shayarisms4lovers June18 199 - बशीर बद्र – उर्दू शायरी & ग़ज़ल

बशीर बद्र – उर्दू शायरी & ग़ज़ल

हमा वक़्त रंज-ओ-मलाल क्या , जो गुज़र गया सो गुज़र गया उसे याद कर के न दिल दुखा , जो गुज़र गया सो गुज़र गया ।                   न गिला किया न खफा हुए , यूं ही रास्ते में जुदा हुए               […]

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shayarisms4lovers June18 176 - Ahmad Faraz Shayari – Akele To Hum Pehle Bhi Jee Rahe The

Ahmad Faraz Shayari – Akele To Hum Pehle Bhi Jee Rahe The

अकेले तो हम पहले भी जी रहे थे “फराज़” क्यों तन्हा हो गए तेरे जाने के बाद प्यार में एक ही मौसम है बहारों का  “फ़राज़” लोग कैसे मौसमो की तरह बदल जाते है वहां से एक पानी की बूँद न निकल सकी तमाम उम्र जिन आँखों को हम झील देखते रहे जिसे भी चाहा है […]

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