shayarisms4lovers mar18 28 - लफ़्ज़ों की शरारत – शरारत उर्दू शायरी

लफ़्ज़ों की शरारत – शरारत उर्दू शायरी

वो शरारत भी तेरी थी वो मोहब्बत भी तेरी थी , वो शरारत भी तेरी थी अगर कुछ बेवफाई थी , तो वो बेवफाई भी तेरी थी हम छोड़ गए तेरा शहर , तो वो हिदायत भी तेरी थी आखिर करते तो किस से करते तुम्हारी शिकायत वो शहर भी तेरा था और वो अदालत भी तेरी थी शरारत न होती शरारत न होती , शिकायत न होती नैनों में किसी के , नज़ाकत न होती न होती बेकरारी , न होते हम तन्हा अगर जहाँ में कम्बख्त ये मोहब्बत न होती कोई शरारत करते तुम पास होते तो कोई शरारत करते तुझे बाँहों में भर मुहब्बत करते देखते तेरी आंखों में नींद का खुमार अपनी खोई हुई नींदो की शिकायत करते आओ एक शरारत करते हैं एक शरारत करते हैं आओ मोहब्बत करते हैं हँसती आँखों से कह दो , दरिया हिजरत करते हैं , कुछ दिल ऐसे हैं जिन पर हम भी हुकूमत करते हैं कौन कहता है शरारत से तुम्हें देखते हैं कौन कहता है शरारत से तुम्हें देखते हैं जान -ऐ -मन हम तो मोहब्बत से तुम्हें देखते हैं तुम को मालूम नहीं तुम हो मुकद्दस कितने देखने वाले भी तुम्हे अकीदत से तुम्हें देखते हैं […]

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shayarisms4lovers June18 240 - इश्क़ करने वाले आँखों की बात समझ लेते है – नशीली आँखों की शायरी

इश्क़ करने वाले आँखों की बात समझ लेते है – नशीली आँखों की शायरी

आँखों की बात इश्क़ करने वाले आँखों की बात समझ लेते है सपनो में यार आए तो उसे मुलाकात समझ लेते है रूठता तो आसमान भी है अपनी ज़मीन के लिए यह तो लोग ही उसे बरसात समझ लेते है Aankhon ki Baat Ishq karnewale Aankhon ki baat samajh lete hai Sapno mein yaar aaye Toh usse mulakat samajh lete hai Roota to aasman bhi hai Apni zameen ke liye Yeh to log hi usse barsaat samajh lete hai… नशीली ऑंखें नशीली आँखों से वो जब हमें देखते हैं हम घबराकर ऑंखें झुका लेते हैं कौन मिलाए उनकी आँखों से ऑंखें सुना है वो आँखों से अपना बना लेते है . Nashili Ankhen Nashili aankho se wo jab hamein dekhte hain, hum ghabraakar ankhen jhuka leite hain, kaun milaye unn ankhon se ankhen, suna hai wo ankho se apna bana leite hai… आँखों से बातें कोई आँखों से बातें करता हैं कोई आँखों से मुलाकाते करता हैं बड़ा मुश्किल होता हैं जवाब देना जब कोई चुप रह के सवाल करता हैं . Aankho se Batein Koi aankho se batein karta hain Koi aankhon se mulakate karta hain Bada mushkil hota hain jawab dena Jab koi chup raheke sawaal karta hain… […]

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shayarisms4lovers June18 148 - हर धड़कन में एक राज़ होता है – धड़कन उर्दू शायरी

हर धड़कन में एक राज़ होता है – धड़कन उर्दू शायरी

बहुत देर कर दी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने में वो दिल नीलाम हो गया जिस को कभी हसरत तुम्हारे दीदार की थी हर धड़कन में एक राज़ होता है हर धड़कन में एक राज़ होता है हर बात कहने का एक अंदाज़ होता है जब तक ठोकर न लगे इश्क़ में हर किसी को अपने महबूब पे नाज़ होता है Har Dhadkan Mein Ek Raaz Hota Hai Har Dhadkan mein ek raaz hota hai Har baat kehne ka ek andaaz hota hai Jab tak thokar na lage ishq mein Har kisiko apne mehboob pe naaz hota hai धड़कन ज़रा थम जा शोर न कर धड़कन ज़रा थम जा कुछ पल के लिए बड़ी मुश्किल से मेरी आँखों में उसका खवाब आया है Dhadkan Zara Tham Ja Shor Na Kar Dhadkan Zara Tham Ja Kuch Pal Ke Liye Badi Muskil Se Meri Aankhon Mein Uska Khawab Aaya hai दिल की धड़कन को धड़का गया कोई दिल की धड़कन को धड़का गया कोई मेरे ख्वाबों को जगा गया कोई हम तो अनजाने रास्तो पे यूं ही चल रहे थे अचानक ही प्यार का मतलव भी सीखा गया कोई Dil ki Dhadkan ko Dhadka Gaya Koi Dil ki dhadkan ko dhadka gaya […]

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shayarisms4lovers June18 231 - मेरे मेहबूब की खूबसूरती में चुनिदां शायरी की पंक्तियाँ

