Hindi Gazal

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अगर आप शायरी और ग़ज़ल प्रेमी हैं तो आपके इस लेख में एक से बढ़कर एक अच्छी अच्छी ग़ज़ल या लम्बी शायरिया पढ़ने को मिलेगी| सभी गज़ले बहुत ही प्रसिद्ध कवियों द्वारा लिखी गयी हैं जो की दिल की गहराईयो को छूती हैं

Hindi Gazal By Famous Poet

Hindi Gazal

1) मुक्कमल किताब हूँ Gazal on Mohabbat

मुक्कमल किताब हूँ
तेरी ही अल्फ़ाज़ हूँ
अधूरा सा खुआब हूँ
पर लाजवाब हूँ
सपनो में जो आई थी
बस जरा सा मुस्कुराई थी
ये देख दिल खुशगवार हुआ
फिर मिलने का जिंदगी भर इंतज़ार हुआ
बे इख़्तेयार प्यार हुआ
न मेरा इज़हार हुआ
न उसका इंकार हुआ
फिर महबूब मेराज हुआ
सारी मोहब्बत एक राज़ हुआ
फिर ये मुकम्मल किताब हुआ||
~Meraj Ibn Sami

2) Kabhi Shabnam Jagjit Singh Gazal

कभी गुंचा कभी शोला कभी शबनम की तरह,
लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह,

मेरे महबूब मेरे प्यार को इलज़ाम न दे,
हिज्र में ईद मनाई है मुहर्रम की तरह,

मैंने खुशबू की तरह तुझको किया है महसूस,
दिल ने छेड़ा है तेरी याद को शबनम की तरह,

कैसे हमदर्द हो तुम कैसी मसीहाई है,
दिल पे नश्तर भी लगाते हो तो मरहम की तरह
~Jagjit Singh

3) Intaha aaj Ishque Ki Kar Di Gazal in Hindi Lyrics

इंतहा आज इश्क़ की कर दी
आपके नाम ज़िन्दगी कर दी

था अँधेरा ग़रीब ख़ाने में
आपने आ के रौशनी कर दी

देने वाले ने उनको हुस्न दिया
और अता मुझको आशिक़ी कर दी

तुमने ज़ुल्फ़ों को रुख़ पे बिखरा कर
शाम रंगीन और भी कर दी!!
~Jagjit Singh

4) आपके दिल ने हमें आवाज दी Best Hindi Gazal

आपके दिल ने हमें आवाज दी हम आ गए
हमको ले आई मोहब्बत आपकी हम आ गए

अपने आने का सबब हम क्या बताएँ आपको
बैठे बैठे याद आई आपकी हम आ गए

हम है दिलवाले भला हम पर किसी का ज़ोर क्या
जायेंगे अपनी ख़ुशी अपनी ख़ुशी हम आ गए

कहिये अब क्या है चराग़ों की ज़रुरत आपको
लेके आँखों में वफ़ा की रौशनी हम आ गए
~Jagjit Singh

5) Tera Chahera Jagjit Sing Hindi Gazal

तेरा चेहरा है आईने जैसा
क्यों न देखूँ है देखने जैसा

तुम कहो तो मैं पूछ लूँ तुमसे
है सवाल एक पूछने जैसा

दोस्त मिल जाएँगे कई लेकिन
न मिलेगा कोई मेरे जैसा

तुम अचानक मिले थे जब पहले
पल नही है वो भूलने जैसा
~Jagjit Singh

6) Meri Aadat Jagjit Gazal

काँटों से दामन उलझाना …

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shayarisms4lovers June18 167 - 2 Line Shayari Collection #185

2 Line Shayari Collection #185

दूरियाँ जब बढ़ी तो गलतफहमियां भी बढ़ गयी।
फिर तुमने वो भी सुना जो मैंने कहा ही नही।


जिद कर ही बैठे हो जाने की, तो ये भी सुन लो,
खैरियत मेरी.. कभी गैरों से मत पूछना..!!


