shayarisms4lovers mar18 179 - Wasi Shah - Sochta hoon ke usay neend bhi ati hogi..

Wasi Shah – Sochta hoon ke usay neend bhi ati hogi..

सोचता हूँ के उसे नींद भी आती होगी, या मेरी तरह फ़ाक़ात अश्क़ बहाती होगी, वो मेरी शकल मेरा नाम भुलाने वाली, अपनी तस्वीर से क्या आँख मिलाती होगी, इश्स ज़मीन प्र भी है सैलाब मेरे अश्कों से, मेरे मातम की सदा आर्शह हिलाती होगी, शाम होते ही वो चोखत प्र जला कर शेमेन, अपनी […]

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