shayarisms4lovers June18 263 - आज फिर दिल है कुछ उदास उदास – जावेद अख्तर

आज फिर दिल है कुछ उदास उदास – जावेद अख्तर

दर्द अपनाता है पराये कौन कौन सुनता है और सुनाए कौन कौन दोहराए वो पुरानी बात गम अभी सोया है जगाए कौन वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं कौन दुःख झेले आज़माए कौन अब सुकून है तो भूलने में है लेकिन उस शख्स को भुलाए कौन आज फिर दिल है कुछ उदास उदास […]

Continue Reading