shayarisms4lovers June18 267 - Sad Quotes in Hindi | हिंदी कोट्स

Sad Quotes in Hindi | हिंदी कोट्स

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साथियों नमस्कार, स्वागत है आपका हमारे आज के इस खास आर्टिकल “Sad Quotes in Hindi”  में जिसमें हम आपके लिए कुछ चुनिन्दा Two Liners Hindi Quotes लेकर आएं हैं जिन्हें आप अपने watsapp या instagram पर शेयर कर सकते हैं! पढ़िए हमारा खास आर्टिकल…


Sad Quotes in Hindi | हिंदी कोट्स

मैने हजारो आशिकों की किताब पड़ी है,
किसी ने अपनी कामयाब मोहब्बत के बारे मे जिक्र नही किया!!


किस्मत बुरी या मैं बुरा, फैसला हो ना सका…
मैं सबका होता गया, कोई मेरा हो न सका!!


क्यूँ करते हो, मुझसे इतनी खामोश मोहब्बत,
लोग समझते हैं, इस बदनसीब का कोई नहीं!!


में कुछ इस तरह हरूँगा,
तुम जीत कर भी पछताओगे!!


मिजाज़ उसके अलग-अलग हर बार होते हैं,
ख़ैर, हम ही हैं जो भूल जाते हैं कि मौसम चार होते हैं!!


मोहब्बत का कोई क़ुसूर नहीं, उसे तो मुझसे रूठना ही था,
दिल मेरा शीशे सा साफ़ और शीशे का अंजाम तो टूटना ही था!!


कुछ तो कमी सी रह गई कहीं, मेरी बन्दगी में जरूर…
इतना इबादत के बाद भी खुदा रुठ जाए, ये मुमकिन नहीं!!


जो कहते थे तुझसे बिछड़ने के बाद वीरान हो जाएगी ज़िंदगी…
आज पूरे शहर में उन्हीं का घर सबसे रोशन मिला!!


आंखों को रख के दर पे तेरे इंतजार में…
रह रह के घर की चीज़ों से टकरा रहे है हम!!


कितनी कम लब्जो में जिंदगी बयां करू,
लो तुमारा नाम लू ओर बात खत्म करू!!


अल्फ़ाज़ के दिवाने तो बहुत है मेरे
तलाश तो खामोशी पढ़ने वाले की है!!


इस बेगानी दुनिया में तेरी उम्मीदों का सहारा लेकर,
हम तुम्हें फिर से चाहेंगे एक उम्र दुबारा लेकर!!


किसी की कहाँ मजाल की हमसे बेवफाई करे,
हमें तो हमारी वफाएं मर डालेगी!!


बेवजह बिछड़ तो गए हो,
अब ये बताओ सुकूं मिला के नहीं!!


साँस रूक जाये भले ही तेरा इन्तज़ार करते-करते,
तेरे दीदार की आरज़ू हरगिज कम ना होगी!!


मुहब्बत से भरी कोई गजल पसंद ही नहीं उन्हें,
बेवफाई के हर शेर पर मगर दाद दिया करते हैं!!


आशियाना बनाए तो भी कहाँ बनाए जनाब,
जमीने महँगी हो गई और दिल में कोई जगह देता ही नहीं!!


छु जाते हो कितनी दफा तुम यूँ ही ख्वाब बन के,
कौन कहता है की दूर रहकर मुलाकात नहीं होती!!


समझौता करना सीखिए..क्योंकि थोड़ा सा झुक जाना,
किसी रिश्ते को हमेशा के लिए तोड़ देने से बहुत बेहतर है!!


किसी के साथ हँसते-हँसते, उतने ही हक से रूठना भी आना चाहिए,
अपनो की …

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shayarisms4lovers mar18 02 - Wo Kisi aur se pyar karti hai – Ranjan

Wo Kisi aur se pyar karti hai – Ranjan

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Hi..frn mera naam ranjan hai me meri dard bhari story aapko sunane jaraha hun baat us wakt k thi jab me 7th cls me padhraha tha,me cls me bahat badmas type k ladka tha hamesa kisi na kisi baat par jhagda karna to mera aadat hogeya tha, isbich ek ladki mere cls me admisn li uska naam kaveri thi,wo dikhne me bahat sundar thi,1st jab me dekha mujhe kuch feel hua to me itna dhyan nahin diya,wo hamesa mere upar gussa karrahi thi kyun k me bdmas tha isliye,me pata lagaya k wo ladki hamari gaaon me uski uncle k ghar me rehne k liye aayi hai aur usko 10 tak hamari gaaon me rehkar padhni hai to iss mauj masti me ek saal gujar geya.

