shayarisms4lovers June18 295 - चल थोड़ी पीते है

चल थोड़ी पीते है

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समय से चुरा कर कुछ वक़्त चल जिंदगी जीते है,
चल थोड़ी पीते है

वो सपनो की चादर जो फट गयी है
नशे में ही सही आज उसको सीते है,
चल थोड़ी पीते है

उसको बता दो अब और इंतजार नहीं उसका,
उसके इंतजार में न जाने कितने दिन,
महीने और साल बीते है,
चल थोड़ी पीते है.

आज गुमनाम ही सही पर शायद
एक दिन हमारा भी एक नाम होगा,
इसी उम्मीद में रोज ये जिंदगी जीते है,
चल ना यार आज थोड़ी पीते

– गुमनाम/unknown…

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shayarisms4lovers June18 269 - दिल मे चुभने के लिए एक कसक रहने दे

दिल मे चुभने के लिए एक कसक रहने दे

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दिल मे चुभने के लिए एक कसक रहने दे
काम आएगी कभी दुख की महक रहने दै

टूट जाने की ही बस बात न किया कर तू
जिन्दगी मे कही थोड़ी-सी लचक रहने दे

एक उम्मीद पर है दुनिया ये सारी कायम
ये इत्मीनान मुझे अभी देर तलक रहने दे

मै अपनी बात दिल खोलके कह लू तुझसे
तुझपे ऐ दोस्त मेरा इतना तो हक रहने दे

– गुमनाम/unknown…

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shayarisms4lovers June18 275 - रहता हूं किराये के घर में

रहता हूं किराये के घर में

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रहता हूं किराये के घर में
रोज़ सांसों को बेच कर किराया चूकाता हूं

मेरी औकात है बस मिट्टी जितनी
बात मैं महल मिनारों की कर जाता हूं

दफन हो जायेगा ये मेरा शरीर इक दिन
फिर भी इसकी खूबसूरती पर इतराता हूं

खुद के सहारे मैं कब्रिस्तान तक भी ना जा सकूंगा
इसीलिए जमाने में दोस्त बनाता हूँ
– गुमनाम/unknown…

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