दोष कांटो का कहाँ हमारा है जनाब,
पैर हमने रखा वो तो अपनी जगह पे थे।


सिर्फ बेचैनीयाँ लिखी जाती हैं दिल की,
लफ्जों से पूरी कहा होती है कमी सनम तेरी।


बहक न जाए आज लौ की नीयत कही..
यारो उससे कहना होंठों से यू वो दीप बुझाया न करे। 💚


हमें ये दिल हारने की बीमारी ना होती,
अगर आपकी दिल जीतने की अदा इतनी प्यारी ना होती। 💞


नक़ाब उलटे हुए जब भी चमन से वह गुज़रता है,
समझ कर फूल उसके लब पे तितली बैठ जाती है।


दिल ने कहा भी था मत चाह उसे यू पागलो की तरह,
कि वो मगरूर हो जायेगा तेरी बेपनाह मुहब्बत देखकर।


भीगी नहीं थी मेरी आँखें कभी वक़्त के मार से,
देख तेरी थोड़ी सी बेरुखी ने इन्हें जी भर के रुला दिया।


ये ना पूछना ज़िन्दगी ख़ुशी कब देती है,
क्योकि शिकायते तो उन्हें भी है जिन्हें ज़िन्दगी सब देती है।…

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shayarisms4lovers June18 227 - Sad Shayari on Dard, Dard hai dil mein par isaka ehasaas

Sad Shayari on Dard, Dard hai dil mein par isaka ehasaas

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दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता,
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में,
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता। 💔

Dard hai dil mein par isaka ehasaas nahin hota,
Rota hai dil jab vo paas nahin hota,
Barbaad ho gae ham usake pyaar mein,
Aur vo kahate hain is tarah pyaar nahin hota. 💔…

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shayarisms4lovers June18 233 - Gulzar Shayari In Hindi [ Read Gulzar Poetry In Hindi Lyrics ]

Gulzar Shayari In Hindi [ Read Gulzar Poetry In Hindi Lyrics ]

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Gulzar is an Indian poet, lyricist and film director. He is Born in Jhelum District in British India and also wrote poetry, dialogues and scripts. He was awarded Padma Bhushan, the third-highest civilian award in India.Here we are representing his one of most famous poetry “Kitaabain jhankti hain band almari k sheeshoon se- Gulzar shayari in hindi

 

Read And Share Gulzar Shayari In Hindi

किताबें झाँकती हैं बंद आलमारी के शीशों से
बड़ी हसरत से तकती हैं
महीनों अब मुलाकातें नहीं होती

जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर गुज़र जाती है कम्प्यूटर के पर्दों पर
बड़ी बेचैन रहती हैं क़िताबें

उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है
जो कदरें वो सुनाती थी कि जिनके
जो रिश्ते वो सुनाती थी वो सारे उधरे-उधरे हैं
कोई सफा पलटता हूँ तो इक सिसकी निकलती है
कई लफ्ज़ों के मानी गिर पड़े हैं

बिना पत्तों के सूखे टुंड लगते हैं वो अल्फ़ाज़
जिनपर अब कोई मानी नहीं उगते
जबां पर जो ज़ायका आता था जो सफ़ा पलटने का
अब ऊँगली क्लिक करने से बस झपकी गुजरती है

किताबों से जो ज़ाती राब्ता था, वो कट गया है
कभी सीने पर रखकर लेट जाते थे
कभी गोदी में लेते थे

कभी घुटनों को अपने रिहल की सूरत बनाकर
नीम सजदे में पढ़ा करते थे, छूते थे जबीं से
वो सारा इल्म तो मिलता रहेगा आइंदा भी
मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल
और महके हुए रुक्के

किताबें मँगाने, गिरने उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे
उनका क्या होगा
वो शायद अब नही होंगे!!…

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shayarisms4lovers mar18 202 - Impress to someone-express yourself with shayari in hindi & urdu

