shayarisms4lovers may18 57 - एहसास और ख्वाब शायरी

एहसास और ख्वाब शायरी

अपने एहसास से छू कर मुझे चन्दन कर दो में सदियों से अधूरा हूँ , मुझे मुकम्मल कर दो न तुम्हें होश रहे और न मुझे होश रहे इस क़दर टूट के चाहो , मुझे दीवाना कर दो अपने ग़म से कहो हर वक़्त मेरे साथ रहे एक एहसान करो उस को मुसलसल कर दो […]

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