मेरे मेहबूब की खूबसूरती में चुनिदां शायरी की पंक्तियाँ

नज़र इस हुस्न पर ठहरे तो आखिर किस तरह ठहरे कभी जो फूल बन जाये कभी रुखसार हो जाये तुम्हारा चाँद सा चेहरा फिज़ाओ में रंग बिखेरे तुम्हारा चाँद सा चेहरा मुझे बेचैन कर जाये तुम्हारा मासूम चाँद सा चेहरा मेरी खातिर सँवरता है तुम्हारा चाँद सा चेहरा ऐसी कशिश उस चेहरे में उस हसीन चेहरे की क्या बात है हर दिल अज़ीज़ , कुछ ऐसी उसमें बात है है कुछ ऐसी कशिश उस चेहरे में के एक झलक के लिए सारी दुनिया बर्बाद है तेरा होंठो की पंखुडियो तेरा होंठो की पंखुडियो को तू गुलाब न कहना वो तो मुरझा जाते है इनकी लाली को देखकर लगता है गुलाब भी अपना रंग यही से चुरा कर लाये है मेहबूब की तारीफ मेरे मेहबूब की बस इतनी सी तारीफ है चेहरा जैसे रोशन चाँद शरबती उसकी ऑंखें है ​ नाज़ुक होंठ कलियों जैसे , दाँत जैसे सफ़ेद मोती है लंबी घनी ज़ुल्फ़ें उसकी काली , उस पे अदा निराली है ​ मेरे सपनो की रानी जब चलती है गुलशन में बहार आती है बातों में जादू और मुस्कराहट बेमिसाल है ​ उसके अंग अंग की खुश्बू मेरे दिल को लुभाती है यारो यही लड़की मेरे सपनो की रानी है वो […]

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shayarisms4lovers June18 264 - तेरी ज़ुल्फे खुली हो जैसे – तेरी ज़ुल्फे उर्दू शायरी

तेरी ज़ुल्फे खुली हो जैसे – तेरी ज़ुल्फे उर्दू शायरी

मेरे मर जाने की वो सुन के खबर आई  “मोहसिन” घर से रोते हुए वो बिन ज़ुल्फ़ सँवारे निकले ज़ुल्फ़ खुली हो जैसे ऐसा लगता है तेरी ज़ुल्फ़ खुली हो जैसे होके गुलशन से सबा आज चली हो जैसे अध खुले होंठ सियाह ज़ुल्फ़ और गज़ली ऑंखें किसी शायर ने कोई ग़ज़ल तर्ज़ की हो जैसे Zulf khuli ho jaise Aisa lagta hai teri zulf khuli ho jaise Hoke Gulshan se saba aaj chali ho jaise Adh khule hont siyah zulf aur gazali ankheN Kisi shayar ne koi gazal tarz ki ho jaise… ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाये यह ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाये तो अच्छा है इस रात की तक़दीर सँवर जाये तो अच्छा है जिस तरह से थोड़ी सी ज़िन्दगी तेरे साथ कटी है बाकी भी उसी तरह गुज़र जाये तो अच्छा है वैसे तो तुम्ही ने मुझे बर्बाद किया है इल्ज़ाम किसी और के सिर जाये तो अच्छा है Zulf Agar Khul ke Bikhar Jaye Yeh zulf agar khul ke bikhar jaye to accha hai Is raat ki takdir sanwar jaye to accha hai Jis tarah se thodi si zindagi tere saath kati hai Baaki bhi usi tarah guzar jaye to accha hai Waise to […]

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shayarisms4lovers mar18 31 - दिल तो जले मगर ‘राख ‘ न हो – महफ़िल शायरी

दिल तो जले मगर ‘राख ‘ न हो – महफ़िल शायरी

दिल मौजूद न था उन को देखा तो कुछ खोने का एहसास हमे हुआ हाथ सीने पे जो गया तो दिल मौजूद न था Dil Maujood Na Tha Un Ko Dekha To kush khone ka Ehsaas hume Hua Hath Seene Pe jo gaya to Dil Maujood Na Tha बस दुआ है और कुछ नहीं चाहती मैं इस ज़िन्दगी में ‘मेरे रब ’ बस दुआ है के किसी के दुःख की वजह मेरी ज़ात न बने Bas Dua Hai Aur Kuch Nahi Chahti Main is Zindagi Mein ‘Mere Rab’ bas Dua Hai Ke Kisi Ke Dukh Ki wajha Meri Zaat Na Ho.. मुस्कराहट बनाए रखो हर एक ख्याल को ज़ुबान नहीं मिलती हर एक आरज़ू को दुआ नहीं मिलती मुस्कराहट बनाए रखो तो दुनिया है साथ आँसुओ को तो आँखों में भी पनाह नहीं मिलती Muskurahat Banaye Rakho Har Ek khyal Ko Zuban Nahi Milti Har Ek Aarzu Ko Dua Nahi Milti Muskurahat Banaye Rakho To Duniya Hai Sath Aansoo Ko To Ankhoo Mein Bhi Panah Nahi Milti… मोहब्बत की आग करते है मोहब्बत और जताना भूल जाते है पहले खफा होते हैं फिर मनना भूल जाते है भूलना तो फितरत सी है ज़माने की लगाकर आग मोहब्बत की बुझाना भूल […]

