shayarisms4lovers mar18 220 - बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया

बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया

बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया काग़ज़ पे शाम काट के फिर शाम लिख दिया बिखरी पड़ी थी टूट के कलियाँ ज़मीन पर तरतीब दे के मैंने तेरा नाम लिख दिया आसान नहीं थी तर्क -ऐ -मुहब्बत की दास्ताँ दो आंसूओं ने आखरी पैग़ाम लिख दिया अल्लाह […]

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