Soldier Story | एक हमला वहां भी हुआ होगा

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Soldier Story
साथियों, 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी आत्मघाती हमले में देश के 39 जवान शहीद हुए हैं! हर जवान का परिवार आज दुःख और गम के उस पड़ाव पर खड़ा है जिसकी भरपाई शायद ही कभी की जा सके, लेकिन इसी बिच देश के कोने-कोने से शहीदों के परिवारों की हमें कई ऐसी कहानियां (Soldier Story) मिल रही है जो दिल को झकझोर कर रख देने वाली है| इसी बिच हमें हमारे ही एक पाठक ने ऐसी कहानी हमें भेजी है जिसे पढ़कर हमें लगा की यह कहानी देश के हर उस व्यक्ति तक पहुंचना आवश्यक है जो देश से प्यार करता है और देश के लिए मर मिटने को तैयार है| आप सभी पाठकों से बस हमारा यही अनुरोध है की अगर आपके दिल को हमारी यह कहानी थोडा सा भी छु जाए तो कृपया इस कहानी को शेयर कर देश के घर-घर तक पहुँचाने का कष्ट करें!!

एक हमला वहां भी हुआ होगा | Soldier Story

“आज भी फोन नही किया! मैं बात ही नही करूंगी आज…!! फोन करेंगे तो भी नही… कम से कम वेलेंटाइन डे पे कोई फूल ही भेज देते वाट्सएप पर… पर नहीं इन्हें कहाँ समय है हमारे लिए… पिछली बार तो मेरे द्वारा कढाई करके दिल बनाया हुए रुमाल से बन्दूक को घूंघट ओढाकर उसे चूमते हुए फोटो भेजी थी”
इन्ही खयालो को सोचते हुए आज पूनम के होठों पर जरा सी मुस्कान उभर आई! अभी एक साल ही तो हुआ था पूनम और राजेश की शादी को| पूनम जब राजेश से पहली बार मिली थी तभी उसे अपने होने वाले पति के देशप्रेम की जलक साफ देखने को मिल गई थी| पहली मुलाकात में ही राजेश ने पूनम को कह दिया था की इस दुनिया में वह सबसे ज्यादा प्रेम अपनी भारत माता से करता है| शायद यही कारण था की पहली मुलाकात में ही पूनम ने राजेश से शादी के लिए हाँ कर दिया था|
शादी के 10 दिन बाद ही राजेश वापस सरहद पर अपना फ़र्ज़ पूरा करने चल पड़ा था| हालाँकि इन 10 दिनों में भी राजेश और पूनम केवल 3 दिन ही तो साथ रहे थे| लेकिन इन 3 दिनों में पूनम ने अपनी पूरी ज़िन्दगी राजेश के साथ जी ली थी| वापस आने का वादा करके राजेश चला तो गया लेकिन पूनम रोज राजेश के फ़ोन के इंतज़ार में घंटों फ़ोन के पास ही बेठी रहती|
आज भी वह सुबह से राजेश के फ़ोन का इंतज़ार कर रही थी| आतुरतावश वह अपनी सास को आवाज लगाकर पूछने वाली थी के आपके बेटे का फोन आया क्या…तभी याद आया कि ससुर जी घर पर है… तो मुन्ने को सुलाकर धीरे से अपने कमरे से निकल कर सासु माँ के कमरे की तरफ बढ़ी…

Soldier Story

तभी ससुर जी के कमरे में चल रही टीवी में एक सहमी सी पत्रकार कहती हुई सुनाई पड़ी, ” इस वक्त एक बड़ी खबर आ रही है… पुलवामा में आतंकी हमले में कई सैनिकों के शहीद होने की बुरी खबर इस वक्त हम आपको सुना रहे हैं…..” ये शब्द उसके कानों में पड़ने के बाद सबकुछ इस तरह सुन्न पड़ गया मानों उसके कानों में कोई ग्रेनेड फटा हो…
परसों फ़ोन पर वह यहीं तो जाने की बात कह रहे थे, नहीं-नहीं यह नहीं हो सकता उन्होंने कुछ और बोला होगा… लेकिन सुबह से उनका फ़ोन क्यों नहीं आया…यही सोचती हुई वह बाहर ही दीवार पकड़ कर बैठ गयी…
एक हथगोले का असर कम हुआ और धुंधलका छंटा तो ससुर जी के फोन के लाउडस्पीकर पर बार बार आवाज आ रही थी, “द नम्बर यू आर ट्राइंग टू कॉल इज आइदर स्विच ऑफ ओर आउट ऑफ द सर्विस एरिया…” उसकी जब भी उनसे बात होती तो गाहेबगाहे पुलवामा का नाम आ ही जाता था… फिर से आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा…
थोड़ी देर बाद उसने हिम्मत करके ससुरजी के कमरे का द्वार हल्का सा खोल दिया… वो इस तरफ पीठ करके बैठे कभी फोन तो कभी टीवी को देख रहे थे… तभी तीसरा विस्फोट हुआ… समाचार चैनल का लाइव संवाददाता घटनास्थल की रिपोर्ट दे रहा था और तभी उसकी नजर एक बन्दूक पर पड़ी जिस पर एक खून से सना सफेद रुमाल पड़ा था जिस पर दिल का निशान देखते ही वो धड़ाम से गिर पड़ी…….

साथियों, पुलवामा में हुए आतकी हमले से हम सबका मन आघात है| आज हम सभी देशवासियों के मन में इस हमले को लेकर आक्रोश है| लेकिन सिर्फ आक्रोश से काम नहीं चलेगा| देश प्रेम की अलग आज देश के हर व्यक्ति तक पहुँचने की आवश्यकता है| इस कहानी के माध्यम से हमारा उद्देश्य आपको शहीद के एक परिवार से रूबरू करवाने का था| आप सभी पाठकों से अनुरोध है की इस कहानी ज्यादा से ज्यादा फेसबुक और watsapp पर को शेयर करें ताकि देश प्रेम की अलग हर युवा में जाग सकें!!