Hindi Shayari by Rahet Indori

Hindi Shayari

अब ना मैं हूँ, ना बाकि हैं ज़माने मेरे,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जायेंगे ,
अब भी बाकि हैं कई दोस्त पुराने मेरे।।