Ek din wo hamari ghar aayi me akela tha wo boli mujhe note chahiye,mene note de di aur mene kaha kya tum mere saath frndsp karoge wo hasi aur bola ok ek sart tum cls me kavi kisiko daato ge nahin jhagda ni karoge etc. Mene kaha thik hai,kya batao frnd usdin se mera life change hogeya,mera kamina frnds hamisa bolrahe the yaar achanak ye saleko jo jentleman bangeya, mein cls me chup chap bethta tha na kisise jhagda kuch nahin wo bahat khus hogeyi aur boli tum meri bahat achhi frnd ho me bahat khus tha aur iss bich 9th cls suru hogeya mere kuch alag si filings mehsus karne lagd sayad wo pyar ka pehla mehsus tha,mujhe to kuch samjh me ni aaraha tha k sach me mujhe v pyar hogeya kya saya han mujhe unse pyar hogeya tha, me uske sath bahat masti karaha tha apni sari problem usko bolta tha ,ek din uske uncle k ghar geya uski uncle mera jana pehchana tha wo boli tum dono yahan padhai karo me market jarahun usdin mera spl din us din me bahat tired tha to mene kaha tum padho me soraha hun me sogeya.

Aur jab me aankh khuli dekha k wo mere sarko apni hath se tham rahi thi me ye sab dekhkar heran hogeya ye kya karraha hai mene kuchnahin bola aise hi din mahina aur sal v gujar geya mene usko bol v nahin me use pyar karta hun, to aageya 10th k metric exam k liye kuch jyada padhai hui aur uske saath milna kam hogeya wo v padhne me dhyan di to time aageyi judai ki …

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shayarisms4lovers mar18 36 - Hindi kahani with moral values prernadayak

Hindi kahani with moral values prernadayak

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Hello readers , welcome to onlinehindistory.com once again. Today we are here with fresh 3 new hindi kahani with morals for you people. So read and them and don’t forget to tell us your views in comment section.

1. एक शहीद का परिवार Emotional Hindi kahani

जीवन और मरण यही तो सच्चाई है दुनिया का. कुछ नहीं कर पाते इस जीवन का. हलचल भरा यह जीवन एकदम शांत हो जाता है. यह ना तो किसी को आने की खबर देती है न समझने का मौका. न आगे का भविष्य देखता है और ना पीछे छूटे परिवार. रोते-बिलखते बूढ़े माँ-बाप, चूड़ियाँ तोड़ती जवान बीवी और वह बच्चा जिसको अपने पापा का नाम भी नहीं पता.

जो बड़ा होकर केवल दिवाल पर लगी तस्वीर देख पायेगा.

एक चहकती हुई जिन्दगी 2 पल में एक सुनसान रेगिस्तान बन गया. जिसपर कितना ही बरसात हो जाये सुखा ही रहेगा. ना तो सावन उस पर मरहम लगा पायेगा और ना ही दो पल के लिए आने वाले मुसाफिर.

True story – शहीद के माता-पिता का हाल

बूढी हो चुकी माँ, दरवाजे पर निगाहे गड़ाये बैठी है, आखें देख नहीं पा रही है, दिल मान नहीं रहा है, इसी रास्ते तो आता है वह. जरुर आएगा. ऐसे कैसे चला जाएगा अपनी माँ को छोड़ कर. यही तो आता था. माँ-माँ कह कर गले से चिपक जाता था. तो अब क्यों नहीं आ रहा. कहाँ है मेरा बच्चा. माँ हूँ न मैं पहले मेरे पास ही आएगा. आँखों से टपकती धारा कलेजे को पिस रहा है. कौन समझता उस बूढी मा को अब कभी नहीं आएगा वो.

आंसू को अंदर ही पिने वाला बाप का सीना फटा जा रहा है.

हिलते डंडे का सहारे चलते बाप. अपने बुढ़ापे की लाठी खो दी. जिसके कंधे पर जाने की आस थी उसे कन्धा देना पड़ा. कहाँ है वो जो बोलता था मैं हूँ पापा आपके का सहारा. जो मेरा सीना था, जो मेरा हिम्मत था, ताकत था सब ले गया. क्या करू इस शारीर का. ना घर में रो सकता और ना बाहर रह सकता. कभी घर में आते है कभी बाहर जाते है. क्या ढूंड रहे वह पता नहीं. लडखडाती लाठी और लडखडाते पैर शरीर जर्जर.

चलने की हिम्मत नहीं रह गई.

