shayarisms4lovers mar18 220 - बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया

बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया

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बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया

बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया
काग़ज़ पे शाम काट के फिर शाम लिख दिया

बिखरी पड़ी थी टूट के कलियाँ ज़मीन पर
तरतीब दे के मैंने तेरा नाम लिख दिया

आसान नहीं थी तर्क -ऐ -मुहब्बत की दास्ताँ
दो आंसूओं ने आखरी पैग़ाम लिख दिया

अल्लाह ज़िन्दगी से कब तक निभाऊं मैं
किस बेवफा के साथ मेरा नाम लिख दिया

तक़सीम हो रही थीं खुदाई की नेमतें
इक इश्क़ बच गया सो मेरे नाम लिख दिया

किसी की देंन हैं यह शायरी मेरी
किसकी ग़ज़ल पे किसने मेरा नाम लिख दिया

Barson ke intezar ka anjaam likh diya

Barson ke intezar ka anjaam likh diya
kaghaz pe shaam kaat ke phir shaam likh diya

bikhri paree thi toot ke kaliyan zameen par
tarteeb de ke maine tera naam likh diya

aasan nahin thi tark-e-muhabbat ki daastan
do aansoon ne aakhri paigham likh diya

allah zindagi se kab tak nibhaon main
kis bewafa ke saath mera naam likh diya

taqseem ho rahi thi khudai ki naimatain
ik ishq bach gaya so mere naam likh diya

kissi ki dein hain yeh shairee meri
kiski ghazal pe kisne mera naam likh diya…

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shayarisms4lovers mar18 55 - मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी

मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी

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मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी
ये जाम दूर रख दो पी लूँगा फिर कभी

दिल को जला के बज़्म को रौशन ना कीजिए
उस महजबीन को आने में कुछ देर है अभी

हम ने तो अश्क पी के गुज़री है सारी उम्र
हम से खफा है किस लिए आखिर ये ज़िंदगी

जाम-ए-सुबू को दूर ही रहने दे सक़िया
मुझ को उतरना है कल का नशा अभी

-सुरेंदर मलिक गुमनाम…

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shayarisms4lovers June18 284 - आदतन तुम ने कर दिए वादे

आदतन तुम ने कर दिए वादे

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आदतन तुम ने कर दिए वादे
आदतन हम ने ऐतबार किया

तेरी राहों में बारहा रुक कर
हम ने अपना ही इंतज़ार किया

अब ना माँगेंगे ज़िंदगी या रब
ये गुनाह हम ने एक बार किया

-गुलज़ार…

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shayarisms4lovers June18 209 - यारो मुझे माफ़ करो मैं नशे में हूँ

यारो मुझे माफ़ करो मैं नशे में हूँ

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यारो मुझे माफ़ करो मैं नशे में हूँ
अब दो तो जाम खाली ही दो मैं नशे में हूँ

मज़ुर हूँ जो पावं मेरे बेतरह पड़े
तुम सर-गरन तो मुझ से ना हो मैं नशे में हूँ
[मज़ुर=मजबूर; बेतरह=लड़खड़ाना ; सर-गरन=चिढ़ना]

या हाथों हाथ लो मुझे जैसे के जाम-ए-मय
या थोड़ी दूर साथ चलो मैं नशे में हूँ

-मीर तक़ी मीर…

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shayarisms4lovers June18 170 - वफ़ा के शीश महल में सज़ा लिया मैं ने

वफ़ा के शीश महल में सज़ा लिया मैं ने

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वफ़ा के शीश महल में सज़ा लिया मैं ने
वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैं ने

ये सोच कर की ना हो तक में खुशी कोई
गमों की ओट में खुद को छुपा लिया मैं ने

कभी ना ख़त्म किया मैं ने रोशनी का मुहाज़
अगर चिराग बुझा, दिल जला लिया मैं ने

कमाल ये है की जो दुश्मन पे चलाना था
वो तीर अपने कलेजे पे खा लिया मैं ने

‘क़तील’ जिसकी अदावत में एक प्यार भी था
उस आदमी को गले से लगा लिया मैं ने

-क़तील शिफ़ाई…

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shayarisms4lovers June18 166 - वक़्त के साथ गर हम भी बदल जाते तो अच्छा था

