shayarisms4lovers June18 199 - Sad Shayari in Hindi for Girlfriend

Sad Shayari in Hindi for Girlfriend

Bewafa Shayari Hindi Shayari Shayari

Bewafa Shayari

A. दिल में है जो दर्द वो दर्द किसे बताएं,
हंसते हुए ये ज़ख्म किसे दिखाएँ ,
कहती है ये दुनिया हमे खुश नसीब ,
मगर इस नसीब की दास्ताँ किसे सुनाये

A. जिंदगी इतनी तन्हा क्यो होती है
किस्मत इतनी बेवफा क्यो होती है
लोगो की अक्सर ये शिकायत क्यो होती है
जिसे पाना है मुस्किल, उसी से
इतनी मोहब्बत क्यो होती है….

A. प्यार कोई बारिश का नाम नही
जो बरसे और थम जाए
प्यार सूरज भी नही ,
जो चमके और डूब जाए
प्यार तो नाम है साँस का
जो चले तो ज़िंदगी और
रुके तो मौत बन जाए..!!

A. प्यार के पन्नो से भारी किताब हो तुम,
रिश्तों के फुलो मे गुलाब हो तुम,
कुछ लोग कहते है की प्यार सच्चा नही होता,
उन लोगों के हर सवाल का जवाब हो तुम..!!

A. उनके आने के इंतज़ार में हमनें,
सारे रास्ते दिएँ से जलाकर रोशन कर दिए ,
उन्होंने सोचा कि मिलने का वादा तो रात का था ,
वो सुबह समझ कर वापस चल दिए।

A. उसके होने या ना होने से,
कुछ ख़ास फ़र्क नही पड़ा,
दोस्तो
बस
कल जहाँ दिल हुआ करता था,
आज वहाँ दर्द होता है….. !!

A. ना तसवीर है तुम्हारी जो दीदार किया जाये
ना तुम हो पास जो प्यार किया जाये
ये कौन सा दर्द दिया है तुमने ऐ सनम
ना कुछ कहा जाये ना तुम बिन रहा जाये !!

A. हस्ती मिट जाती है आंशिया बनाने में,
बड़ी मुस्किल होती है अपनो को समझाने मे
एक पल में किसी को भुला मत देना
जिंदगी लग जाती है किसी को अपना बनाने मे

A. सुना है हमसे बढ़ कर चाहने लगा है कोई तुम्हे
तुम उसी की हो जाना, जो हमसे बढ़ कर चाहे तुम्हे.

A. बोझ ईटो का थोड़ा और बढ़ा दो साहब
आज बच्चे ने खिलौने की माँग की है

A.1:-अगर दुनिया में जीने की चाहत ना होती, तो खुदा ने मोहब्बत बनाई ना होती, लोग मरने की आरज़ू ना करते, अगर मोहब्बत में बेवाफ़ाई ना होती,

A.2:-जिस किसीको भी चाहो वोह बेवफा हो जाता है, सर अगर झुकाओ तो सनम खुदा हो जाता है, जब तक काम आते रहो हमसफ़र कहलाते रहो, काम निकल जाने पर हमसफ़र कोई दूसरा हो जाता है…

A.3:-इस कदर हम यार को मनाने निकले, उसकी चाहत के हम दिवाने निकले, जब भी उसे दिल का हाल बताना चाहा, उसके होठों से वक़्त न होने के बहाने निकले..

A.4:-मैं शिकायते भी किससे करूँ, सब किस्मतों की बात है, तेरी सोच में भी नहीं हूँ मैं, मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ तू याद हैं..

A.5:-मुहब्बत में क्यों वेब्फ़ाइ होती है, सुना था प्यार में गहराई होती है, टूट कर चाहने वाले के नसीब में, क्यों सिर्फ फिर तन्हाई होती है..

A.6:-मुझे फिर तबाह कर मुझे फिर रुला जा, सितम करने वाले कहीं से तू आजा, आँखों में तेरी ही सूरत बसी है, तेरी ही तरह तेरा ग़म भी हंसीं है..

A.7:-मुझे फिर तबाह कर मुझे फिर रुला जा, सितम करने वाले कहीं से तू आजा, आँखों में तेरी ही सूरत बसी है, तेरी ही तरह तेरा ग़म भी हंसीं है..

A.8:-आग दिल मे लगी जब वो खफा हुए, महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए, कर के वफ़ा कुछ दे ना सके वो , पर बहुत कुछ दे गये जब वो बेवफा हुए..

A.9:-कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी, कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी, बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने, आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी..

