shayarisms4lovers mar18 141 - न कर एहद -ऐ -वफ़ा

न कर एहद -ऐ -वफ़ा

मोहब्बत से , इनायत से , वफ़ा से , चोट लगती है बिखरता फूल हूँ , मुझ को , हवा से , चोट लगती है … !! मेरी आँखों में , आंसू की तरह , एक रात आ जाओ तकल्लुफ से , बनावट से , अदा से , चोट लगती है … !! मैं शबनम की , […]

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