shayarisms4lovers June18 98 - तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है

तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है

तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है ऐतबार नहीं है मुझे अपनी किस्मत पे एक धोखा सा लगता है जब भी तुझे करीब पता हूँ एक सकून सा लगता है फिर न जाने क्यों एक डर सा लगता है तुझे पाकर जहाँ […]

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shayarisms4lovers June18 279 - हम कभी मिल सकें मगर – फ़राज़ की शायरी

हम कभी मिल सकें मगर – फ़राज़ की शायरी

हम कभी मिल सकें मगर , शायद जिनके हम मुन्तज़र रहे, उनको मिल गए और हमसफ़र शायद जान पहचान से भी क्या होगा फिर भी ऐ दोस्त , गौर कर शायद, अजनबीयत की धुंध छट जाए चमक उठे तेरी नज़र शायद ज़िन्दगी भर लहू रुलाएगी याद -ऐ -यारां -ऐ -बेखबर शायद जो भी बिछड़े वो कब मिले […]

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shayarisms4lovers mar18 92 - तुझे ऐ बेवफा हम ज़िंदगी का आसरा समझे

तुझे ऐ बेवफा हम ज़िंदगी का आसरा समझे

तुझे ऐ बेवफा हम ज़िंदगी का आसरा समझे तुझे ऐ बेवफा हम ज़िंदगी का आसरा समझे बड़े नादान थे हम हाय समझे भी तो क्या समझे मुहब्बत में हमें तक़दीर ने धोखे दिए क्या क्या जो दिल का दर्द था इस दर्द को दिल की दवा समझे हमारी बेबसी ये कह रही है हाय रो रो […]

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shayarisms4lovers mar18 141 - न कर एहद -ऐ -वफ़ा

न कर एहद -ऐ -वफ़ा

मोहब्बत से , इनायत से , वफ़ा से , चोट लगती है बिखरता फूल हूँ , मुझ को , हवा से , चोट लगती है … !! मेरी आँखों में , आंसू की तरह , एक रात आ जाओ तकल्लुफ से , बनावट से , अदा से , चोट लगती है … !! मैं शबनम की , […]

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shayarisms4lovers mar18 71 - यह इश्क़ वाले हैं जो हर चीज़ लूटा देते हैं – ग़ालिब

यह इश्क़ वाले हैं जो हर चीज़ लूटा देते हैं – ग़ालिब

यह इश्क़ वाले अक़्ल वालों के मुक़द्दर में यह जूनून कहाँ ग़ालिब यह इश्क़ वाले हैं जो हर चीज़ लूटा देते हैं …. Yeh Ishq Wale Aqal Walon ke Muqaddar mein Yeh Junoon Kahan Ghalib, Yeh Ishq Wale hain Jo Har cheez Luta Deta Hain….. ज़ाहिर है तेरा हाल ग़ालिब न कर हुज़ूर में तू […]

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shayarisms4lovers mar18 35 - हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

एक यार शीशे का पत्थरों की बस्ती में कारोबार शीशे का कोई भी नहीं करता ऐतबार शीशे का कांच से बने पुतले कहाँ दूर चलते हैं चार दिन का होता है यह खुमार शीशे का बन सँवर के हरजाई आज घर से निकला है जाने कौन होता है फिर शिकार शीशे का दिल के आज़माने […]

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shayarisms4lovers may18 41 - तेरे वादे पर सितमगर – Daag Dehlvi

तेरे वादे पर सितमगर – Daag Dehlvi

तेरे वादे पर सितमगर अभी और सब्र करते अजब अपना हाल होता जो विसाल-ऐ-यार होता कभी जान सदके होती कभी दिल निसार होता न मज़ा है दुश्मनी में न है लुत्फ़ दोस्ती में कोई गैर गैर होता कोई यार यार होता यह मज़ा था दिल्लगी का के बराबर आग लगती न तुम्हें क़रार होता न […]

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shayarisms4lovers June18 262 - Life Shayari, Agar koi puche zindagi mein kya khoya

