सामने मंज़िल थी और पीछे उस की आवाज़

सामने मंज़िल थी और पीछे उस की आवाज़ सामने मंज़िल थी और पीछे उस की आवाज़ , रुकता तो सफर जाता ,चलता तो बिछड़ जाता , मयखाना भी उसी का था ,महफ़िल भी उस की , अगर पीता तो ईमान जाता ,न पीता तो सनम जाता , सजा ऐसी मिली मुझ को ,ज़ख़्म ऐसे लगे […]

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