shayarisms4lovers mar18 55 - Dard SHayari, Lajawab hai

Dard SHayari, Lajawab hai

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Lajawaab hai meri zindagi ka fasana,
Koi seekhe mujh se har pal muskurana,
Koi meri hansi ko najar na lagana,
Bahut dard seh kar seekha hai ham ne muskurana.

लाजवाब है मेरी जिंदगी का फसाना,
कोई सीखे मुझसे हर पल मुस्कुराना,
पर कोई मेरी हंसी को नजर न लगाना,
बहुत दर्द सहकर सीखा है हम ने मुस्कुराना।…

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shayarisms4lovers mar18 60 - फ़राज़ और मोहसिन नक़वी की खूबसूरत उर्दू शायरी

फ़राज़ और मोहसिन नक़वी की खूबसूरत उर्दू शायरी

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तन्हाई और महफ़िल – फ़राज़

तन्हाई में जो चूमता है मेरे नाम के हरूफ फ़राज़
महफ़िल में  वो शख्स मेरी तरफ देखता भी नहीं ​

Tanhai Aur Mehfil – Faraz

Tanhai main jo chomta hai mere naam ke haroof  “Faraz”
Mehfil mein wo shakhas meri taraf dekhta bhi nahi​


जिंदगी और मौत – फ़राज़

कोई न आएगा तेरे सिवा मेरी जिंदगी में  “फ़राज़”
एक मौत ही है जिस का हम वादा नही करती ​

Zindgi Aur Maut – Faraz

Koi na ayega tere siwa meri zindgi main “Faraz”
Ek maut hi hai jiss ka hum wada nahi karte


मिज़ाज़ और धड़कन – फ़राज़

कितना नाज़ुक मिज़ाज़ है  उसका  कुछ न पूछिये  “फ़राज़”
नींद नही आती उन्हें धड़कन के शोर से ​

Mizaz Aur Dhadkan – Faraz

Kitna nazuk mizaz hai uska kuch na puchiay “Faraz”
Neend nhi ati unhe Dhadkan ke shor se​


खुश और उदास – फ़राज़

वो मुझ से बिछड़ कर खुश है तो उसे खुश रहने दो “फ़राज़ “
मुझ से मिल कर उस का उदास होना मुझे अच्छा नहीं लगता

Khush Aur Udaas – Faraz

Wo mujh se bichad kar khush hai to usse khush rehne do “Faraz”
Mujh se mil kar us ka udass hona muje acha nai lagta


बेवफा और ज़िंदगी – फ़राज़

वो बेवफा ही सही, आओ उसे  याद कर लें  “फ़राज़”
अभी ज़िंदगी बहुत पड़ी है, उसे भुलाने के लिए ​

Bewafa Aur Zindgi – Faraz

Wo bewafa hi sahi aao usse yaad kar lein “Faraz”
Abhi zindgi bahut padi hai usse bhulane ke liye​


आँखें – मोहसिन  नक़वी 

तेरी कम गोइ के चर्चे हैं ज़माने भर में  “मोहसिन”
किस से सीखा है यूँ आँखों से बातों की वज़ाहत करना ​

Anken – Mohsin Naqvi

Teri kam goi ke charche hain zamane bhar main “Mohsin”
Kis se seekha hai yun ankhon se baton ki wazahat karna​


हाथों की लकीरें – मोहसिन  नक़वी 

अपने हाथों की लकीरें न बदल पाया  “मोहसिन”
खुशनसीबो से बहुत हाथ मिलाये हम ने ​

Hathon ki Lakeerain – Mohsin Naqvi

Apne hathon ki lakeerain na badal paya “Mohsin”
khush naseebo se bahut hath milay hum ne​…

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shayarisms4lovers June18 292 - यह उदास शाम और तेरी जुदाई – यह शाम तेरे नाम शायरी

यह उदास शाम और तेरी जुदाई – यह शाम तेरे नाम शायरी

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शाम-ऐ-तन्हाई

शाम से है मुझ को सुबह-ऐ-ग़म की फ़िक्र
सुबह से ग़म शाम-ऐ-तन्हाई का है

Shaam-ae-Tanhai

Sham se hai mujh ko subha-ae-gham ki fikar
Subha se gham shaam-ae-tanhai ka hai


शाम के बाद

तू है सूरज तुझे मालूम कहाँ रात का दर्द
तू किसी रोज़ मेरे घर में उतर शाम के बाद
लौट आये न किसी रोज़ वो आवारा मिज़ाज
खोल रखते हैं इसी आस पर दर शाम के बाद