Life Shayari, Agar koi puche zindagi mein kya khoya

एक खूबसूरत सोच अगर कोई पूछे जिंदगी में क्या खोया और क्या पाया, तो कहना जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी और.. जो भी पाया वो प्रभू की मेहेरबानी थी, खुबसूरत रिश्ता है मेरा और भगवान के बीच में, ज्यादा मैं मांगता नहीं और कम वो देता नहीं! Agar Koi Poochhe.. Zindagi Mein Kya […]

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shayarisms4lovers mar18 02 - मुहब्बत की जुबान

मुहब्बत की जुबान

मुहब्बत की जुबान यहां तक आये हो कुछ ज़ुबान से कह दो लफ्ज़ मुहब्बत नहीं कह सकते सलाम तो कह दो पलकें तो उठाओ अपनी इतनी भी हया कैसी ज़ुबान से नहीं कुछ कहते निगाह से ही कह दो दिल को यकीन आये कहदो आप हमारे हो अपने लिखे खतों का जवाब साथ लाए हो […]

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shayarisms4lovers June18 263 - आज फिर दिल है कुछ उदास उदास – जावेद अख्तर

आज फिर दिल है कुछ उदास उदास – जावेद अख्तर

दर्द अपनाता है पराये कौन कौन सुनता है और सुनाए कौन कौन दोहराए वो पुरानी बात गम अभी सोया है जगाए कौन वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं कौन दुःख झेले आज़माए कौन अब सुकून है तो भूलने में है लेकिन उस शख्स को भुलाए कौन आज फिर दिल है कुछ उदास उदास […]

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shayarisms4lovers mar18 220 - बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया

बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया

बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया काग़ज़ पे शाम काट के फिर शाम लिख दिया बिखरी पड़ी थी टूट के कलियाँ ज़मीन पर तरतीब दे के मैंने तेरा नाम लिख दिया आसान नहीं थी तर्क -ऐ -मुहब्बत की दास्ताँ दो आंसूओं ने आखरी पैग़ाम लिख दिया अल्लाह […]

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shayarisms4lovers mar18 55 - मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी

मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी

मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी ये जाम दूर रख दो पी लूँगा फिर कभी दिल को जला के बज़्म को रौशन ना कीजिए उस महजबीन को आने में कुछ देर है अभी हम ने तो अश्क पी के गुज़री है सारी उम्र हम से खफा है किस लिए आखिर ये ज़िंदगी जाम-ए-सुबू […]

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shayarisms4lovers June18 284 - आदतन तुम ने कर दिए वादे

आदतन तुम ने कर दिए वादे

आदतन तुम ने कर दिए वादे आदतन हम ने ऐतबार किया तेरी राहों में बारहा रुक कर हम ने अपना ही इंतज़ार किया अब ना माँगेंगे ज़िंदगी या रब ये गुनाह हम ने एक बार किया -गुलज़ार

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shayarisms4lovers June18 209 - यारो मुझे माफ़ करो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे माफ़ करो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे माफ़ करो मैं नशे में हूँ अब दो तो जाम खाली ही दो मैं नशे में हूँ मज़ुर हूँ जो पावं मेरे बेतरह पड़े तुम सर-गरन तो मुझ से ना हो मैं नशे में हूँ [मज़ुर=मजबूर; बेतरह=लड़खड़ाना ; सर-गरन=चिढ़ना] या हाथों हाथ लो मुझे जैसे के जाम-ए-मय या थोड़ी दूर साथ चलो मैं […]

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shayarisms4lovers June18 170 - वफ़ा के शीश महल में सज़ा लिया मैं ने

वफ़ा के शीश महल में सज़ा लिया मैं ने

वफ़ा के शीश महल में सज़ा लिया मैं ने वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैं ने ये सोच कर की ना हो तक में खुशी कोई गमों की ओट में खुद को छुपा लिया मैं ने कभी ना ख़त्म किया मैं ने रोशनी का मुहाज़ अगर चिराग बुझा, दिल जला लिया मैं ने […]

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