

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shayarisms4lovers mar18 114 - Mirza Ghalib - bas k dushwar hai har kam ka asan hona

Mirza Ghalib – bas k dushwar hai har kam ka asan hona

bas k dushwar hai har kam ka asan hona admi ko bhi mayassar nahi insan hona giriya chahe hai kharabi mere kashane ki dar-o-diwar se tapak hai bayaban hona wa-e-diwangi-e-shauq k har dam mujh ko ap jana udhar aur ap hi hairan hona jalwa azbas k taqaza-e-nigah karta hai jauhar-e-aina bhi chahe hai mizagan hona ishrat-e-qatlgah-e-ahal-e-tamanna mat puch id-e-nazzara hai shamshir ka uriyan hona le gaye khak mein ham dag-e-tamanna-e-nishat tu ho aur ap basadrang-e-gulistan hona ishrat-e-para-e-dil, zakhm-e-tamannakhana lazzat-e-rish-e-jigar garq-e-namakdan hona ki mere qatl k bad us ne jafa se tauba haye us zodpasheman ka pasheman hona haif us char girah kapre ki qismat ?ghalib? jis ki qismat mein ho ashiq ka gareban hona…

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