Shaam ke Baad

Tu hai suraj tujhe maloom kahan raat ka dard
Tu kisi roz mere ghar mein utar sham ke baad
Laut aaye na kisi roz wo aavara mizaaj
Khol rakhte hain isi aas par dar shaam ke baad


शाम की दहलीज़

भीगी हुई एक शाम की दहलीज़ पे बैठा हूँ
मैं दिल के सुलगने का सबब सोच रहा हूँ
दुनिया की तो आदत है बदल लेती है आंखें
में उस के बदलने का सबब सोच रहा हूँ

Shaam Ki Dehleez

Bheegi hui ek Shaam Ki Dehleez Pe Baitha hoon
Main dil Ke Sulagne Ka Sabab Soch Raha Hoon
Duniya Ki to Aadat Hai Badal leeti Hai Ankhain
Mein us Ke Badlaney Ka Sabab Soch Raha Hoon


ज़रा सी शाम होने दो

अभी सूरज नहीं डूबा ज़रा सी शाम होने दो
मैं खुद ही लौट जाऊंगा मुझे नाकाम होने दो
मुझे बदनाम करने के बहाने ढूँढ़ते हो क्यों
मैं खुद ही हो जाऊंगा बदनाम पहले नाम तो होने दो

Zara si Shaam Hone Do

Abhi suraj nahi dooba zara si shaam hone do
Main khud hi laut jaounga mujhe nakaam hone do
Mujhe badnaam karne ke bahane dhoondte ho kyon
Main khud hi ho jaunga badnaam pehle naam to hone do


हमें मालूम था उस शाम भी

जुस्तुजू ख्वावों की उम्र भर करते रहे
चाँद के हमराह हम हर शब् सफर करते रहे
वो न आएगा हमें मालूम था उस शाम भी
इंतज़ार उसका मगर कुछ सोच कर करते रहे

Humein Maaloom Tha us Shaam Bhi

Justuju khwawon ki umar bhar karte rahe
Chand ke humraah hum har shab safar karte rahay
Wo na aayega Humein maaloom tha us shaam bhi
Intezaar uska magar kuch soch kar karte rahay


शाम की पलकों पे लरज़ते रहना

आंसुओं शाम की पलकों पे लरज़ते रहना
डूब जाये जो यह मंज़र तो बरसते रहना
उस की आदत न बदली हर बात अधूरी करना
और फिर बात का मफ़हूम बदलते रहना

Shaam Ki Palkon Pe Larazty Rehna

Ansuoon Shaam Ki Palkon Pe Larazty Rehna…

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shayarisms4lovers mar18 196 - मुझसे मुहब्बत की है तो वफ़ा का वादा भी कर

मुझसे मुहब्बत की है तो वफ़ा का वादा भी कर

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तेरी राहगुज़र

यह अजब क़यामते हैं तेरी राहगुज़र में गुजरी
न हो के मर मिटे हम , न हो के जी उठें हम ..

Teri Rahguzaar

Yeh ajab qayamaten hain teri rahguzar main guzaari,
Na ho ke mar mittain hum, na ho ke jee uthain hum…


कोई शिद्दत से याद आता है

इक अजीब सी कशिश है , इस बरसात के मौसम में
न चाहते हुए भी कोई शिद्दत से याद आता है ..!!!

Koi Shiddat Sey Yaad Aata Hai

Ik Ajeeb Si Kashish Hai , is Barsaat Ky Mousam Main
Na Chahtay Hoay b, Koi Shiddat Sy Yaad Aata Hai…


तेरे प्यार में दो पल

तेरे प्यार में दो पल की ज़िन्दगी बहुत है ….
एक पल की हंसी एक पल की ख़ुशी बहुत है …
यह दुनिया जाने या न जाने …
तेरी आँखें मुझे पहचानती है यही बहुत है ….!!

Tere Pyar Mein do Pal

Tere pyar mein do pal ki zindagi bahut hai….
Ek pal ki hansi ek pal ki khushi bahut hai…
Yeh duniya jane ya na jane…
Teri ankhein mujhe pehchanti hai yahi bahut hai….!!