वक़्त के साथ गर हम भी बदल जाते तो अच्छा था

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वक़्त के साथ गर हम भी बदल जाते तो अच्छा था …
बहुत अरमान थे दिल में निकल जाते तो अच्छा था …

न शीशे के रह पाये न पत्थर के हो पाये …
किसी अच्छे से साँचे में जो ढल जाते तो अच्छा था …

गिरे तो यूँ गिरे के गिराया सब ने नज़रों से …
ज़रा सा लड़खड़ा कर संभल जाते तो अच्छा था …

वो हम से ऐसे रूठे हैं जैसे हम अंदर से टूटे हैं …
किसी बच्चे की मानिंद ही मचल जाते तो अच्छा था …

सफर में हो कोई साथी तो आसानी सी रहती है …
अकेलेपन के ज़ालिम पल जो टल जाते तो अच्छा था


waqt key sath gar hum bhi badal jatay to accha tha…
Bahat arman they dil mein nikal jatey to accha tha…

Na sheeshey ke rah paye na pathar key ho paye…
Kisi acchey se sanchay mein jo dhal jatey to achcha tha…

Girey to yun girey key Giraya sab ne nazaron se…
zara sa ladkhada kar sambhal jatay to accha tha…

Woh hum se aise roothey hain jaise hum ander se tootey hain…
Kisi bachey ki manind hi machal jatey to accha tha…

Safar mein ho koi sathi tuo asani si rehti hai…
Akelaypan key Zalim pal jo tal jate to accha tha…

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shayarisms4lovers June18 210 - सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है – फ़राज़ की शायरी

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है – फ़राज़ की शायरी

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सुना है लोग उसे – फ़राज़ अहमद

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है
तो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते है

सुना है राफत है उसे खराब हालो से
तो अपने आप को बर्बाद कर के देखते है

सुना है दर्द की गाहक है चस्मे नाज़ उसकी
तो हम भी उसकी गली से गुजर के देखते है

सुना है उसको भी है शेयर -ओ -शायरी से सराफ
तो हम भी मोईझे अपने हुनर के देखते है

सुना है बोले तो बातों से फूल झड़ते है
यह बात है तो चलो बात कर के देखते है

सुना है रात उसे चाँद तकता रहता है
सितारे बामे-ऐ-फलक से उतर के देखते है

सुना है दिन को उसे तितलियाँ सताती है
सुना है रात को जुगनू ठहर के देखते है

सुना है उसके बदन की तराश ऐसी है
फूल अपनी कवाएं क़तर के देखते है

रुके तो गर्दिशयें उसका तवाफ़ करते है
चले तो उसे ज़माने ठहर के देखते है

Hindi and Urdu Shayari – हुस्न की तारीफ  (Faraz Ahmed) – सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है

Suna hai Log use – Faraz Ahmed

suna hai log use ankh bhar ke dekhte hai
to uske shehar mein kuch din tehar ke dekhte hai

suna hai raft hai use khrab haalo se
to apne app ko barbaad kar ke dekhte hai

suna hai dard ki gaahak hai chaasme naaz uski
to hum bhi uski gali se gujar ke dekhte hai

suna hai usko bhi hai sher-o-shayari se saraaf
to hum bhi moejhe apne hunar ke dekhte hai

suna hai bole to baaton se phool jharthe hai
yeah baat hai to chaalo baat kar ke dekhte hai

suna hai raat use chand takta rehta hai
sitare bame falak se utaar ke dekhte hai

suna hai din ko use titliya satati hai
suna hai raat ko jungu ther ke dekhte hai

suna hai uske badan ki tarash aisi hai
phhol apni kawayen katar ke dekhte hai

ruke to gardishyein uska tawaf karte hai
chale to use jamane ther ke dekhte hai

Urdu and hindi shayari – Husn – Faraz ki shayari – suna hai log use ankh bhar ke dekhte hai
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shayarisms4lovers June18 140 - उसे बारिशों ने चुरा लिया के वो बादलों का मकीन था

उसे बारिशों ने चुरा लिया के वो बादलों का मकीन था

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उसे बारिशों ने चुरा लिया 

उसे बारिशों ने चुरा लिया के वो बादलों का मकीन था
कभी मुड़ के यह भी देखा के मेरा वजूद ज़मीन था