Impress to someone-express yourself with shayari in hindi & urdu

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hi दोस्तों , Shayari SMS 4 Lovers में आपका स्वागत है ,बोहोत बार होता है की हम अपनी दिल की बात नहीं कह पते ,किसी को impress कैसे करे सोचते ही रह जाते है,गर्लफ्रेंड को impress कैसे करे ये लड़का सोचता है और boyfriend को impress कैसे करे ये लड़की सोचती है ,मेरा मानना है शायरी सब से बेहतरीन तरीका है किसी को भी आसानी से impress करने का ,तो आपके मदत क लिए एक छोटी सी कोसिस है ,उम्मीद है आप इस शायरी से किसी को impress कर पाए।

love shayari hindi & urdu

कोई है इस कदर दिल में बसा
जरा सी दुरी नींद देती है उड़ा
नहीं मालूम था कोई इस कदर रूह में बस जायेगा
देखते देखते धरकन बन जायेगा
दिल में बस कर यु तर पायेगा
एक आएसी आदत सी हो गयी तेरी
के एक पल दूर नहीं रहा जाता है
पता नहीं क्यू तू इस दिल को इतना भाता है
सोचता हु वो कौन सी तेरी बात है
जो मुझे भाति है
तेरी खूबसूरती ,तेरी आवाजे
तेरी सरारत ,तेरी मुस्कान,तेरी हांसी
सायद सबकुछ हा बोहोत प्यारा है तू
तेरी खुसबू मेरी ज़िन्दगी को महकाती है
तेरी आँखों की चमक
रोशन इस दिल को कर जाती है
सुकून है तू जूनून है तू
जो खवाब मैंने देखा था
उसकी हक़ीक़त है तू
ढूंढ़ता रहा खुसी दरबदर होके
मंज़िल की तलाश जैसे
ख़तम नहीं होती थी
तुझे पाके जाना सायद वही था जिसे मैं ढूंढता रहा
मेरा सफर वही ख़तम हुआ जहा तू मंज़िल बनके मिला
तुहि दरया तुहि किनारा था
………………………………………………………………………………………………

romantic shayari in hindi & urdu

koi q hai is kadar dil me basa
jara si duri nind deti hai ura
nahi maulum tha koi is kadar ruh me bas jayega
dekhte dekhte dharkan ban jayega
dil me bas kar u tar payega
ek ayesi adat si hogayee teri
ke ek pal dur nahi raha jata hai
pata nahi q tu is dil ko itna bhata hai
sochta hu wo kon si teri baat hai
jo mujhe bhati hai
teri khubsurti, teri awaje
teri sararat ,teri muskan ,teri haansi
sayad sab kuch ha bohot piyara hai tu
teri khusbu meri zindagi ko mehkati hai
teri aankho ki chamak
roshan is dil ko kar jati hai
sukun hai tu junoon hai tu
jo khawab maine dekhe tha
uski haqikat hai tu
dhundta raha khusi dar badar hoke
manzil ki talas jaise
khatam nahi hoti thi…

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shayarisms4lovers June18 98 - तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है

तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है

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तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है

तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है
ऐतबार नहीं है मुझे अपनी किस्मत पे एक धोखा सा लगता है

जब भी तुझे करीब पता हूँ एक सकून सा लगता है
फिर न जाने क्यों एक डर सा लगता है

तुझे पाकर जहाँ मुकमल सा लगता है
फिर भी न जाने कहीं एक कोना अधूरा सा लगता है

जमानो चले जिस के साथ हर एक पल का साथ
फिर भी न जाने क्यों यह सफर अधूरा लगता है

रहेंगे तलबगार तेरे सारी उम्र का है
फिर भी न जाने यह वादा अधूरा लगता है

देखे सारे ख्वाब हर ख्वाब को जिया हमने
फिर भी न जाने क्यों एक सपना अधूरा लगता है

कहीं तो कुछ खाली है कहीं तो कुछ अधूरा है
फिर भी न जाने क्यों तेरा साथ मुकमल लगता है

Tera Aana Meri Zindagi Mein Ek Khwab Aa Lagta Hai

Tera aana meri jindagi mein ek khwab sa lagta hai
aitbaar nahi hai mujhe apni kismat pe ek dhokha sa lagta hai