मुहब्बत में भी बंदिशे

बात बात पर और हर बात पर जुदाई की धमकी ..!!!
वाह  साहिब ..!!
तुम ने तो मुहब्बत में भी बंदिशे लगा राखी हैं ..!!

Mohabbat Mein Bhi Bandisey

Bat Bat Par Or Har Bat Par Judai Ki Damki ..!!!
Waah SAHIB..!!
Tum Ne To Mohabbat Mein Bhi Bandisey Laga Rakhi Hein..!!


मेरी ज़िन्दगी

मेरे  वजूद से लिपटी खुशबू तेरे नाम की है
मेरे दिल में बसी हर एक धड़कन तेरे नाम की है
इतना यक़ीन कर ले मेरे हमनशीं
बिन तेरे ,मेरी ज़िन्दगी बेनाम सी है |

Meri Zindagi

Mere Wajood Se Lipti Khushbo Tere Naam Ki Hai
Mere Dil Mein Basi Har Ek Dharkan Tere Naam Ki Hai
Itna Yakeen Kar Lay Mere Hamnasheen
Bin Tere , Meri Zindagi Baynaam Si Hai..


वफ़ा का वादा

मुझसे मुहब्बत की है तो वफ़ा का वादा भी कर
मैं बिखरना नहीं चाहता टूटे हुए कांच की तरह|

Wafa Ka Wada

Mujh Se Muhabbat Ki Hai To Wafa Ka Wada Bhi Kar
Main Bikharna Nahi Chaahta Tootay Huye Kaanch Ki Tarha…


ख़्वाहिश तेरे दीदार

कर सितम कितने  भी मुझ पर
इस दिल में धड़कन  तेरे नाम की होगी
ख़्वाहिशें तो अधूरी  हैं बहुत
मगर आखरी ख़्वाहिश तेरे दीदार की होगी …!

Khawahish Tere Didar

Kar sitam kitne bhi mujh par
Is dil mein dharkan tere naam …

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shayarisms4lovers June18 202 - पहले पहले का इश्क़ अभी भी याद है – फ़राज़

पहले पहले का इश्क़ अभी भी याद है – फ़राज़

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खुश और उदास – फ़राज़

वो मुझ से बिछड़ कर खुश है तो उसे खुश रहने दो “फ़राज़ “
मुझ से मिल कर उस का उदास होना मुझे अच्छा नहीं लगता ….


पहले पहले का इश्क़ अभी याद है “फ़राज़”

दिल भी बुझा हो शाम की परछाइयाँ भी हों
मर जाए जो ऐसे में तन्हाइयाँ भी हों

हर हुस्न -ऐ -सदा लो न दिल में उतार सका
कुछ तो मिज़ाज -ऐ -यार मैं गहराइयाँ भी हों

दुनिया के तजकरे तो तबियत ही ले बुझे
बात उस की हो तो फिर सुख आराईयां भी हों

पहले पहले का इश्क़ अभी भी याद है फ़राज़
दिल खुद यह चाहता था के रुस्वाइयाँ भी हों

Pehle pehle ka ishq abhi yaad hai “Faraz”

Dil bhi bhuja ho shaam ki parchaiyan bhi hon
Mar jaiyye jo aise main tanhaiyan bhi hon

Har husn-ae-saada loh na dil main utar saka
Kuch to mizaaj-e-yaar mein gehraiyan bhi hon

Duniya ke tazkaray to tabiyat hi le bujhay
Baat us ki ho to phir sukhan aaraiyan bhi hon

Pehle pehle ka ishq abhi yaad hai Faraz
Dil khud yeh chahta tha ke ruswaiyan bhi hon…

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shayarisms4lovers June18 202 - इश्क़ और तन्हाई शायरी

इश्क़ और तन्हाई शायरी

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तन्हाई

कितनी अजीब है मेरे अंदर की तन्हाई भी ,​
​हज़ारों अपने हैं मगर याद तुम ही आते हो ..​

Tanhai

Kitni Ajeeb Hai Mere Andar Ki Tanhai Bhi,​
​Hazaron Apne Hain Magar Yaad Tum Hi Atey Ho..​