A.10:-हम ने सीने से लगाया, दिल न अपना बन सका, मुस्कुरा कर तुम ने देखा, दिल तुम्हारा हो गया…

A.11:-भुला के मुझको अगर तुम भी हो सलामत, तो भुला के तुझको संभलना मुझे भी आता है, नहीं है मेरी फितरत में ये आदत वरना, तेरी तरह बदलना मुझे भी आता है..

A.12:-मेरे खवाबो मे आना आपका कसूर था, आपसे दिल लगाना हमारा कसूर था, आप आए थे जिन्दगी मे पल दो पल के लिए, आपको जिन्दगी समझ लेना हमारा कसूर था..

A.13:-अपनी खुशीयां लुटा कर उसपर कुर्बान हो जाऊ, काश कुछ दिन उसके शहर का मेहमान हो जाऊ, वो अपना नायाब दिल मुझको देदे, और फिर वापस मांगे, मैं मुकर जाऊ और बेईमान हो जाऊ..

A.14:-तेरी दोस्ती ने दिया सकूं इतना, की तेरे बाद कोई अच्छा न लगे, तुझे करनी है बेवफ़ाई तो इस अदा से कर, कि तेरे बाद कोई भी बेवफ़ा न लगे।

A.15:-दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना, अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना, कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं, फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना..

A.16:-कोई हुनर, कोई राज, कोई रविश, कोई तो तरीका बताओ दिल टूटे भी ना, साथ छूटे भी ना, कोई रुठे भी ना और जिदंगी गुजर जाए..

A.17:-आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए, महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए, करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो, पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए!

A.18:-जिंदगी में कभी ऐसा मोड़ आएगा सोचा ना था, जिसके लिए जीती हूँ वो छोड़ जाएगा सोचा ना था, सच्ची मोहब्बत की थी मैंने कोई खिलवाड़ नहीं था, बदले में वो रिश्ता तोड़ जाएगा सोचा ना था…

A.19:-आपकी नशीली यादों में डूबकर, हमने इश्क की गहराई को समझा, आप तो दे रहे थे धोखा और, हमने जानकर भी कभी आपको बेवफा न समझा।

A.20:-क्यों आए मेरी जिंदगी में गर जाना ही था, क्यों हँसाया मुझे गर रूलाना ही था, क्या मैंने कहा था के मुझे तुम्हारी जरूरत है आओ पास मेरे, क्यों पास आए गर दूरियों को बढ़ाना ही था..

A.21:-न वो सपना देखो जो टूट जाये, न वो हाथ थामो जो छूट जाये, मत आने दो किसी को करीब इतना, कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।

A.22:-उन लोगों का क्या हुआ होगा, जिनको मेरी तरह गम ने मारा होगा, किनारे पर खड़े लोग क्या जाने, डूबने वाले ने किस किस को पुकारा होगा।।

A.23:-हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर, तुझपर ज़रा भी ज़ोर होता मेरा, ना रोते हम यूँ तेरे लिये, अगर हमारी ज़िन्दगी में तेरे सिवा कोई ओर होता..

A.24:-चाँद की रातों मे सारा जँहा सोता है, लेकिन किसी की यादों मे कोई बदनसीब रोता हैं, खुदा किसी को मुहब्त पे फिदा न करे, अगर करे तो किसी को जुदा न करें।

A.25:-हादसोँ के गवाह हम भी हैँ, अपने दिल से तबाह हम भी हैँ, जुर्म के बिना सजा ए मौत मिली, ऐसे ही एक बेगुनाह हम भी हैँ..!!

A.26:-जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं, वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं, झूठा ही सही मेरे यार का वादा है, हम सच मान कर ऐतबार करते हैं..

A.27:-टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी, मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी, न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से, के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी..

A.28:-घर बना कर मेरे दिल में, वो चली गई है, ना खुद रहती है, ना किसी और को बसने देती है..

A.29:-दो कदम चलकर अक्सर हम रुक जाया करते है , क्यों इंतजार रहता है उनका, जो राह में छोड़कर चले जाया करते है।।

A.30:-दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता; रोता है दिल जब वो पास नहीं होता; बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में; और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता…

A.31:-तुम बताओ तो मुझे किस बात की सजा देते हो। मंदिर में आरती और महफ़िल में शमां कहते हो। मेरी किस्मत में भी क्या है लोगो जरा देख लो, तुम या तो मुझे बुझा देते हो या फिर जला देते हो..