पागल हुई पत्नी

तस्वीर को निहारती पत्नी. एक जिन्दा लाश है. सारे सपने, सपने हो गये. ना वर्तमान का पता, ना भविष्य का. अँधेरा ही अँधेरा हो गया. कितने सपने देखे थे साथ में. अपने साथ …

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shayarisms4lovers June18 292 - Love is Life and Life is Love ? – Sudeep

Love is Life and Life is Love ? – Sudeep

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Hello frendz,good morng.I HOPE THAT U WILL WELL.Mera naam sudeep h.Mai patna bihar ka hu.waisai to mera home Danapur.bt mai avi patna rehta hu. Nw i am going to tell u my love story.is this love story ? I also dn’t knw bt i hope that u will give ans.lastly what is this. Yai story aaj sai kuch din pehali ki baat h.mai apne frend k sath pipal k pedh k nichai carrom board khel raha tha.mai apnai game mai busy tha.yai simple din ki tarh kyo ki frend jaha mai rehta hu waha avi bahut garmi padh rahi h. So hum sab waha khel rehai thai.time sayad 12:45 ho raha hoga.game ka last end ho raha that kyoki mere savi dost only two ko leave kar baki sab yani mai or akash quit kar chuka tha.or amit or avinash avi v khel raha tha.

isi bich mai dekha ki ek ladki aa rahi h jo black clour ka salwar $ suit pahnai hui thi.or wo apna face dakhi hui thi. Mai apne dost sai yani ki akash sai kaha.akash wo dekh ek ladki aa rahi h.badi mast lag rehi h. Akash bola kya sudeep tumhe har ladki mast hi nazar aati h. Mai bola yr jo mast lagegi usai or kya kahunga.kher chor mai tumhe kehna chata hu ki wo ladki oro sai alag nazar aa rehi h.isi bich wo ladki hamere pass ayi kyo ki us time yani aftrn mai koi or log nahi thai sirf hum sab ko chod kar.wo aate hi pucha ki esxcuse me. Kya aap is addres ko jante h.itna sunte hi mere dono dost yani ki amit or avinash ladki ko dekhnai lage.fir mai bola.aap dikhai janta hounga to bata dunga.usnai wo addres dikhyi.or mai bola yes i knw that this addrs.after that i told her way how she reach destination.she said – thanku.i said-welcme it’s my pleasure.

fir wo apna way ja rahi thi or hum dosto tab tak dekhtai rehai jab tak wo turn nahi hui.fir us time tak game v end ho gaya tha.or amit winner ho gaya tha.fir hum sab apne home aa gayai waha par khana kahya or kuch der rest kar k tution k liyai chala gaya. lekin tution mai mera man nahi lag raha tha. Mujai pata nahi wo hamesha nazar aane lagi.jab v mai koi work karta.fir hum tution sai ghar ayai or apne dosto …

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Beti Bachao Beti Padhao Essay | बेटी बचाओ बेटी पढाओ


साथियों नमस्कार, आज के इस विषय “Beti Bachao Beti Padhao Essay | बेटी बचाओ बेटी पढाओ” में हम आपके साथ इस विषय पर कई गहन जानकारियों के साथ-साथ एक भाषण (Speech) साझा करने जा रहें हैं| यह विषय अत्यंत ही संवेदनशील विषय है इसलिए मंच पर इस विषय के बारे में बोलने से पहले एक बार विषय के बारे में पूरी जानकारी लेना बहुत आवश्यक है|


Beti Bachao Beti Padhao Essay | बेटी बचाओ बेटी पढाओ

(हमारा हमेशा से मानना रहा है की अपने भाषण की शुरुआत हमेशा किसी कहानी, कविता या किस्से से करें! अक्सर देखा जाता है की हमसे पहले आए हुए वक्ता के शब्द कई बार दर्शकों के दिलों में रह जाते हैं|

भाषण ख़त्म होने के बाद भी वक्ता की बातें दिमाग में चलती रहती है| ऐसी स्थती में कई बार श्रोता आपकी बात को नहीं सुन पाते| इस स्तथी में कोई भी कहानी, कविता या शायरी सबसे आसन तरीका होता है श्रोताओं का ध्यान खींचने का| इसीलिए अपने भाषण की शुरुआत हमेशा कहानी, कविता या किस्से से करें)

जैसे

1. जरूरी नहीं रौशनी चिरागों से ही हो
बेटियाँ भी घर में उजाला करती हैं

2.  चहकते विहान का आफ़ताब है बेटी,
महकते शाम का महताब है बेटी!
ज़िन्दगी के छंदों का अलंकर है बेटी,
कविता के पन्नों का संस्कार है बेटी!
वत्सल के श्रंगार का रस है बेटी,
कल के संसार का यश है बेटी!!

३. ओस की एक बूंद होती हैं बेटियां,
पुरे परिवार की गूंज होती है बेटियां!
रोशन करेगा बीटा तो बस एक ही कुल को,
दो-दो कुलों की लाज होती है बेटियां!!