तन्हाईयाँ

तन्हाईयाँ कुछ इस तरह से डसने लगी मुझे
मैं आज अपने पैरो की आहट से डर गया .. ​

Tanhaiyan

Tanhaiyan kuch is tarha se dasney lagi mujhey
Main aaj apne pairo ki ahat se dar gaya..…

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shayarisms4lovers mar18 28 - गम-ऐ-मुहब्बत शायरी

गम-ऐ-मुहब्बत शायरी

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दिल का आलम

सिर्फ चेहरे की उदासी से भर आए आँसू
दिल का आलम तो अभी आप ने देखा ही नहीं …

Dil ka Alam

Sirf chehray ki Udasi say bhar aye Ansoo
Dil ka alam tu Abhi ap nay Dekha hi nahi…


गम-ऐ-मुहब्बत

वो जो बिछड़ा तो मैंने जाना
लोग मर मर कर भी जिया करते हैं ..!!

Gam-AE-mohabbat

Who Jo Bichra Tu Main Ne Jana
Log Mar Kar Bi Jiya Kartey Hai’n..!!


आईना

जो दिल के आईने में हो ,
वही है प्यार के क़ाबिल
वरना दीवार के क़ाबिल तो हर तस्वीर होती है

Aaiena

Jo Dil Ke Aainey Mein Ho,
Wohi Hai Pyaar Ke Qaabil
Warna Dewaar Ke Qabil To Har Tasveer Hoti Hai


वो तो खुश्बू है हवाओं में बिखर जाएगा

वो तो खुश्बू है हवाओं में बिखर जाएगा
मसला फूल का है फूल किधर जाएगा

हम तो समझे थे के एक ज़ख्म है , भर जाएगा
क्या खबर थी के रग -ऐ -जान में उतर जाएगा

वो हवाओं की तरह खाना -बेजान फिरता है
एक झौंका है जो आएगा गुज़र जाएगा

वो जब आएगा तो फिर उस की रफ़ाक़त के लिए
मौसम -ऐ -गुल मेरे आँगन में ठहर जाएगा

आख़िर वो भी कहीं रेत पे बैठी होगी
तेरा यह प्यार भी दरिया है उतर जाएगा

Wo to Khushbu hai hawaaon mein bikhar jaayegaa

Wo to Khushbu hai hawaaon mein bikhar jaayegaa
mslaa phuul ka hai phuul kidhar jaayegaa

hum to samjhe the ke ek zaKhm hai, bhar jaayegaa
kyaa Khabar thi ke rag-ae-jaaN mein utaar jaayegaa

wo hawaaoN ki tarah Khaanaa-bajaaN phirtaa hai
ek jhonkaa hai jo aayegaa guzar jaayegaa

wo jab aayegaa to phir us kii rafaaqat ke liye
mausam-e-gul mere aangan mein Thaher jaayegaa

aaKhir wo bhi kahin ret pe baithi hogi
teraa ye pyaar bhi dariyaa hai utar jaayegaa…

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shayarisms4lovers may18 41 - तेरे वादे पर सितमगर – Daag Dehlvi

तेरे वादे पर सितमगर – Daag Dehlvi

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तेरे वादे पर सितमगर अभी और सब्र करते

अजब अपना हाल होता जो विसाल-ऐ-यार होता
कभी जान सदके होती कभी दिल निसार होता

न मज़ा है दुश्मनी में न है लुत्फ़ दोस्ती में
कोई गैर गैर होता कोई यार यार होता

यह मज़ा था दिल्लगी का के बराबर आग लगती
न तुम्हें क़रार होता न हमें क़रार होता

तेरे वादे पर सितमगर अभी और सब्र करते
अगर अपनी ज़िन्दगी का हमें ऐतबार होता

Tere Waade Par Sitamgar Abhi Aur Sabr Karte

Ajab Apna Haal Hota Jo Visaal-AE-Yaar Hota
Kabhi Jaan Sadqe Hoti Kabhi Dil Nisaar Hota

Na Mazaa Hai Dushmani Main Na Hai Lutf Dosti Main
Koi Gair Gair Hota Koi Yaar Yaar Hota

Ye Mazaa Tha Dillagi Ka Ke Barabar Aag Lagti
Na Tumhen Qaraar Hota Na Hamein Qaraar Hota

