shayarisms4lovers mar18 125 - नए कवियों की शायरी पढ़िए

नए कवियों की शायरी पढ़िए

Poet – Kautilya Gaurav कहती सुनती बातों सी… जैसे गहरी मेरी रातों सी… ख़ामोशी से भरी भरी… ख़ाली मेरे हाथों सी… कभी कभी कहीं जो मिलती थी… ख़ामोशी सी रातों में… जाने कहाँ मुझसे गुम हुई… कुछ बातें तेरी बातों सी… Poet – Kautilya Gaurav दरिया सा एक सब्र का… बहता रहा मुझमें कहीं… बहोत […]

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