shayarisms4lovers mar18 205 - शायरी – अदब-ऐ-वफ़ा

शायरी – अदब-ऐ-वफ़ा

रूह हम अपनी रूह तेरे जिस्म में छोड़ आये है तुझे गले से लगाना तो एक बहाना था Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , Rooh (रूह) वो नज़र तो आया है यही बहुत है की दिल उसे ढूंढ लाया है किसी के साथ ही सही वो नज़र तो आया है Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , nazar (नज़र) मेरा शहर छोड़ दो वो बात बात पर देते है परिंदों की मिसाल साफ़ साफ़ नहीं कहते मेरा शहर छोड़ दो Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , FARAZ (शहर) इश्क़ में ज़िद है अंजाम की परवाह है तो इश्क़ करना छोड़ दो इश्क़ में ज़िद है और ज़िद में जान भी चली जाती है Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , Ishq (इश्क़) अदब-ऐ-वफ़ा अदब-ऐ-वफ़ा भी सीखो मोहबत की दरगाह में फकत यूं ही दिल लगाने से , दिलो में घर नहीं बनते Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , […]

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