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shayarisms4lovers mar18 133 - SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

वो पिला कर जाम वो पिला कर जाम “लबों ” से अपनी मोहब्बत का “मोहसिन” और , अब कहते हैं के नशे की आदत अच्छी नहीं होती । Wo Pila Kar “Jaam” Labon Se Apni Muhabbat Ka “Mohsin” Aur , Ab Kehte Hain Ke Nashay Ki Aadat Acchi Nahi Hoti. जाम पे जाम जाम पे जाम पीने से क्या फ़ायदा रात गुज़री तो फिर उतर जाएगी पीना है तो किसी की आँखों से पियो उम्र सारी नशे में गुज़र जाएगी । Jaam Pe Jaam Pene Se Kya Faida Raat Guzri To Phir Utar Jayegi Peena Hai To Kisi Ki Ankhon Se Piyo Umar Sari Nashay Mein Guzar Jayegi. जाम आँखों से पिलाया किसी ने कल जो जाम आँखों से पिलाया किसी ने मदहोश पड़ा रहा , न उठाया किसी ने   मुझे भी कुछ ज़्यादा शौक़ था पीने का पीने के बाद जो हुआ , न बताया किसी ने कभी मस्जिद , कभी मंदिर मैं घूमता रहा रात भर कभी मुस्लमान , कभी हिन्दू बनाया किसी ने आदि बना के महखाना छीन लिया गया मुझसे कुछ इस तरह मुझे सताया किसी ने Kal Jo Jaam Aankhon Se Pilaya Kisi Ne MadHosh Pada Raha, Na Uthaya Kisi Ne Mujhe Bhi Kuch […]

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फेसबुक चुनिंदा शायरी – अरज़ किया है

   मुझे ज़रा खुदा से हमकलाम होने दो …    तुम्हारा ज़िकर भी इसी गुफ्तगू में है मेरी शामें खुद को खुद से हमकलाम कर के देखना कितना मुश्किल है यह सफर तय कर के देखना किस क़दर उदास गुज़रती हैं मेरी शामें याद किसी को किसी शाम कर के देखना कफ़न अगर तुम्हारा होगा आँखें अगर तुम्हारी होगी तो आंसू हमारे होंगे दिल अगर तुम्हारा होगा तो धड़कन हमारी होगी ख्वाहिश है ..कफ़न अगर तुम्हारा होगा तो मयत हमारी होगी कफ़न न डालो मेरी मयत पर कफ़न न डालो मेरे चेहरे पे मुझे आदत है मुस्कुराने की कफ़न न डालो मेरी मयत पर मुझे इंतज़ार है उसके आने का उनके सदके जान है मेरी शिकायत ये नहीं के वो नाराज़ है हमसे शिकायत इस बात की है वो आज भी अनजान है हमसे दिल तोडा , जज़्बात बिखेरे , फिर भी वो दिलजान है मेरे मांग ले वो कभी जान भी मेरी , उनके सदके जान है मेरी अश्क आँख से ढल गए कभी आह लब पे मचल गई कभी अश्क आँख से ढल गए वो तुम्हारे ग़म के चिराग़ हैं कभी बुझ गए कभी जल गए जो फना हुए ग़म-ऐ -इश्क़ में , उन्हें ज़िंदगी का न ग़म […]

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shayarisms4lovers may18 72 - यादों का आईना – Unique Collection of Pakistani Urdu Shayari and Poetry

यादों का आईना – Unique Collection of Pakistani Urdu Shayari and Poetry

तेरे शोख तासुबर में ख़ामोश थे लव और मैं गुफ़्तार में गुम थी पलके न झमकती थी के मैं दीदार में गुम थी तन मन ने सजाये है तेरे शोख तासुबर में यादों का आईना था मैं सिंगार में गुम थी   Tere Shokh Tasubur Mein khamosh the luv aur main guftar mein gum thi palke na Jhamkti thi ke main didar mein ghum thi tan man ne sajaye hai tere shokh tasubur mein yadon ka aiina tha main shingar mein gum thi   जुदाई के मौसम जुदाई के मौसम सताने लगे है वो फिर टूट कर याद आने लगे है तख़्युल के परवाज़ को कैसे रोकू वो गोया मेरे घर फिर आने लगे है निशो रोक लो वो जाने लगे है मनाने में जिन को ज़माने लगे है   Judai ke Mausam judai ke mausam satane lage hai wo phir toot kar yaad ane lage hai takhayul ke parwaz ko kaise roku wo goya mere ghar phir ane lage hai nisho rok lo wo jane lage hai manane main jin ko jamane lage hai   ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी हम तेरी धुन मैं परेशान ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी और तू हम से गुरेजा ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी तू कहीं साकी गली में खो गयी है और यहाँ डंस […]

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