वही एक सच था और उस के बाद तमाम तोहमतें झूट हैं
मेरे दिल को पूरा यक़ीन है वो मुबात्तों का आमीन था

उसे शौक़ था के किसी जज़ीरे पे उस के नाम का फूल हो
मुझे प्यार करना सीखा गया मेरा दोस्त कितना ज़हीन था

तुझे किस तरह खबर हुई के मेरी हयात संवर गई
ज़रा अपने दिल से तो पूछ के यह गुमान था के यक़ीन था

कभी साहिलों पे चलोगे तो तुम्हे सिप्पियां ही बताएँगी
मेरी आँख में जो सिमट गया वही अश्क सब से हसीं था

Usse Barrishon Ne Chura Liya

Usse barrishon ne chura liya ke wo baadloo ka makeen tha
kabhi mud ke yeh bhi dekha kw mera wajood zameen tha

wahi ek sach tha aur us ke baad tamam tohmatein jhoot hein
Mere dil ko pura yaqeen hai wo mubatton ka ameen tha

Usay shouq tha ke kisi jazeeray pe us ke naam ka phool ho
Mjhy pyar krna sikha gaya mera dost kitna zaheen tha

Tujhe kis tarah khabar hui ke meri hayat sanwar gaye?
Zara apne dil se to pooch ke yeh gumaan tha ke yaqeen tha?

kabhi sahilon pe chaloge to tumhe sippiyan hi btayain gi
meri aankh main jo simat gya wohi ashk sab se haseen tha…

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shayarisms4lovers June18 97 - Hindi Potery, Kuchh dabi hui khvaahishen hai

Hindi Potery, Kuchh dabi hui khvaahishen hai

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इसी का नाम ज़िन्दगी है
कुछ दबी हुई ख़्वाहिशें है, कुछ मंद मुस्कुराहटें..
कुछ खोए हुए सपने है, कुछ अनसुनी आहटें..
कुछ सुकून भरी यादें हैं, कुछ दर्द भरे लम्हात..
कुछ थमें हुए तूफ़ाँ हैं, कुछ मद्धम सी बरसात..
कुछ अनकहे अल्फ़ाज़ हैं, कुछ नासमझ इशारे..
कुछ ऐसे मंझधार हैं, जिनके मिलते नहीं किनारे..
कुछ उलझनें है राहों में, कुछ कोशिशें बेहिसाब..
बस इसी का नाम ज़िन्दगी है चलते रहिये, जनाब..!!…

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shayarisms4lovers June18 148 - हर धड़कन में एक राज़ होता है – धड़कन उर्दू शायरी

हर धड़कन में एक राज़ होता है – धड़कन उर्दू शायरी

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बहुत देर कर दी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने में
वो दिल नीलाम हो गया जिस को कभी हसरत तुम्हारे दीदार की थी

हर धड़कन में एक राज़ होता है

हर धड़कन में एक राज़ होता है
हर बात कहने का एक अंदाज़ होता है
जब तक ठोकर न लगे इश्क़ में
हर किसी को अपने महबूब पे नाज़ होता है

Har Dhadkan Mein Ek Raaz Hota Hai

Har Dhadkan mein ek raaz hota hai
Har baat kehne ka ek andaaz hota hai
Jab tak thokar na lage ishq mein
Har kisiko apne mehboob pe naaz hota hai


धड़कन ज़रा थम जा

शोर न कर धड़कन ज़रा थम जा कुछ पल के लिए
बड़ी मुश्किल से मेरी आँखों में उसका खवाब आया है

Dhadkan Zara Tham Ja

Shor Na Kar Dhadkan Zara Tham Ja Kuch Pal Ke Liye
Badi Muskil Se Meri Aankhon Mein Uska Khawab Aaya hai


दिल की धड़कन को धड़का गया कोई

दिल की धड़कन को धड़का गया कोई
मेरे ख्वाबों को जगा गया कोई
हम तो अनजाने रास्तो पे यूं ही चल रहे थे
अचानक ही प्यार का मतलव भी सीखा गया कोई

Dil ki Dhadkan ko Dhadka Gaya Koi

Dil ki dhadkan ko dhadka gaya koi
Mere khawaboon ko jgaa gaya koi
Hum to anjane rasto pe yoon hi chal rahe the
Achanak hi pyar ka matlab sikha gaya koi