Tere Waade Par Sitamgar Abhi Aur Sabr Karte
Agar Apni Zindagi Ka Hamein Aitbaar Hota…

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shayarisms4lovers June18 288 - तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे !!#01 !! ❤🌷☘💐💗 Romantic Shayari Hindi!! Romantic शायरी

तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे !!#01 !! ❤🌷☘💐💗 Romantic Shayari Hindi!! Romantic शायरी

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❤❤❤❤🌷☘💐💗
उसके साथ रहते रहते हमे चाहत सी हो गयी,
उससे बात करते करते हमे आदत सी हो गयी,
एक पल भी न मिले तो न जाने बेचैनी सी रहती है,
दोस्ती निभाते निभाते हमे मोहब्बत सी हो!
❤❤❤❤🌷☘💐💗

😀😀😀😀😀😀😀
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही,
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!
😀😀😀😀😀😀😀

🌹🙏😩😜😜🌹💓😍😀😀
तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे,
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे,
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे।
🌹🙏😩😜😜🌹💓😍😀😀

❤❤❤❤🌷☘💐💗
उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ,
सामने न सही पर आस-पास हूँ,
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे,
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ!
❤❤❤❤🌷☘💐💗

❤❤❤❤🌷☘💐💗
इश्क मुहब्बत तो सब करते हैं!
गम-ऐ-जुदाई से सब डरते हैं
हम तो न इश्क करते हैं न मुहब्बत!
हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं!
❤❤❤❤🌷☘💐💗…

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shayarisms4lovers June18 292 - ख्वाब टूटें या बिक जाएँ – ग़मगीन शायरी

ख्वाब टूटें या बिक जाएँ – ग़मगीन शायरी

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मेरे दिल में

घर बना कर वो मेरे दिल में छोड़ गया है
न खुद रहता है न किसी और को बसने देता है

Mere Dil Mein

Ghar bana kar wo mere dil mein chod gaya hai
Na khud rehta hai na kisi aur ko basne deta hai


ज़रा ठहर जाओ

थकी थकी सी फ़िज़ाएं , बुझे बुझे से तारे
बड़ी उदास गहरी रातें है , ज़रा ठहर जाओ

Zara Tehar Jao

Thaki thaki si fizaayen, bujhey bujhey se taare
Badi udaas gehri ratein hai, zara tehar jao


दस्तक की तमन्ना

उजड़े हुए घर का मैं वो दरवाज़ा हूँ “मोहसिन”
दीमक की तरह खा गयी जिसे तेरी दस्तक की तमन्ना

Dastak ki Tamanna

Ujde hue ghar ka main wo darwaaza hoon “Mohsin”
Deemak ki tarah kha gayi jise teri dastak ki tamanna


वो कितना मेहरबान था

वो कितना मेहरबान था के हज़ारों ग़म दे गया “मोहसिन”
हम कितने खुदगर्ज निकले कुछ न दे सके “मुहब्बत ” के सिवा

Wo Kitna Mehrban Tha

Wo Kitna Mehrban Tha Ke Hazaron Ghum De Gaya “Mohsin”
Hum Kitne Khudgaraz Nikle Kuch Na De Sake “MUHABBAT” Ke siva


बहलाया था दिल

मौजूद थी उदासी अभी पिछली रात की
बहलाया था दिल ज़रा सा के फिर रात हो गयी

Behlaya Tha Dil

Mojood thi udaasi abhi pichli raat ki
behlaya tha dil zara sa ke phir raat ho gayi


यकीन दिल दो

तुम मेरे हो इस बात में कोई शक नहीं
तुम किसी और के नहीं होंगे इस बात का यकीन दिल दो

Yakeen Dila Do

Tum Mere Ho Is Baat Me Koi Shak Nahi
Tum kisi Aur Ke Nahi Hoge is Baat Ka Yakeen Dila Do


पैग़ाम -ऐ -शौक

पैग़ाम -ऐ -शौक को इतना तवील मत करना ऐ “क़ासिद”
बस मुकतसर उन से कहना के आँखें तरस गयी हैं

Paigham-ae-Sauk

Paigham-ae-Sauk Ko Itna Taveel Mat Karna Ae “Qasid”
Bas Muqtasar Un Se Kehna Ke Aankhein Taras Gayi Hain