Jab bhi tujhe karib pata hoon ek sakoon sa lagta hai
phir na jane kyon ek dar sa lagta hai

tujhe pake jahan mukamal sa lagta hai
phir bhi na kahin ek kona adhura sa lagta hai

jamano chale jis ke sath har ek pal ka sath
phir bhi na jane kyon yeah safar adhura lagta hai

rahenge talabgar tere sari umar ka bada hai
phir bhi na jane yeah wada adhura lagta hai

dekhe sare khwab har khwab ko jiyaa humne
phir bhi na jane kyon ek sapna adhura lagta hai

kahin to kuch khali hai kahin to kuch adhura hai
Phir bhi na jane kyon tera sath mukamal lagtha hai


यूं हुए मेरे नाम के फतवे जारी

यूं हुए मेरे नाम के फतवे जारी
जैसे मोहबत नहीं कोई गुनाह कर दिया हो मैंने

Yoon Hue Mere Naam Ke Fathve Zari

yoon hue mere naam ke fathve zari
jaise mohabat nahi koi gunaah kar diya ho maine…

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shayarisms4lovers June18 279 - हम कभी मिल सकें मगर – फ़राज़ की शायरी

हम कभी मिल सकें मगर – फ़राज़ की शायरी

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हम कभी मिल सकें मगर , शायद
जिनके हम मुन्तज़र रहे, उनको मिल गए और हमसफ़र शायद

जान पहचान से भी क्या होगा
फिर भी ऐ दोस्त , गौर कर शायद, अजनबीयत की धुंध छट जाए
चमक उठे तेरी नज़र शायद

ज़िन्दगी भर लहू रुलाएगी
याद -ऐ -यारां -ऐ -बेखबर शायद

जो भी बिछड़े वो कब मिले हैं ‘फ़राज़
फिर भी तू इंतज़ार कर शायद ..!!!​

Hum Kabhi Mil SakeiN Magar, Shayad
Jinke Hum Muntazar Rahe , Unko Mil gaye Aur Humsafar Shayad

Jaan Pahchaan Se Bhi Kya Hoga
Phir Bhi Ae Dost, Gauur Kar Shayad, Ajnabeeyat ki Dhund Chhat Jaye
Chamak Utthe Teri Nazar Shayad

Zindagi Bhar Lahu Rulaayegi
Yaad-e-Yaaran-e-Bekhabar Shayad

Jo Bhi BichhRe Wo Kab Mile haiN ‘FARAZ
Phir Bhi Tu Intezaar kar Shayad..!!!​…

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shayarisms4lovers mar18 92 - तुझे ऐ बेवफा हम ज़िंदगी का आसरा समझे

तुझे ऐ बेवफा हम ज़िंदगी का आसरा समझे

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तुझे ऐ बेवफा हम ज़िंदगी का आसरा समझे

तुझे ऐ बेवफा हम ज़िंदगी का आसरा समझे
बड़े नादान थे हम हाय समझे भी तो क्या समझे

मुहब्बत में हमें तक़दीर ने धोखे दिए क्या क्या
जो दिल का दर्द था इस दर्द को दिल की दवा समझे

हमारी बेबसी ये कह रही है हाय रो रो के
डूबोया उसने कश्ती को जिसे हम नाखुदा समझे

कहाँ जाएं की इस दुनिया में कोई भी नहीं अपना
उसी ने बेवफाई की जिसे जान -ऐ -वफ़ा समझे

Tujhe ae bewafa hum zindagi ka aasra samjhe

tujhe ae bewafa hum zindagi ka aasra samjhe
bade naadaan the hum haaye samjhe bhi to kyaa samjhe

muhabbat mein hamein taqdeer ne dhoke diye kyaa kyaa
jo dil kaa dard tha is dard ko dil ki davaa samjhe

hamari bebasi yeh keh rahi hai haaye ro ro ke
duboyaa usne kashti ko jise hum naKhudaa samjhe

kidhar jaayein ki is duniyaa mein koi bhi nahiin apnaa
usi ne bewafai ki jise jaan-ae-wafa samjhe…

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shayarisms4lovers mar18 141 - न कर एहद -ऐ -वफ़ा

न कर एहद -ऐ -वफ़ा

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मोहब्बत से , इनायत से , वफ़ा से , चोट लगती है
बिखरता फूल हूँ , मुझ को , हवा से , चोट लगती है … !!

