shayarisms4lovers mar18 192 - तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

किस्मत मैं लिखदे मेरी किस्मत मैं मेरी चैन से जीना लिखदे मिटा न सके कोई वो अफसाना लिखदे जन्नत भी न-गवार है मुझे तेरे बिन ऐ कातिब-ऐ-तक़दीर ख़ाक-ऐ-मदीना लिखदे Kismat mein Likhde Meri kismat main meri chain se jeena likhde mita na sake koi wo afsana likhde jannat bhi na-gawar hai mujhe tere bin Ae kaatib-ae-taqdeer KHaak-e-madiina likhde.. किस्मत पर ऐतबार किस्मत पर ऐतबार किस को है मिल जाये ‘ख़ुशी’ इनकार किस को है कुछ मजबूरियां हैं मेरे दोस्तों वरना ‘जुदाई ’ से प्यार किस को है Kismat Par Aitbaar kismat par aitbaar kis ko ha Mil jaye ‘KHUSHI’ inkaar kis ko hai kuch ‘MAJBURIYAN’ hain mere dosto warna! ‘JUDAI’ se pyar kis ko hai.. किस्मत से शिकायत किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है जो नहीं मिल सकता उसी से मोहब्बत क्यों है कितने खड़े है राहो पे फिर भी दिल को उसी की चाहत क्यों Kismat se Shikayat Kismat se apni sabko shikayat kyon hai Jo nahi mil sakta usi se mohabbat kyon hai Kitne khade hai raho pe Phir bhi dil ko usi ki chahat kyon.. किस्मत में मोहब्बत कुछ किस्मत ही ऐसी रही दोस्तों की अब ज़िन्दगी से कोई तम्मना ही नहीं जिसको चाहा हमने उसे पा न […]

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फिर एक बेवफा की कहानी याद आई – Love Break up Shayari

बेवफा की कहानी बरसात की भीगी रातों में फिर उनकी याद आई कुछ अपने जमाना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई फिर यादों के दौर चले फिर एक बेवफा की कहानी याद आई Bewafa Ki Kahani Barsaat ki bheegi raaton mein phir unki yaad aayi Kuch apne jamana yaad aaya kuch unki jawani yaad aayi phir yadon ke daur chale phir ek bewafa ki kahani yaad aayi जब तक रहेंगी साँसे आप को भूल जाएँ यह नामुमकिन सी बात है आप को न हो यकीं यह और बात है जब तक रहेंगी यह साँसे तब तक याद रहोगे यह साँस ही साथ छोड़ जाएँ तो फिर और बात है Jab Tak Rahenge Saanse Aap ko bhool jaye yeh namumkin si baat hai Aap ko na ho yakin yeh aur baat hai Jab tak rahenge yeh saanse tab tak yaad rahoge Yeh Saans hi sath chood jaye toh aur baat hai कसम हैं हमे बदलो के बीच यह कैसी साज़िश हुई है आज मेरा घर था मिटटी का ,मेरे ही घर बारिश हुई जिद है अगर उन्हें हम पर बिजलियाँ गिराने की तो कसम हैं हमे भी वही आशियाना बसाने की . Kasam Hain Hume Badalo ke beech kaisi sazish […]

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होंठो की जुबान यह आँसू कहते है – आँसू और दर्द की शायरी

जो दर्द न होता जो आंसू न होते आँखों में तो ऑंखें इतनी खूबसूरत न होती जो दर्द न होता इस दिल में तो ख़ुशी की कीमत पता न होती जो बेवफाई न की होती वक़्त ने हमसे तो जुदाई में जीने की आदत न होती   Jo Dard Na Hota Jo aansu na hote ankhon mein To ankhen itni khobsurat na hoti Jo dard na hota dil mein To khushi ki kimat pata na hoti Jo bewfayee na ki hoti waqt ne humse To judai main jine ki aadat na hoti न रोये कोई हमे देख कर काँटों की सेज पर चलने की हमें अब आदत हो गई है न रोये कोई हमे देख कर, हमें अब आँसू बहाने की आदत हो गई है Na Roye Koi Hamein Dekh kar Kanton ki seej par chalne ki hamein ab aadat ho gai hai Na roye koi hamein dekh kar , hume ab aansu bahane ki aadat ho gai hai आँसू की किस्मत होंठो की जुबान यह आँसू कहते है जो चुप रहते है फिर भी बहते है और इन आँसू की किस्मत तो देखिये यह उनके लिए बहते है जो इन आँखों में रहते है   Aansu ki Kismat Honto […]

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