shayarisms4lovers may18 38 - काश उन्हें भी कभी हम पे ऐतबार तो होता – ऐतबार शायरी

काश उन्हें भी कभी हम पे ऐतबार तो होता – ऐतबार शायरी

काश उन्हें भी कभी हमपे ऐतबार तो होता काश उनका दिल इतना शख्त न होता , प्यार हमसे भी कभी उन्होंने किया होता .. एक हम भी थे उनके चाहने वाले , काश उन्हें भी कभी हमपे ऐतबार तो होता .. kaash unka dil itna saqt na hota kaash unka dil itna saqt na hota, payar humse bhi kabhi unhone kiya hota.. ek hum bhi the unke chahne waalo, kash unhee bhi kabhi humpe etbaar to hota.. हमे तो मोहब्बत हो गयी आप के साथ रहते रहते हमे चाहत सी हो गयी आप से बात करते करते हमे आदत सी हो गयी एक पल न मिलो बेचैनी सी लगती है दोस्ती निभाते निभाते हमे तो मोहब्बत हो गयी Humay to mohabbat ho gaee Aap ke saath rehte rehte humay chahat si ho gaee Aap se baat karte karte humay addat si ho gaee Ek pal na millo bechaini si lagti hai Dosti nibhate nibhate humay to mohabbat ho gaee.. वफ़ा सारा शहर उस के “जनाज़े ” में था शरीक ” वफ़ा “निभाते नभते जो शख्स मर गया Wafa Saara Shehar uss ke “Janaazey” mein tha shareek “wafa” nibhate nbhate jo shaks mar gaya.. सौदागर मुझसे बिछड़ के बेनाम हो जाओगे […]

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