दोस्तों, आज एक बहुत ही गहन मुद्दे पर में अपने विचार आपसे साझा करने वाला  हूँ| लेकिन यकीं मानिये में इस मुद्दे पर आपसे बात करने के लोए बिलकुल भी खुश नहीं हूँ| आखिर क्यों प्रकृति की इस अनमोल देन को बचने के लिए हमें यह मुहीम चलाना पड़ रहा है|

हमारे समाज में बेटियों को बोझ समझा जाता है , आज के समय में भले ही लडकियाँ लडकों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलने की हिम्मत रखती हो लेकिन फिर भी भारत के कई छोटे इलाकें और पिछड़ी सोच के परिवार ऐसे भी हैं जहाँ बेटी के जन्म लेने पर कोई जश्न नहीं मनाया जाता है. यहाँ तक की बेटी को गर्भ में ही मार दिया जाता है.

साथियों, बेटी! प्रकृति की दी हुई एक ऐसी देन  जो जीवन को निरंतर गतिमान बनाएं रखने के प्रकृति …

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Mahesh Babu wiki | साऊथ सुपरस्टार महेश बाबु

साथियों नमस्कार, आज हम आपको साऊथ के एक ऐसे सुपरस्टार “Mahesh Babu wiki | साऊथ सुपरस्टार महेश बाबु” के बारे में बताने जा रहें हैं जिनके बारे में यह खास बाते आपने पहले ना तो कभी पढ़ी होंगी और ना ही पहले कभी सुनी होंगी|


Mahesh Babu wiki | साऊथ सुपरस्टार महेश बाबु

महेश बाबू कौन है इसको जानने के लिए बस इतना जान लीजिए कि 10 साल पहले वॉलीवुड के सबसे कमाऊ स्टार सलमान खान लगभग फ्लॉप फिल्मों के स्टार हो चुके थे तब उन्होंने साउथ की तेलगू सिनेमा की एक फ़िल्म की रीमेक की जो हूबहू इस फ़िल्म से कॉपी की गई थी यह फ़िल्म थी ,वॉन्टेड जिसके बाद सलमान के दिन ही बदल गए ।

लेकिन जिसने भी महेश बाबू की फ़िल्म देखी है वह जानता है कि सलमान ने नकल तो करने की कोशिश की लेकिन बराबरी से कोसों दूर रह गए । साउथ में इसी फ़िल्म के अभिनेता थे महेश बाबू जिनकी अदाकारी के किस्से आज भी बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड में कायम है|

Mahesh Babu Real Name – Ghattamaneni Mahesh Babu (महेश बाबु)

Ghattamaneni Mahesh Babu

Mahesh Babu Age – 40 yr

Mahesh Babu Wife – Namrata Shirodkar

Namrata Shirodkar

Mahesh Babu Mother – Indira Devi 

Mahesh Babu Mother

Mahesh Babu Father – Krishna

SAUTH SUPERSTAR KRISHNA

Mahesh Babu Son – Gautham Ghattamaneni

Mahesh Babu Son - Gautham Ghattamaneni


9 अगस्त 1995 को जन्मे महेश बाबु तेलगु फिल्म जगत के एक जाने मने अभिनेता हैं! महेश बाबु ने अपने एक्टिंग करिअर की शुरुआत बहुत ही कम उम्र में कर दी थी|

महेश बाबु को सबसे ज्यादा प्रसिद्धि अपने ब्लॉग बस्टर फिल्म (Mahesh babu Blockbuster Movie) “ओक्काडू” से मिले जिसमें महेश बाबु ने एक कबड्डी खिलाडी की भूमिका निभाई थी| यह फिम कई भारतीय भाषाओँ में रिलीज़ रुई और इस फिल्म ने रिकार्ड कमाई की|

महेश बाबु फिल्मों में एक्टिंग करने के साथ-साथ अपना प्रोडक्शन हाउस “महेश बाबु एंटरटेनमेंट लिमिटेड” भी चलाते हैं| महेश बाबु के पिता “कृष्णा” तेलुगु सिनेमा जगत के एक जाने माने अभिनेता रहें हैं|

महेश बाबु ने 1979 में आई फिल्म “निडा” में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में कम किया था|


महेश बाबु के बारे में कुछ खास बातें (Interesting fact about Mahesh Babu)

● महेश बाबु तेलेगु अभिनेता कृष्णा और इंदिरा के पञ्च बच्चों में चौथे हैं|

● 44 वर्ष का यह कलाकार साधारण से कपड़े पहन कर भी यह किसी भी अन्य भारतीय कलाकारों पर भारी पड़ने की क्षमता है ।

● यू तो महेश बाबू का परिवार पहले से ही तेलगू सिनेमा …

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shayarisms4lovers June18 278 - The Uncertainty

The Uncertainty

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Excerpt: Where the old relations were getting loosen enough, she was getting bonded with Ariyan more and more.