A.32:-खामोशी से बिखरना आ गया है, हमें अब खुद उजड़ना आ गया है, किसी को बेवफा कहते नहीं हम, हमें भी अब बदलना आ गया है, किसी की याद में रोते नहीं हम, हमें चुपचाप जलना आ गया है, गुलाबों को तुम अपने पास ही रखो, हमें कांटों पे चलना आ गया है|

A.33:-तक़दीर ने हमें आज़माया बहुत हमने उसे मनाया बहुत जिसकी ज़िंदगी ख़ुशियों से सजा दी उसी शख़्स नें हमें रुलाया बहुत

A.34:-पल पल उसका साथ निभाते हम एक इशारे पर दुनिया छोड जाते हम समदर के बीच मै पहुचॅ कर फरेब किया उसने वो कहता तो किनारे पर ही डूब जाते हम

A.35:-मेरा यूँ टुटना और टूटकर बिखर जाना कोई इत्फाक नहीं, किसी ने बहुत कोशिश की है मुझे इस हाल तक पहुँचाने में…

A.36:-छोड़ दिया हमने उसका दीदार करना हमेशा के लिए… जिसको प्यार की कदर ना हो उसे मुड़ मुड़ के क्या देखना…..!!

A.37:-इतनी शिद्दत से चाहा जाए तो पत्थर भी अपने हो जाते हैं

A.38:-ऐ खुदा..

A.39:-न जाने ये मिट्टी का इनसान इतना मगरूर क्यों होता है

A.40:-मोहब्बत का मेरा सफर आखिरी है, ये कागज, कलम ये गजल आखिरी है, मैं फिर मिलूं ना मिलूं कहीं ढूंढ लेना, तेरे दर्द का ये असर आखिरी है।

A.41:-ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक हैं, तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक हैं वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी, हमें तो देखना है, तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं.

A.42:-एक दिन ऐसा आएगा सल्तनत भी मेरी होगी और ‪हुकूमत‬ भी मेरी होगी बस फर्क सिर्फ इतना होगा कि वहाँ राजा मै होऊँगा और मुजरे_वाली तू होगी

A.43:-टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी, मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी, न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से, के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी

A.44:-मौसम मे जुदाई के गर तेरा दीदार हो जाये । तो मेरा दिल भी सनम तेरा कर्जदार हो जाये । तुम जो छोङ कर गये हो हमको तन्हां, है बद्दुवा मेरी की तुम को भी प्यार हो जाये ॥

A.45:-वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो, वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो

A.46:-कौन कहता है हम उसके बिना मर जायेंगे हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे वो तरस जायेंगे प्यार की एक बून्द के लिए हम तो बादल है प्यार के किसी और पर बरस जायेंगे|

A.47:-प्यार में वो हम को बेपनाह कर गये, फिर ज़िनदगीं में हम को तन्नहा कर गये, चाहत थी उनके इश्क में फ़नाह होने की, पर वो लौट कर आने को,भी मना कर गये..

A.48:-सुकून ऐ दिल के लिए कभी हाल ही पूँछ लिया करो… मालूम तो हमें भी है कि हम आपके अब कुछ नहीं लगते..

A.49:-तेरे जाने से कुछ नही बदला, बस पहले जहां दिल होता था, अब वहां दर्द होता है

A.50:-ज़रा सी बात पे ना छोड़ना किसी का दामन उम्रें बीत जाती हैं दिल का रिश्ता बनाने में ….

A.52:-मुझसे ‘नफरत’ तभी करना जब आप मेरे बारे मे ‘सबकुछ’ जानते हो तब नहीं जब किसी से ‘कुछ’ सुना हो ।

A.54:-मैं कई अपनों से वाक़िफ़ हूँ जो पत्थर के बने हैं !!!

Bewafa Shayari

BS.1:-कैसे बुरा कह दूँ तेरी बेवफाई को, यही तो है जिसने मुझे मशहूर किया है.

BS.2:-Wafa ki Umeed kisi aur ko hogi,, Hamey toh Dekhna hai tu Bewafa kaha tak hai..!!

BS.3:-Teri Mohabbat Bhi Kiraye Ke Ghar Ki Tarah Thi, Kitna Bhi Sajaya, Par Meri Na Huyi..

BS.4:-बड़े शौक से बनाया तुमने मेरे दिल मे अपना घर, जब रहने की बारी आई तो तुमने ठिकाना बदल दिया।

BS.5:-Woh Kehta hai Bahot he Majbooriyan hai Waqt ki,, Saaf Lafzon mai Khud ko Bewafaa nahi kehtBS..!!

BS.6:-Bada Shauq Tha Unhe Mera Ashiyana Dekhne Ka, Jab Dekhi Meri Ghareebi Toh Rasta Badal LiBS.

BS.7:-Kuchh muhabbat ka nasha tha pehle ham ko Dil jo toota to nashe se muhabbat ho gayi..!

BS.8:-Mai Jaanta Hu K Uske Bina Jee Nahi Paunga, Haal Uska B Yahi Hai Magar Kisi or K Liye.

BS.9:-Hamey toh Kabse Pata tha k tu Bewafa hai, Par tujhe Chaha he isliye k teri Fitrat badal jaaye..

