shayarisms4lovers mar18 28 - लफ़्ज़ों की शरारत – शरारत उर्दू शायरी

लफ़्ज़ों की शरारत – शरारत उर्दू शायरी

वो शरारत भी तेरी थी वो मोहब्बत भी तेरी थी , वो शरारत भी तेरी थी अगर कुछ बेवफाई थी , तो वो बेवफाई भी तेरी थी हम छोड़ गए तेरा शहर , तो वो हिदायत भी तेरी थी आखिर करते तो किस से करते तुम्हारी शिकायत वो शहर भी तेरा था और वो अदालत […]

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shayarisms4lovers June18 240 - इश्क़ करने वाले आँखों की बात समझ लेते है – नशीली आँखों की शायरी

इश्क़ करने वाले आँखों की बात समझ लेते है – नशीली आँखों की शायरी

आँखों की बात इश्क़ करने वाले आँखों की बात समझ लेते है सपनो में यार आए तो उसे मुलाकात समझ लेते है रूठता तो आसमान भी है अपनी ज़मीन के लिए यह तो लोग ही उसे बरसात समझ लेते है Aankhon ki Baat Ishq karnewale Aankhon ki baat samajh lete hai Sapno mein yaar aaye […]

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shayarisms4lovers June18 148 - हर धड़कन में एक राज़ होता है – धड़कन उर्दू शायरी

हर धड़कन में एक राज़ होता है – धड़कन उर्दू शायरी

बहुत देर कर दी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने में वो दिल नीलाम हो गया जिस को कभी हसरत तुम्हारे दीदार की थी हर धड़कन में एक राज़ होता है हर धड़कन में एक राज़ होता है हर बात कहने का एक अंदाज़ होता है जब तक ठोकर न लगे इश्क़ में हर किसी को […]

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shayarisms4lovers June18 231 - मेरे मेहबूब की खूबसूरती में चुनिदां शायरी की पंक्तियाँ

मेरे मेहबूब की खूबसूरती में चुनिदां शायरी की पंक्तियाँ

नज़र इस हुस्न पर ठहरे तो आखिर किस तरह ठहरे कभी जो फूल बन जाये कभी रुखसार हो जाये तुम्हारा चाँद सा चेहरा फिज़ाओ में रंग बिखेरे तुम्हारा चाँद सा चेहरा मुझे बेचैन कर जाये तुम्हारा मासूम चाँद सा चेहरा मेरी खातिर सँवरता है तुम्हारा चाँद सा चेहरा ऐसी कशिश उस चेहरे में उस हसीन […]

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shayarisms4lovers June18 264 - तेरी ज़ुल्फे खुली हो जैसे – तेरी ज़ुल्फे उर्दू शायरी

तेरी ज़ुल्फे खुली हो जैसे – तेरी ज़ुल्फे उर्दू शायरी

मेरे मर जाने की वो सुन के खबर आई  “मोहसिन” घर से रोते हुए वो बिन ज़ुल्फ़ सँवारे निकले ज़ुल्फ़ खुली हो जैसे ऐसा लगता है तेरी ज़ुल्फ़ खुली हो जैसे होके गुलशन से सबा आज चली हो जैसे अध खुले होंठ सियाह ज़ुल्फ़ और गज़ली ऑंखें किसी शायर ने कोई ग़ज़ल तर्ज़ की हो […]

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shayarisms4lovers mar18 31 - दिल तो जले मगर ‘राख ‘ न हो – महफ़िल शायरी

दिल तो जले मगर ‘राख ‘ न हो – महफ़िल शायरी

दिल मौजूद न था उन को देखा तो कुछ खोने का एहसास हमे हुआ हाथ सीने पे जो गया तो दिल मौजूद न था Dil Maujood Na Tha Un Ko Dekha To kush khone ka Ehsaas hume Hua Hath Seene Pe jo gaya to Dil Maujood Na Tha बस दुआ है और कुछ नहीं चाहती […]

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shayarisms4lovers mar18 133 - SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

वो पिला कर जाम वो पिला कर जाम “लबों ” से अपनी मोहब्बत का “मोहसिन” और , अब कहते हैं के नशे की आदत अच्छी नहीं होती । Wo Pila Kar “Jaam” Labon Se Apni Muhabbat Ka “Mohsin” Aur , Ab Kehte Hain Ke Nashay Ki Aadat Acchi Nahi Hoti. जाम पे जाम जाम पे […]

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फेसबुक चुनिंदा शायरी – अरज़ किया है

   मुझे ज़रा खुदा से हमकलाम होने दो …    तुम्हारा ज़िकर भी इसी गुफ्तगू में है मेरी शामें खुद को खुद से हमकलाम कर के देखना कितना मुश्किल है यह सफर तय कर के देखना किस क़दर उदास गुज़रती हैं मेरी शामें याद किसी को किसी शाम कर के देखना कफ़न अगर तुम्हारा होगा […]

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shayarisms4lovers may18 72 - यादों का आईना – Unique Collection of Pakistani Urdu Shayari and Poetry

यादों का आईना – Unique Collection of Pakistani Urdu Shayari and Poetry

तेरे शोख तासुबर में ख़ामोश थे लव और मैं गुफ़्तार में गुम थी पलके न झमकती थी के मैं दीदार में गुम थी तन मन ने सजाये है तेरे शोख तासुबर में यादों का आईना था मैं सिंगार में गुम थी   Tere Shokh Tasubur Mein khamosh the luv aur main guftar mein gum thi […]

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