People say time changes people, or in reality, times can show us the real face or nature of people. Ipshita is very practical and can accept the changes in people with time. Time was changing, equations of her life were also changing with the change of time. Raj and she met rarely nowadays. Raj is very happy and excited to start his new life where there is no more fear of losing Ipshita.

Anisha and Meenakshi were also about to finish their graduate studies and only 3-4 months are remaining of their togetherness. Though like all others Ipshita and her soul sisters were promising to be together forever. Somehow Ipshita knew there was a change between Anisha and Meenakshi’s connection which will make the bonding loose and may be faded away.

Raj already has gone mentally before his actual farewell from the city, now he doesn’t call or message frequently. Ipshita is still trying to be well connected to Raj, but Raj seems quite destructed and pulled away from her. She was not happy about this matter she started feeling lonely even in the crowd. Sometimes she feels less connected to Anisha and Meenakshi also nowadays. She is trying her best to keep her stable and to keep everyone together. She knows everything going to change soon drastically. Her friends her comfort zone is at the edge of their bonding.

Where the old relations were getting loosen enough, she was getting bonded with Ariyan more and more. All her loneliness and wishes were getting fulfilled by Ariyan. Ariyan started knowing her little better than before. He is getting attached to her day by day, this bonding was amazing platonic connections, which can only be felt. They like each other’s company they keep talking for hours after office.

She felt tremendous happiness but fear inside if she has to give up on this closeness also means. Where she will go, who will listen to her and give her a safe hand to ride throughout her path. 2 more months remained and after this, she doesn’t know who will be there with her Raj or Ariyan??

“The present is the best present you can give to anyone”, Ipshita uttered to Ariyan.

She was lost about the future thought of losing Ariyan forever. After the

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shayarisms4lovers June18 288 - Back to start

Back to start

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Excerpt: The story has just begun and now I know if it is not love then it also not friendship. May be in between some where.

I never thought in my whole teenage life that I would ever experience that thing ,the thing which people at my age call love. I always felt that teenage people can get attracted to a person but love is big word. I mean although it is a four letter word but the hindi cinema and society makes it a big deal . Well it was not that big , I mean you never invite Love, you feel it.

After my school life , I was left with one year to find my passion and study for entrance exam . Studying all day made me bored so I used to go to this park side near my house . As I was literally in my last teenage years so I was willing to explore all new stuff .

One day I saw this guy looking at me from far away , I thought may be he wanted to say something . But he went away . Next day on my way to park in the morning , I heard the sound of cycle behind me . It was strange because normally people come by foot . So I turned my head and saw this guy with the uniform of some college I guess with wet hair and a bag on back . He started cycling with my speed and asked me my name and as kind of formality I asked his. He actually wanted my physics copy for notes as he heard from some people that I was preparing and so was he for the entrance exam.

Well when a guy with a cute smile asks you that or want something how can you say no. In the evening I gave him my copy and with that my heart . Now every morning was a happy morning for me as I used to see him . For the first time I was so open to a boy who was just my friend. For the next six months we met in the roads , in parks , in coaching classes but never shared phone number .

He was a gentle man , when in winter the morning used to be a little dark he used to

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shayarisms4lovers June18 239 - The Power of Destiny!

The Power of Destiny!

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As I walked home on a hot scorching day in Delhi, I stumbled on a wallet that someone had dropped accidentally in the street. Immediately I bent down; picked it up; opened it; and looked inside to find some sort of identification which would help me trace its owner. But the wallet contained only 3-one rupee notes and a crumpled letter that appeared to have been there for several years.

The envelope was tattered and all that was legible was the return address. I opened the letter hoping to find some clue of the receiver and the sender. The date on which the letter was written was marked as 13.12. 1957- Yes it was written about 60 years ago.

The beautiful hand writing appeared to be that of a lady and it was written on a pink stationary paper with a small flower on the right-hand corner. It read ‘Dearest Anurag’ that told the recipient that  the writer was not in a position to see him any more as her mother was totally against their love affair and forbade her from meeting him anymore. .  She continued to write that her love for him was eternal and hence wrote this letter without the knowledge of her mother. It bore the signature of the letter as Preeti.

It was a lovely letter, but other than the name Preeti there was no other way by which the owner could be identified. Probably if I could contact the telephone operator in the Telephone exchange, that person may be able to help me with the phone listing of the return address, if the address is still traceable after 60 long years!  It was just a chance, which I was taking!  

I dialled the telephone exchange and on hearing a lady’s voice, “Madam, Good morning! I have a very unusual request and hope you will be able to help me with it.”.

“Yes Good morning, go ahead please”.  