मेरी आँखों में , आंसू की तरह , एक रात आ जाओ
तकल्लुफ से , बनावट से , अदा से , चोट लगती है … !!

मैं शबनम की , जुबान  से , फूल की ,आवाज़ सुनता हूँ
अजब अहसास है , अपनी सदा से , चोट लगती है … !!!

तुझे खुद , अपनी मजबूरी का , अंदाजा नहीं शायद
न कर एहद -ऐ -वफ़ा , एहद -ऐ -वफ़ा से , चोट लगती है …

Mohabbat Se, Inaayat Se, Wafa Se, Chot Lagti Hai
Bikhartaa Phool Hun, Mujh Ko, Hawaa Se,Chot Lagti Hai … !

Meri Aankhon Mein, Aansu Ki Tarah, Eik Raat Aa Jaao
Takalluf Se, Banaawat Se, Adaa Se, Chot Lagti Hai … !!

Main Shabnam Ki, Zabaan Se, Phool Ki, Aawaz Sunta Hoon
Ajab Ahsaas Hai, Apni Sadaa Se, Chot Lagti Hai … !!!

Tujhe Khud, Apni Majboori Kaa, Andaaza Nahin Shaayad
Na Kar Ahad-E-Wafa, Ahad-E-Wafa Se, Chot Lagti Hai ….…

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shayarisms4lovers mar18 71 - यह इश्क़ वाले हैं जो हर चीज़ लूटा देते हैं – ग़ालिब

यह इश्क़ वाले हैं जो हर चीज़ लूटा देते हैं – ग़ालिब

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यह इश्क़ वाले

अक़्ल वालों के मुक़द्दर में यह जूनून कहाँ ग़ालिब
यह इश्क़ वाले हैं जो हर चीज़ लूटा देते हैं ….

Yeh Ishq Wale

Aqal Walon ke Muqaddar mein Yeh Junoon Kahan Ghalib,
Yeh Ishq Wale hain Jo Har cheez Luta Deta Hain…..


ज़ाहिर है तेरा हाल

ग़ालिब न कर हुज़ूर में तू बार बार अरज़
ज़ाहिर है तेरा हाल सब उन पर कहे बग़ैर

Zaahir Hai Tera Haal

Ghalib na kar huzoor mein tu bar bar arz,
Zaahir hai tera haal sab un par kahe baghair !!


वो आये घर में  हमारे

यह जो हम हिज्र में दीवार-ओ -दर को देखते हैं
कभी सबा को कभी नामाबर को देखते हैं

वो आये घर में  हमारे , खुदा की कुदरत है
कभी हम उन को कभी अपने घर को देखते हैं

नज़र लगे न कहीं उसके दस्त-ओ -बाज़ू को
ये लोग क्यों मेरे ज़ख्म-ऐ -जिगर को देखते हैं

तेरे जवाहीर-ऐ- तरफ ऐ-कुलाह को क्या देखें
हम ओज-ऐ-ताला- ऐ-लाल-ओ-गुहार को देखते हैं

Wo Aaye Ghar Mein Hamaare

Ye jo ham hijr mein diivaar-o-dar ko dekhate hain
kabhii sabaa ko kabhii naamaabar ko dekhate hain

Wo aaye ghar mein hamaare, Khudaa kii kudarat hai
kabhii ham un ko kabhii apane ghar ko dekhate hain

nazar lage na kahii.n usake dast-o-baazuu ko
ye log kyon mere zaKhm-e-jigar ko dekhate hain

tere javaahiir-e- tarf-e-kulah ko kyaa dekhein
ham auj-e-taalaa- e-laal-o- guhar ko dekhate hain…..…