दिल का धड़कना माँगोगे

मेरी धड़कनो से दिल का धड़कना माँगोगे
एक दिन तुम मुझसे मेरा प्यार उधर माँगोगे
मैं वो फूल हूँ जो तेरे चमन से न खिलेगा
एक दिन तुम अपनी वीरान ज़िन्दगी के लिए बहार माँगोगे

Dil Ka Dhadknaa Mangoge

Meri Dhadkano Se Dil Ka Dhadknaa Mangoge
Ek Din Tum Mujhse Mera Pyaar Udhar Mangoge
Main Wo Phool Hoon Jo Tere Chaman Se Na khilega
Ek din tum Apni Viran Zindagi Ke Liye Bhaar Mangoge


मेरी साँसे उसकी धड़कन में बस्ती है

आज भी मेरे दिल में वो रहती है
आज भी मेरे सपनो में वो दिखती  है
क्या हुआ अब हम दूर है एक दुसरे से पर
आज भी मेरी साँसे उसकी धड़कन में बस्ती है

Meri Saanse Uski Dhadkan Mein Basti Hai

Aaj Bhi Mere Dil Mein Wo rehti Hai
Aaj Bhi Mere Sapno Me Wo Dikhti Hai
Kya Hua Ab Hum Door Hai Ek Dosre Se Par
Aaj Bhi Meri Saanse Uski Dhadkan mein basti Hai


धड़कन है मेरे दिल की

धड़कन है मेरे दिल की तू आँखों का …

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shayarisms4lovers June18 250 - Hindi Urdu Poetry | Charagh Le Ke Tere Shehar Se Guzarna Hai

Hindi Urdu Poetry | Charagh Le Ke Tere Shehar Se Guzarna Hai

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Hindi Urdu Poetry | Urdu Shayari Ghazal

Charagh le ke tere shehar se guzarna hai
Ye tajurba bhi hame ek baar karna hai

Main woh pahar hu jo cut raha ho pani se
Ye dil nahi hai mere aansuo ka jharna hai

Bohat jadeed hun lekin ye mera wirsa hai
Usi qadeem gali se mujhe guzarna hai

Tumhe khabar nahi suraj bhi aks hai mera
Tamam din ka mujhe intazam karna hai

Wo ek shakhs ke jis ko gazal bhi kehte hain
Usi ke naam se jeena, usi se marna hai

Hindi Urdu Poetry

چراغ لے کے تیرے شہر سے گزرنا ہے
یہ تجربہ بھی ہمیں ایک بار کرنا ہے

میں وہ پھر ہوں جو کٹ رہا ہو پانی سے
یہ دل نہیں ہے میرے آنسوؤں کا جھرنا ہے

بہت جدید ہوں لیکن یہ میرا ورثہ ہے
اسی قدیم گلی سے مجھے گزرنا ہے

تمہیں خبر نہیں سورج بھی عکس ہے میرا
تمام دن کا مجھے انتظام کرنا ہے

وہ ایک شخص کے جس کو غزل بھی کہتے ہیں
اسی کے نام سے جینا اسی سے مرنا ہے

#Hindi #Urdu #Poetry

चराग़ लेके तेरे शहर से गुज़ारना है
ये तजरुबा भी हमें एक बार करना है

मैं वह पहर हु जो कट रहा हो पानी से
ये दिल नहीं है मेरे आंसुओ का झरना है

बहुत जदीद हूँ लेकिन ये मेरा विरसा है
उसी क़दीम गली से मुझे गुज़रना है

तुम्हे खबर नहीं सूरज भी अक्स है मेरा
तमाम दिन का मुझे इंतज़ाम करना है

वो एक शख्स के जिस को ग़ज़ल भी कहते हैं
उसी के नाम से जीना, उसी से मरना है

♥…

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shayarisms4lovers June18 233 - उनके एक जान-निसार हम भी हैं

उनके एक जान-निसार हम भी हैं

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उनके एक जान-निसार हम भी हैं
हैं जहाँ सौ-हज़ार हम भी हैं

