shayarisms4lovers June18 199 - सामने मंज़िल थी और पीछे उस की आवाज़

सामने मंज़िल थी और पीछे उस की आवाज़

सामने मंज़िल थी और पीछे उस की आवाज़ सामने मंज़िल थी और पीछे उस की आवाज़ , रुकता तो सफर जाता ,चलता तो बिछड़ जाता , मयखाना भी उसी का था ,महफ़िल भी उस की , अगर पीता तो ईमान जाता ,न पीता तो सनम जाता , सजा ऐसी मिली मुझ को ,ज़ख़्म ऐसे लगे […]

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