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shayarisms4lovers mar18 35 - हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

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एक यार शीशे का

पत्थरों की बस्ती में कारोबार शीशे का
कोई भी नहीं करता ऐतबार शीशे का

कांच से बने पुतले कहाँ दूर चलते हैं
चार दिन का होता है यह खुमार शीशे का

बन सँवर के हरजाई आज घर से निकला है
जाने कौन होता है फिर शिकार शीशे का

दिल के आज़माने को एक संग काफी है
बार बार नहीं लेना इम्तेहान शीशे का

फ़राज़ इस ज़माने मैं झूठे हैं सब रिश्ते
हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

Ek Yaar Sheeshee Ka

Patharon Ki Basti Main Karobar Sheeshe Ka
Koi Bhi Nahi Karta Aitbar Sheeshe Ka

Kaanch Se Bane Putlay kahan Door Chalte Hein
Chaar Din Ka Hota Hai Yeh Khumar Sheeshe Ka

Ban Sanwar Ke Harjaai Aaj Ghar Se Nikla Hai
Jane Kon Hota Hai Phir Shikar Sheeshe Ka

Dil Ke Aazmane Ko ek Sang Kafi Hai
Bar Bar Nahi Lena Imtehan Sheeshe Ka

FARAZ Is Zamane Main jhuthe Hein Sub Rishtey
Hum Ne Bhi Banaya Tha ek Yaar Sheeshee Ka..


शाम -ऐ- आलम

अश्क़-ऐ- दौरान की लहर है और हम हैं दोस्तों
इस बे -वफ़ा का शहर है और हम हैं दोस्तों

यह अजनबी सी मंज़िलें और रफ़त -गाह की याद
तन्हाइयों का ज़हर है और हम हैं दोस्तों

लाई अब उड़ा के गए मौसमों की खुशबू
बरखा की रूट का कहर है और हम हैं दोस्तों

शाम -ऐ- आलम ढली तो चली दर्द की हवा
रात का पिछला पहर है और हम हैं दोस्तों

फिरते हैं मिसाल -ऐ -मौज -ऐ -हवा शहर शहर मैं
आवारगी की लहर है और हम हैं दोस्तों

Shaam-ae-Alam

Ashq -ae- Douraan Ki Lehar Hai Or Hum Hain Doston
Is Be-Wafa Ka Shaher Hai Or Hum Hain Doston

Yeh Ajnabi Si Manzeelain Or Raft-gaah Ki Yaad
Tanhaion Ka Zehar Hai Or Hum Hain Doston

Lai Hai Ab Uda Ke gaye Musamon Ki Baas
Barkha Ki Rutt Ka kehar Hai Or Hum Hain Doston

Shaam -ae- Alam Dhali To Chali Dard Ki Hawa
Raat Ka Pichla Pehar Hai Or Hum Hain Doston

Phirtay Hain Misaal-ae-Mouj-ae-Hawa Shaher Shaher Main
Aawargi Ki Lehar Hai Or Hum Hain Doston..…

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shayarisms4lovers may18 41 - तेरे वादे पर सितमगर – Daag Dehlvi

तेरे वादे पर सितमगर – Daag Dehlvi

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तेरे वादे पर सितमगर अभी और सब्र करते

अजब अपना हाल होता जो विसाल-ऐ-यार होता
कभी जान सदके होती कभी दिल निसार होता

न मज़ा है दुश्मनी में न है लुत्फ़ दोस्ती में
कोई गैर गैर होता कोई यार यार होता

यह मज़ा था दिल्लगी का के बराबर आग लगती
न तुम्हें क़रार होता न हमें क़रार होता

तेरे वादे पर सितमगर अभी और सब्र करते
अगर अपनी ज़िन्दगी का हमें ऐतबार होता

Tere Waade Par Sitamgar Abhi Aur Sabr Karte

Ajab Apna Haal Hota Jo Visaal-AE-Yaar Hota
Kabhi Jaan Sadqe Hoti Kabhi Dil Nisaar Hota