तुम भी बेचैन हम भी हैं बेचैन
तुम भी हो बेक़रार हम भी हैं

ऐ फलक कह तो क्या इरादा है
ऐश के ख्वाइशगार हम भी हैं

शहर खाली किए दुकान कैसी
एक ही वादा-ख्वार हम भी हैं

शर्म समझे तेरे तगाफुल को
वह! क्या होशियार हम भी हैं

तुम अगर अपनी खु के हो माशूक़
अपने मतलब के यार हम भी हैं

जिस ने चाहा फँसा लिया हमको
दिल-बारों के शिकार हम भी हैं

कौन सा दिल है जिस में दाग नहीं
इश्क़ की यादगार हम भी हैं

-दाग देहलवी…

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shayarisms4lovers June18 248 - Cute Love Shayaris of Bachpan Ka Romantic Pyaar

Cute Love Shayaris of Bachpan Ka Romantic Pyaar

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Emotional Love Shayari of Bachpan for girlfriend

बचपने में की मोहब्बत का अपना ही मज़ा है.
बचपन के प्यार को याद करना मीठी सी सजा है…
वो स्कूल में बात बात पे लड़ना भी याद आता है…
वो टेस्ट में साथ बैठ के पढ़ना भी याद आता है…
उसकी गली के पैदल चक्कर काटने का बड़ा अजब स्वाद था..
वो भी झट से छत पे आ जाती दिल उसका भी बेकरार था…
वो प्यारी प्यारी सी दिल की बातो का मज़ा क्या बताऊ…
उसकी याद में उसकी नोटबुक को देख कर
कटी रातो का मज़ा क्या बताऊ..
वो स्कूल का आखरी दिन भी अजीब था..
जिस से दूर भागता था आज जाना चाहता उसके करीब था..
दिल में कोई जज़्बात न थे ज़ुबान पे कोई बात न थी…
तब पता भी न था के किसी से प्यार है
जब पता लगा तो वो पास न थी…!!!

Jaanta Nahin Hoon Kitna Par Karta Hoon Shayari In Hindi

Jaanta Nahin Hoon Kitna
Par Karta Hoon Bas Tujhi Se Pyar
Yakeen Hai Nahin Aayegi Tu
Phir Bhi Karta Hoon Bas Tera Hi Intezaar
Jahan Mein Mere Hamesha
Khayaal Tera Aata Hai
Tujhse Bichhdne Ka Gam
Pal-Pal Mujhe Satata Hai
Yeh Sach Hai Ki Mohabbat Kee Hai Maine
Par Mohabbat Khata To Nahin
Gar Chahe To De Mujhe Sajaa
Par Itni Badi Sajaa To Nahin
Phir Bhi Karoonga Dua Us Khuda Se
Tu Jo Maange Tujhe Mil Jaaye
Par Kee Hai Tune Bhi Ik Galti
Iska Ehsaas Tujhe Kabhi To Ho Paaye
Tab Bulaegi Bhi Tu Agar Mujhko
Laut Ke Phir Kabhi Na Aaoonga
Dhoondh Na Paaye Saaya Tak Mera
Tujhse Itni Door Chala Jaaoonga !!!…

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shayarisms4lovers June18 239 - हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए – Hindi Shayari

हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए – Hindi Shayari

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मैं अश्क़ हूँ

मैं अश्क़ हूँ मेरी आँख तुम हो
मैं दिल हूँ मेरी धडकन तुम हो
मैं जिस्म हूँ मेरी रूह तुम हो
मैं जिंदा हूँ मेरी ज़िन्दगी तुम हो
मैं साया हूँ मेरी हक़ीक़त तुम हो
मैं आइना हूँ मेरी सूरत तुम हो
मैं सोच हूँ मेरी बात तुम हो
मैं मुकमल हूँ जब मेरे साथ तुम हो
मैं तुम मैं हूँ अब तुम ही हो , अब तुम ही हो

Main ashq Hoon

Main ashq Hoon Meri ankh Tum Ho
Main Dil Hoon Meri Dharkan Tum Ho
Main jism Hoon Meri Rooh Tum Ho
Main Jinda Hoon Meri Zindagi Tum Ho
Main saya Hoon Meri Haqiqat Tum Ho
Main Aena Hun Meri Surat Tum Ho
Main soch Hoon Meri Baat Tum Ho
Main Mukmal hoon Jab Mere Sath Tum Ho
Main Tum main hoon Ab Tum hi ho , Ab Tum Hi Ho…


वादा

वादा निभाना हमारी आदत हो गयी
हमें भूलने की उनकी आदत है
उन्हें याद करने की हमारी आदत हो गयी