I began, “I am trying to locate the owner of a wallet which I found on the roadside. Would you be able to tell me whether there is a telephone number for the address that is written on the envelope?”She urged me to speak to her boss who would be in a better position to help me out on this matter, who, after a minute’s hesitation, ‘Well, we do have a phone listing at the address specified …

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shayarisms4lovers June18 280 - The lovers point || me mila pyar 💖 – Vaishnavi Singh

The lovers point || me mila pyar 💖 – Vaishnavi Singh

Yaar hamesha yeh site par dukh bhari kahaniya aati hain toh qna meri rangeen mohabbat ko pesh kardu mujhe laga ki sab log sad wali story hi padte hain. Isliye aaj main khud apni kahani derahi hun .main khud ye THE LOVERS POINT
Ki ek shaqs hun mujhe bhi sabki tara cmt karna pasand tha…..

toh frnds aaj mai ap sabko apni love story batane ja rahi hu Jo iss site se hi start hui h…My name is vaishnavi my love name is Rohan jiska pura name sikander singh rohan h.. Ab story start karti hu.😊
Meri jab iss site pr entry hui toh mujhe iss site pr ek ladka nazar aaya jiske charje har tarf the har ladki ko usse pyar tha vo itna accha ki kya btau sabse pyar se BT karna sabki izzat karna nd kya bolu uske liye. Aur mai ek simple ladki jisko sirf story me interest tha aur 2 ya 3 frnd the jisee BT hoti thi but mai comment me sirf rohan ki shayri nd uske song padhne jati thi mujhe usse kab pyar hua pta hi ni chala aur kab mere dil ke karib aagya vo mn hi mn bas rohan rohan fir Maine iss hi site se apni jaan rohan ka no liya joki usko bhi nii pta tha ki uska no mere pass h aur fir Maine usko call ki but usne mujhse ye bol kar call cut ki papa ki call aa rahi h gussa toh mujhe bhut aaya but fir socha koi BT nii lekin fir Maine jab site pr rohan se bt karne ki koshish ki toh uska reply nii tab aur gussa aaya fir ro kar Maine umeed chord Di ki ab kabhi meri bt hogi ya kabhi mujhe uska pyar milega mere dimg me ek bt thi ki rohan mujhe pyar na bhi kare pr frndship hi karle kam se kam bt toh ho jayegi meri lekin kahan pta tha itni acchi kismat hogi meri…

Aur fir akhir vo din aa hi gya jab rohan ne mujhse bt ki itni happy thi uss din ki kya btau 8 Dec kitna special din h mere liye jis din meri aur rohan ki pure 1:30 ghante bt hui aur bas uss din pyar aur gehra hogya but Maine kabhi rohan ko nii btaya ki mujhe usse pyar h kuki mujhe dar tha ki agar rohan ko pta chala …

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shayarisms4lovers June18 248 - Khud Ko Khokar Tumhe Paya Part 1 – Sunny Yadav

Khud Ko Khokar Tumhe Paya Part 1 – Sunny Yadav

Ha mujhe yaad k ki wo mujhse junior thi 1 year naam ayesha height 5.3 aakhe black and baal jaise mujhe uljane k liye, Ladke Uske diwane  the hote bhi kyu na college me khubsurt koi tha to phli wo or dusri college ki diware mujhe yaad h kaisi wo sarfiri thi aap maan lo ki uske kisi baat ki parwah nhi thi beparwaah thi but mere case m wo bilkul alg thi pta nhi kyu but aisa he tha, mri mulakat  ush se freshers day par hui thk se yaad h mujhe white haa white colour ki dress pehni thi usne Or khubsurat lg bhi rhi thi kyuki wo thi he khubsurat hmari baate dekhkr logo ka laga hmare bich kuchh h….

But log galat the hmare bich bahot kuchh tha jo khas tha… Bus itna jaan lo jee bhar ke dekhne ka hak usne bus mujhe diya tha khas jo tha uske liye To freshers day pr wo paas aakr baith gyi or kehne lgi puri college mere pichhe h Or tm ho ki dekhte he nhi kya m itni buri hu… Mene kaha buri nhi bs swimming nhi aati Or dubna mai chahta nhi tmhari aankho m… Achha sach m Or usne apni julfe sawarate hue kaha koi nhi duboge bhi nhi or swimming sikhne ki bhi jarurat nhi h… Ha to ishi baat  to side rakh kr mene uske nail paints notice kiya or kaha tmhare hath kitne khubsurat h mere to chimpanzee jaise usne haste hue kaha nhi aisa bilkul nhi h…Usne btaya ki log kaise uske chehre k lye compliments dete aaye h but kisi ne nail paint k lye compliments nhi diya…