फितरत -ऐ -इंसान

गुफ़्तुगू कीजिये के यह फितरत -ऐ -इंसान है “शाकेब”
जाले लग जाते हैं जब बंद मकान होता है

Fitrat-ae-Insan

Guftugu kijiye ke yeh fitrat-ae-insan hai “Shakeb”
Jaalay lag jatay hain jab band makaan hota hai

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shayarisms4lovers June18 227 - हमारी उल्फ़त का यूँ न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे

हमारी उल्फ़त का यूँ न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे

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इश्क़ का मुक़दमा

हमने किया है दाखिल इश्क़ का मुक़दमा तेरे हुस्न के दरबार में
अब हर रोज़ आते है यह फ़रियाद लिए की कोई आवाज़ तो देगा
हमारी उल्फ़त का यूँ  न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे
एक दिन तो तुम्हे होना है मेरा यह यक़ीन है मुझे मेरे इश्क़ पर

Ishq ka muqadma

Humne kiya hai dakhil ishq ka muqadma tere husn ke darbar mein
Ab har roz ate hai yeh fariyaad liye ki koi awaaz to dega
Hamari ulfat ka yoon na lo imtihaan ki duniya hase hum pe
Ek din to tumhe hona hai mera yeah yakin hai mujhe mere ishq par…


यह रंज -ओ -गम क्यों

न थी ख्वाइश हिजर की न माँगी खुदाई फिर यह रंज क्यों
है इश्क़ बदनाम तो फिर यह तालुक क्यों यह जुस्तजू क्यों
जब इश्क़ नाम है जुदाई है तो यह रंज -ओ -गम क्यों .

Yeh ranj-o-gam kyon

Na thi khwaish hijar ki na mangi khudai phir yeah ranj kyon
Hai ishq badaam to phir yeh taluq kyon yeah justaju kyon
Jab ishq naam hai judai hai to yeh ranj-o-gam kyon…


बरसों तन्हाँ तेरे इश्क़ में

बरसों तन्हाँ तेरे इश्क़ में हर पल का हिसाब रखा है
मांगेंगे हर उस पल का हिसाब जो हिजर में हमने काटा है

Barsoon tanhaa tere ishq mein

Barsoon tanhaa tere ishq mein har pal ka hisab rakha hai
mangein har us pal ka hisab jo hijar mein humne kata hai…


दिल था एक शोला

दिल था एक शोला , मगर बीत गए दिन वो “ग़ालिब” ,
अब कुरेदो न इसे , राख में क्या रखा है …

Dil thaa ek shola

Dil thaa ek shola, magar beet gaye din woh “Galib” ,
Aab kuredo na ise, raakh mein kya rakha hai……

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shayarisms4lovers may18 33 - आज फिर दर्द -ओ -गम के चिराग जले

आज फिर दर्द -ओ -गम के चिराग जले

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आज फिर दर्द -ओ -गम के चिराग जले
आज फिर दौर -ऐ -महफ़िल रात भर चले
आज फिर नज़र -ऐ तराना पेश कर चले
आज फिर तेरी महफ़िल से बे -आबरू हो चले

aaj phir dard-o-gam ke chirag jale
aaj phir daur-ae-mehfil raat bhar chale
aaj phir nazar-ae tarana pesh kar chale
aaj phir teri mehfil se be-abru ho chale


मिट गई हस्ती पर गुमाँ -ऐ – बयान न गया
हर कोई छू के गया पर दर्द -ऐ -दिल न गया
कोशिश -ऐ-नाकाम की हमने पर सूरत -ऐ -यार भुलाया न गया

mit gaye hasti par guman-ae-byaan na gaya
har koi chuu ke gaya par dard-ae-dil na gaya
kosish-ae-nakaam ki humne par surat-ae-yaar bhulaya na gaya…

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shayarisms4lovers June18 230 - Tu humsafar, Tu hamdard, Tu hamraj

Tu humsafar, Tu hamdard, Tu hamraj

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तू हमसफ़र, तू हम डगर, तू हमराज, नजर आता है,
मेरी अधूरी सी जिंदगी का.. ख्वाब नजर आता है,
कैसी उदास है जिंदगी तेरे बिन हर लम्हा,
मेरे हर लम्हे में तेरा अहसास नजर आता है! 💕…

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