Wada

Wada Nibhana Humari Aadat Ho Gayi
Humein Bhulane Ki Unki Aadat Hai
Unhe Yaad Karne Ki Humari Aadat Ho Gayi…


गुनहगार

लोग पत्थर के बूतों को पूज कर भी मासूम रहे “फ़राज़”
हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए

Ghunegar

Log Pathar Ke Bhuton Ko Poojh Ker Bhi Masoom Rahay “Faraz”
Hum Ne Ek Insan Ko Chaaha Aur Ghunegar Ho Gaye…


तन्हाई

तन्हाई मेरे दिल में समाती चली गयी
किस्मत भी अपना खेल दिखाती चली गयी
महकती फ़िज़ा की खुशबू में जो देखा तुम को
बस याद उनकी आई और रुलाती चली गयी..

Tanhayi

Tanhayi mere dil mein samati chali gayi
Kismat bhi apna khel dikhati chali gayi
Mehkti fiza ki khusbu me jo deka tum ko
Bas yaad unki aayi aur rulati chali gayi…

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shayarisms4lovers June18 267 - Shiv Kumar Batalvi – नग्मे और शायरी

Shiv Kumar Batalvi – नग्मे और शायरी

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प्यार तेरे शहर दा

रोग बन के रह गया है प्यार तेरे शहर दा
मैं मसीहा वेख्या बीमार तेरे शहर दा

इसकी गलियां मेरी चढ़दी जवानी खा लायी
क्यों ना करूँ दोस्ता सत्कार तेरे शहर दा

शहर तेरे क़दर नहीं लोकां नू सच्चे प्यार दी
रात नूं खुल्दा है हर बाजार तेरे शहर दा

जिथे मोयां बाद भी कफ़न नहीं होया नसीब
कौन पागल अब करे एतबार तेरे शहर दा

इथे मेरी लाश तक नीलाम कर दीती गयी
लथ्या कर्ज़ा ना फिर भी यार तेरे शहर दा

Pyaar Tere Shahar Da

Rog ban ke reh gayaa hai pyaar tere shahar daa
Main Masiihaa vekhyaa biimaar tere shahar daa

Ehdiyaan galiyan merii charhdi jawaani khaa layii
Kyon karaan naa dostaa satkaar tere shahar daa

Shahar tere qadar nahin lokaan noon suche pyaar dii
Raat noon khuldaa hai har bazaar tere shahar daa

Jithe moyaan baad vii kafan nahin hoyaa nasiib
Kaun paagal hun kare etbaar tere shahar daa

Eithe merii laash tak niilaam kar ditii gayii
Lathyaa karzaa naa fer vii yaar tere shahar daa…


दर्द दा कोई जाम पीतियाँ

आज फिर दिल गरीब इक पाउँदा है वास्ता,
दे जा मेरी अज  कलम नू  इक होर हादसा

मुददत होइ है दर्द दा कोई जाम पीतियाँ ,
पीडां च हन्जू घोल के , दे जा दो आताशा

कागज़ दी कोरी रीझ है चुप चाप वेखदी ,
शब्दां दे थल च भटकदा गीतां दा काफिला

तुरना मैं चौन्दां पैर विच कंडे दी ले के पीड ,
दुःख तो खबर तक दोस्ता जिना भी फासला ,

आ बौड़ शिव नु पीड भी है कंडे दी चली ,
रखी सी जेह्ड़ी उस ने मुददत तो दास्ताँ

Dard Da Koi Jaam Peeteyaan

Aaj Fer Dil Gareeb Ik Paaunda Hai Vaasta,
De Ja Meri Aaj Kalam Nu Ik Hor Haadsa,

Muddat Hoi Hai Dard Da Koi Jaam Peeteyaan,
Peedaan Ch Hanju Ghol Ke, De Ja Do Aatasha,

Kaagaz Di Kori Reejh Hai Chup Chaap Vekhdi,
Shabdaan De Thal Ch Bhatakda Geetaan Da Kaafila,

Turnaa Main chaundaan Pair Vich Kande Di Le Ke Peed,
Dukh To Kabar Tak Dosta Jihna Vi Faasala,

Aa Bahur Shiv Nu Peed Vi Hai Kand De Chali,
Rakhi Si Jihdi Oas Ne Muddat To Daastaan.…

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