shayarisms4lovers mar18 29 - चले भी आओ दुनिया से जा रहा है कोई – फ़राज़ की शायरी

चले भी आओ दुनिया से जा रहा है कोई – फ़राज़ की शायरी

चले भी आओ दुनिया से जा रहा है कोई – फ़राज़  ग़म -ऐ- हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई चले भी आओ दुनिया से जा रहा है कोई अज़ल से कह दो रुक जाए  दो घड़ी सुना है आने का वादा निभा रहा है कोई वो इस नाज़ से बैठे हैं लाश के पास जैसे […]

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shayarisms4lovers mar18 84 - मेहरबान होके बुलालो मुझे चाहो जिस भी वक़्त – मिर्ज़ा ग़ालिब

मेहरबान होके बुलालो मुझे चाहो जिस भी वक़्त – मिर्ज़ा ग़ालिब

गुजरा वक़्त – मिर्ज़ा ग़ालिब मेहरबान होके बुलालो मुझे चाहो जिस भी वक़्त मैं गुजरा वक़्त नहीं हूँ के फिर लौट के आ भी न सकूँ Mehrbaan hoke bulalo mujhe chahee jis bhi waqt Main gujra waqt Nahi hoon Ke Phir laut ke aa bhi Na Sako खाक हो जाएंगे यह जोश-ऐ -मोहब्त ग़ालिब जले कोई […]

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