shayarisms4lovers may18 77 - एक बन गया दिन और दूसरा रात हो गया

एक बन गया दिन और दूसरा रात हो गया

एक बन गया दिन और दूसरा रात हो गया जो न हुआ कभी एक रात हो गया चाँद को सूरज से पयार हो गया चाँद निकला तलाश मैं और खो गया चाँद के जाते हो आसमान उदास हो गया , सूरज तो जलता ही रहा इंतज़ार में और आग हो गया सूरज की खता से […]

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