Na Mazaa Hai Dushmani Main Na Hai Lutf Dosti Main
Koi Gair Gair Hota Koi Yaar Yaar Hota

Ye Mazaa Tha Dillagi Ka Ke Barabar Aag Lagti
Na Tumhen Qaraar Hota Na Hamein Qaraar Hota

Tere Waade Par Sitamgar Abhi Aur Sabr Karte
Agar Apni Zindagi Ka Hamein Aitbaar Hota…

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shayarisms4lovers June18 262 - Life Shayari, Agar koi puche zindagi mein kya khoya

Life Shayari, Agar koi puche zindagi mein kya khoya

एक खूबसूरत सोच
अगर कोई पूछे जिंदगी में क्या खोया और क्या पाया,
तो कहना जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी और..
जो भी पाया वो प्रभू की मेहेरबानी थी,
खुबसूरत रिश्ता है मेरा और भगवान के बीच में,
ज्यादा मैं मांगता नहीं और कम वो देता नहीं! 📚✍

Agar Koi Poochhe..
Zindagi Mein Kya Khoya Aur Kya Paya Toh Beshak Kahena,
Jo Kutch Khoya Woh Meri Nadani Thi,
Aur Jo Bhi Paya Woh Rab Ki Maherbani Thi,
Khubsurat Rista Hain Mere Aur Khuda Ke Beech Mein,
Zyada Mangta Nahin Aur Kam Woh Deta Nahi. 📚✍

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shayarisms4lovers mar18 02 - मुहब्बत की जुबान

मुहब्बत की जुबान

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मुहब्बत की जुबान

यहां तक आये हो कुछ ज़ुबान से कह दो
लफ्ज़ मुहब्बत नहीं कह सकते सलाम तो कह दो

पलकें तो उठाओ अपनी इतनी भी हया कैसी
ज़ुबान से नहीं कुछ कहते निगाह से ही कह दो

दिल को यकीन आये कहदो आप हमारे हो
अपने लिखे खतों का जवाब साथ लाए हो

खत में तो तुम ने हर बात लिख दी
आये हो तो मुस्कुरा कर इक़रार भी कर दो

माना की तारीफ से बढ़ कर ग़ज़ल तुम हो
जुम्बिश लबों को कह अपनी तक़दीर हमें कह दो

Mohabbat ki Juban

ahan tak aaye ho kuch zuban se keh do
lafz muhabbat nahi keh saktay salam to keh do

palkain to uthao apni etni bhi haya kaisi
zuban se nahi kuch kehte nighah se hi keh do

dil ko yaqeen aaye keh aap hamare ho
apne likhe khaton ka jawab sath laye ho

khat mein to tum ne har baat likh di
aaye ho to muskura kar iqraar bhi kar do

mana keh tareef se barh kar ghazal tum ho
jumbish labon ko keh apni taqdeer hamain keh do…

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shayarisms4lovers June18 263 - आज फिर दिल है कुछ उदास उदास – जावेद अख्तर

आज फिर दिल है कुछ उदास उदास – जावेद अख्तर

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दर्द अपनाता है पराये कौन
कौन सुनता है और सुनाए कौन

कौन दोहराए वो पुरानी बात
गम अभी सोया है जगाए कौन

वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं
कौन दुःख झेले आज़माए कौन

अब सुकून है तो भूलने में है
लेकिन उस शख्स को भुलाए कौन

आज फिर दिल है कुछ उदास उदास
देखिये आज याद आए कौन

Aaj Phir Dil Hai Kuch Udaas Udaas- Javed Akhtar

dard apanaataa hai paraae kaun
kaun sunataa hai aur sunaae kaun

kaun doharaae vo puraanii baat
Gam abhii soyaa hai jagaae kaun

vo jo apane hain kyaa vo apane hain
kaun dukh jhele aazamaae kaun

ab sukuuN hai to bhuulane mein hai
lekin us shaKhs ko bhulaae kaun

aaj phir dil hai kuchh udaas udaas
dekhiye aaj yaad aae kaun…

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