shayarisms4lovers mar18 179 - Life Shayari - Mera saya hai mere sath jahan jaaoon main

Life Shayari – Mera saya hai mere sath jahan jaaoon main

Mera saya hai mere sath jahan jaaoon main, Bebasi tu hi bata khud ko kahan paaoon main! – Sulaiman Areeb मेरा साया है मेरे साथ जहाँ जाऊँ मैं, बेबसी तू ही बता खुद को कहाँ पाऊँ मैं! – सुलेयिमन अरीब Zindagi hai ya koi tufaan hai, Hum to is jeene ke haathon mar chale … – Khwaaza Meer ‘Dard’ ज़िंदगी है या कोई तूफान है, हम तो इस जीने के हाथों मार चले … – ख्वाज़ा मीर ‘दर्द’ Na so saka hun na shab jaag kar guzaari hai, Ajeeb din hain sukun hai na be-karaari hai – Juhu Nazar न सो सका हूँ न शब जाग कर गुज़ारी है, अजीब दिन हैं सुकूँ है न बे-क़रारी है – ज़ुहूर नज़र

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shayarisms4lovers mar18 13 - Sad Shayari - Bahut ajeeb ho gaye hain yeh rishte

Sad Shayari – Bahut ajeeb ho gaye hain yeh rishte

Bahut ajeeb ho gaye hain yeh rishte aajakal, Sab fursat mein hain par waqt kisi ke paas nahi. बहुत अजीब से हो गए हैं ये रिश्ते आजकल, सब फुरसत में हैं पर वक़्त किसी के पास नही। Wahem se bhi aksar khatm ho hate hain kuchh rishte, Qasoor har baar galtiyon ka hi nahi hota. वहम से भी अक्सर खत्म हो जाते हैं कुछ रिश्ते कसूर हर बार गल्तियों का ही नही होता।

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2 Lines Shayari - ख़ामोशी...

2 Lines Shayari – ख़ामोशी…

चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी है तीर की तरह, मगर ख़ामोश रहेता हूँ, अपनी तक़दीर की तरह| लोग शोर से जाग जाते हैं साहब, मुझे एक इंसान की ख़ामोशी सोने नही देती! खामोशियाँ में शोर को सुना है मैंने, ये ग़ज़ल गुंगुनायेगी रात के साये में। हमे क्या पता था, आसमा ऐसे रो पडेगा, हमने तो बस इन्हें अपनी दास्ता सुनाई थी! ऐ जीन्दगी जा ढुंड॒ कोई खो गया है मुझ से, अगर वो ना मिला तो सुन तेरी भी जरुरत नही मुझे| सुनो ये बादल जब भी बरसता है, मन तुझसे ही मिलने को तरसता है! गर तेरी नज़र क़त्ल करने मे माहिर है तो सुन, हम भी मर मर के जीने मे उस्ताद हो गए है| सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर, औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर!! अब ये न पूछना की… ये अल्फ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ, कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपना हाल सुनाता हूँ| आंखों देखी कहने वाले, पहले भी कम-कम ही थे, अब तो सब ही सुनी-सुनाई बातों को दोहराते हैं। जब किसी से कोई गिला रखना, सामने अपने आईना रखना। तुम बदलो तो….कहेते हो मज़बूरीयाँ है बहोत, और हम ज़रा सा बदले तो हम बेवफ़ा हो […]

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shayarisms4lovers may18 74 - 2 Lines Shayari - मुहब्बत में झुकना...

2 Lines Shayari – मुहब्बत में झुकना…

आज़ाद कर दूंगा तुमको अपनी मुहब्बत की क़ैद से, करे जो हमसे बेहतर तुम्हारी क़दर पहले वो शख्स तो ढूँढो| काश तुझे सर्दी के मौसम मे लगे मुहब्बत की ठंड, और तू तड़प कर माँगे मुझे कम्बल की तरह| मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नही, चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए। मुहब्बत में यही खौफ क्यों हरदम रहता है, कही मेरे सिवा किसी और से तो मुहब्बत नहीं उसे| कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना, मौसम बारिश का भी है और मुहब्बत का भी| “उसे कह दो कि वो किसी और से,मुहब्बत कि ना सोचें, एक हम ही काफी है,उसे उम्र भर चाहने के लिए! सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग, एक नज़र हमको भी देख लो.. ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती!! मुझे सिर्फ दो चीजों से डर लगता है, 1 तेरे रोने से और 2 तुझे खोने से| मानो तो हर पत्थर मेँ खुदा बसता है, अंदाज यही से लगा सकते हैँ आप, कि खूदा कितना सस्ता है| जिन के आंगन में अमीरी का शजर लगता है, उन का हर एब भी जमानें को हुनर लगता है। ये ही एक फर्क है तेरे और मेरे शहर की बारिश में, […]

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