Tm bakio se alag ho mere liye or khas bhi.. Uski Tarif me kya kahu yaar sabki do aankhe he hoti h but uski aankho m mana ki sara jaha dikhta tha mujhe to mene thoda ruka Or bola plss tm ye julfe mt sawara kro mujhe ishq ka mariz bn ne ka shaukh nhi h Or ek compliments dete hue mene kaha bura na mano to kuchh kehna keh du… Usne kaha haa blo blo mene kaha aankhe tmhari pyari h to eye liner lgaya kro syd jbrjst lgo… Usne kaha kher mere pass to h nhi aisa kro tmhe mre lye le aana… Achha sa tmhare choice ka kyuki tmse best to m dhund nhi skti i mean eye
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shayarisms4lovers mar18 21 - Love forever – Ateet ka Parinda – 1

Love forever – Ateet ka Parinda – 1

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वो शाम फ़िर तन्हा ना होना था…मगर तन्हाई बोलकर थोड़े ही आती है
जब याद आती है तब ही तन्हा होता हूँ और जब भी तन्हा होता हूँ वो ही याद आती है शाम के ५;३० बजे, नवंबर ११,२००८
ऐसा लगता है अब वो समझ चुकी है मेरे मन की बात….ना कुछ बोल रही है ना कुछ सुन रही है
ख़ामोशी अगर सब कुछ ना बयां करे नज़रें सब कुछ बोल देती हैं
चुप रहना काँटों की तरह चुभ रहा था, मगर बोल भी नहीं सका क्योंकि जुबान लड़खड़ा रहे थे
ना उसने कुछ कहा ना मैंने कुछ सुना, मगर दिल की आवाज़ सीधा दिल पे लगती है
आज ऐसा क्यों लग रहा था की सब कुछ झूठा था, प्यार तो झूठे थे ही जस्बात भी झूठे थे, आरजू झूठी थी तमन्ना झूठी थी
ना उसने समझा मेरे जूनून को, ना मैंने जाना उसके शुकुन को
घंटों निकल गए मगर दो बोल ना बोल सके हम, सिसकियाँ निकलती रही और हमें छोड़ गए सनम दोपहर ३ बजे….जुलाई १६,२०१६
कम्बख्त बारिश को भी अभी आना था….ना छाता ना छुपने की जगह….
एक तो पहले ही लेट हूँ ऊपर से बारिश
चलो थोड़ा दौड़कर ही सही, ये बस स्टॉप बचा लेगी मुझे अरे मैडम क्या कर रही हैं….संभल के! वो तो संभाल गयी मगर मैं नहीं संभाल सका खुद को….
सब कुछ निकल गया अतीत के पन्नों को टटोलकर बस एक घटके में
वो सहमी, देखा और फिर से सहम गयी….
मानो उसे करंट छूकर निकल गयी हो और फिर भी झटके हज़ार दे गयी हो नज़रें हैरान थी, निगाहें परेशान थी….दिल कह रहा था पूछ लूँ सब कुछ….
खैरियत से रुख़्साने तक….तन्हाईयों से फ़साने तक…. भरोसा नहीं हो रहा था ये वही है जिसके साथ जिंदगी साथ गुजरने की कसमें खायीं थीं…. ऐसा लग रहा था जैसे कल की ही बात हो…. नहीं राहुल तुम कभी पैसे की अहमियत नहीं समझ पाए….मुझे उधार की जिंदगी नहीं चाहिए
प्यार तो मैं तुम्हे खुद से भी ज्यादा करती हूँ मगर सिर्फ प्यार से जिंदगी नहीं चलती न
मैं तुम्हारे साथ जिंदगी गुजार सकती हूँ मगर तुम ही बताओ बिना पैसे के जिंदगी कैसी? मुझे पता है तुम मुझे खुश रखोगे मगर मुझे जिंदगी में और भी बहुत कुछ चाहिए राहुल….
एक ही जिंदगी है , मैं अभाव में नहीं बिताना चाहती…. दोपहर ३:१५ बजे….जुलाई १६,२०१६ मम्मा मैं आ गई…
अरे बेटा रुको, क्या कर रही हो, भींग जाओगी…..ऐसे नहीं बेटा!
मम्मा पप्पा कहाँ …

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Tring Tring: Its Love not attachment

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After relaxing holidays with my parents in Himachal Pradesh, I was back to the same routine.  The call rings “Tring Tring”   

I  could hear a soft spoken lady from the other side, who introduced herself as  Mrs. Dasgupta

“Hello Sukanya, I am Mrs. Dasgupta talking from Delhi, I got your contact details from Jeevansathi.com. We are looking for a prospective bride for my younger brother Naboneel”

I was neutral. No excitement.  This was quite normal for me. Since the past 12 months I had put my profile on Jeevansathi.com, hoping to find my second life partner.

Every other day I received an alliance related call and it had become an integral part of my daily life. At the point of time, I jotted down a two-page documents regarding my  introduction and it had become byheart, A series of interrogate questions which were generally ask by the perspective alliance, I wanted to be overprepared after my disaster first innings but at this stage I byhearted with my introduction and confidently face the interrogate session.