BS.10:-Dil wale to aur bhi honge tumhare shahar mein magar, Hamara andaaz-e-wafa tumhe hamesha yaad ayega…!!

BS.11:-जानते थे तोङ दोगे तुम,, फिर भी दिल तुम्हेँ देना अच्छा लगा..!!

BS.12:-Mujhe is baat ka gam nahi ki tum bewafa nikli… Afsoos to iss baat ka hai ki Wo Log ‘saceh’ nikle jinse main tumhare liye lada karta thBS.

BS.13:-Bhula denge thume bhi, zara sabar to kijiye, thumari tarah bewafa hone me thoda waqt to lagegBS..!!

BS.14:-Dil wale to aur bhi honge tumhare shahar mein magar, Hamara andaaz-e-wafa tumhe hamesha yaad ayega…!!

BS.15:-जानते थे तोङ दोगे तुम,, फिर भी दिल तुम्हेँ देना अच्छा लगा..!!

BS.16:-Mujhe is baat ka gam nahi ki tum bewafa nikli… Afsoos to iss baat ka hyai ki Wo Log ‘saceh’ nikle jinse main tumhare liye lada karta thBS.

BS.17:-Bhula denge thume bhi, zara sabar to kijiye, thumari tarah bewafa hone me thoda waqt to lagegBS..!!

BS.18:-Main Nhi Janta Pyar Main Bewafai Q Milti Hai Par, Itna Zaror Janta Hon, Jub Dil Bhar Jye To Log chor dete hain….!!!

BS.19:-Tum ne uss Waqt Bewafaai ki, Yakeen Jab Aakhri makaam par thBS..!!

BS.20:-Bandh mutthi me Ret ki Tarah, Bhoola diya tumne zara zara karke..!!

BS.21:-Mat Pooch Sabar ki Taaqat kab tak hai,, Tu Bewafaai karle teri Taaqat jaha tak hai..!!

BS.22:-Ab Dekhte hai kiski Jaan jaati hai, Maine Uski aur Usne Meri kasam Khaayi hai.

BS.23:-Hamse toh kya hosaka Mohabbat Mai, Khair Tumne toh Bewafaai ki.!!

BS.24:-Jis phool ki parvarish hum ne apni mohabbat se ki, Jab wo khushbu ke qabil hua to auro k liye mehkne lagBS.

BS.25:-Haa Yaad Aaaya uska Aakhri Alfaaz yahi tha, Ab jee sako to jee lena, lekin Marjaao toh Behtar hai…!!

BS.26:-Aadat muje andhero se Darne ki Daal Kar, Ek Shakss meri Zindagi ko Raat kar gayBS..!!

BS.27:-मैं उसका सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ दोस्तों.. वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए..

BS.28:-Itne Zakhm Khaye Hue Hai, Ab Ishq Bhi Hota Nahi, Darr Lagta Hai Iss Zamane Mein, Kahin Sab Bewafa To Nahi.

BS.29:-Hum nadan the jo us ko apna humsafar samajh baithe, Wo chalte to humare sath the, magar kisi aur ki talash mein..!!

BS.30:-मत रख हमसे वफा की उम्मीद, हमने हर दम बेवफाई पायी है, मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान, हमने हर चोट दिल पे खायी है।

BS.31:-Janaaza Dekh kar Mera woh Bewafa bol he padi, Wohi Maraa hena Jo Mujpar Maraa karta thBS..!!

BS.32:-Aaj bhi ek swaal chhipa hai dil ke kone me,, Aakhir kya kami reh gayi thi tera hone me…

BS.33:-Parindo’n Jesi Fitrat Ka Mila Tha Ek Shakhs Hamen, Zara Pankh Kya Nikal Aaye Aashiyana Hi Chhor GyBS..

BS.34:-Guzar Toh Jayegi Zindagi Uss Ke Baghair Bhi Lekin..! Tarasta Rahega Dil Pyaar Karne Waalon Ko Dekh Kar..!!

BS.35:-समेट कर ले जाओ.. अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से.. अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर.. इनकी ज़रूरत पड़ेगी।

BS.36:-बुरे वक्त में ही सबके असली रंग दिखते हैं, दिन के उजाले में तो पानी भी चांदी लगता है

BS.37:-Waqt Tezi se badal gaya, Aur tum Waqt se bhi tez nikle..!

BS.38:-Kabhi Dekha Hai Andhe Ko Kisi Ka Haath Pakad Kar Chalte Hue,, Maine Mohabbat Mein ‘TujhPe’ Kuch Yun Bharosa Kiya ThBS..!!

BS.39:-Ishtehar de do k ye dil khali hai, Wo Jo ayaa thaa kirayedar nikla