I walked back home and started my preparation for cookie, which is generally my half time task. Cooking for me  is like stress relief therapy which I normally do after my college hour to relax from my  fully  packed schedule.

Since  it was my first  attempt  to bake cookies, I was bit confused and lost in the subtleties of the process of baking cookies.

As my hands neared the microwave, and I opened its door – came a sound from nowhere.

“Beep Beep”

The msg read  “Ami Naboneel bolchi, Apnar contact details didi tike pelam (Naboneel  speaking, I got your contact details from my elder sister)” I was really surprised!!  A man speaking with so much of respect, I was overwhelmed.

For a few moments Back to my previous phase of my life “Partha my ex-husband who never refer “tumi” to me always use “tui”. Never give respect to me nor to my parents first time ever  heard “Appni” from  man and that touched my heart.

BEEP BEEP

Microwave time alert stop  “and I  smell the aroma of the cookies .

Time flies but memories continue to remain in our heart.

After completing my dinner, Its mother time (The only time where I talk heart to heart with my mother), I discussed my  entire day with her, she is the only woman in my life who listen …

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shayarisms4lovers June18 236 - The Unexpected

The Unexpected

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Ipshita, an ambitious girl who is looking for growth, betterment, and true love. She joined recently in a small developing company with a good package. She loves to give a challenge to every arena of her life and to get expertise in most possible areas. Until then her life was going well, she had a few good friends, a good job and a decent lifestyle, lovable and frank parents and most importantly a supportive younger brother. She was very popular among everyone always for her sense of humor and attractive personality. She was doing well in every aspect of her life but continued to expect her dream man and the love and future partner of her life.

First-day:

It was her first day in the new office and she reported on time and started working on joining formalities. Post of this joining stuff she has been forwarded to her department, now its time for her to explore new people. She met her new team and boss, she met a few of her colleagues and co-workers also still a lot to continue. Her new office colleagues seemed to be quite open-minded and friendly to her, which matches her personality. Overall the first day went well apart from the fact that she might not remember her way home.

chat mania:

It is Saturday the first weekend of her new job. Ipshita doesn’t have any plans yet. Just like other weekends she wakes up a little late and continued to carry on with her weekend routines with friend cum roomies. Once she switched on the data pack apart from her routine good morning wishes, her mobile screen pops up with 6-7 messages from a new contact. It seems to be a senior from her new office, who stayed more nearest to her location. Unlikely the fact that she is a little bit reserved and doesn’t like to entertain unknown people much, she was very enthusiastic and happy to receive messages from him. That day up to evening Ipshita and her senior Ariyan chatted a lot. She started knowing him, but so surprised by the fact that how in that much short period he felt to share his stuff with her.

Its been 2 weeks already passed, she has been quite adjusted with her new office and the working environment. She made few friends too. She is happy about this new bonding, with her

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shayarisms4lovers June18 215 - Unanswered Questions

Unanswered Questions

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Rosa Magdalina looked straight into her reflection in the golden lit mirror in front of her, she placed some crimson lipstick on with more intensity than necessary, the drying pink roses in the vase next to her softened the drama a touch, but i’m sure even they felt the intensity in her demeanor. She turned and left into the softly lit streets of Paris. Clutching her purse, in which lay a train ticket, a love note of the boy who would never know where she left to, a photo of a little girl, her sister, who now would be a fine young lady, probably married with children. Although Rosa would never know.

Her heels make a soft clicking sound on the cobbled streets as she walks, it’s hauntingly quiet tonight, a tear stains her cheek. She clutches her purse tighter, turns down the street to the train station and never looks.

7:00am

Andre awoke, the bed was cold, the room was quiet, a soft dampening, drowning panic hit when he saw a note in place of Rosa. He didn’t want to read it, he knew it would break his heart. That beautiful girl, with untold stories in her eyes, he knew she had left. 

He felt the signs yesterday, she hadn’t said anything to let on. But there was an urgency in the way she kissed him… like it was a goodbye. There was a sadness in the way she had looked at him. And a unsettledness about her as they lay in bed.. But he pushed that feeling away and fell asleep. Hoping he’d wake up and she would be normal, making pancakes in the kitchen, hot coffee already made…

But no. Nothing but empty silence.

He should have kissed her longer, told her how he loved her, held her in his arms and begged her to tell him her troubles..

But here he is; alone in the empty silence filled with unanswered questions.

He drank the half glass of red wine left on her nightstand. He sadly didn’t have the heart to convince himself that perhaps she’d return sometime… or ever. He knew all too well, a girl like Rosa, with so many untold stories in her eyes, wasn’t the type…

He places the note in a box of precious things. He’ll read it some other time, some time in the future when the love they had shared …

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