Vajpayee - Motivational Lines by Atal Bihari Vajpayee To Get Success

Motivational Lines by Atal Bihari Vajpayee To Get Success

क्या हार में, क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं कर्तव्य पथ पर जो भी मिला यह भी सही, वो भी सही वरदान नहीं मांगूंगा हो कुछ पर हार नहीं मानूंगा – अटल बिहारी वाजपेयी

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Tribute to atal bihari vajapayee shayari

Special RIP Atal Bihari Vajapyee Tribute Shayari

  मौत खड़ी थी सर पर इसी इंतजार में थी ना झूकेगा ध्वज मेरा 15 अगस्त के मौके पर तू ठहर इंतजार कर लहराने दे बुलंद इसे मैं एक दिन और लड़ूंगा मौत तेरे से… मंजूर नही है कभी मुझे झुके तिंरगा स्वतंत्रता के मौके पे कोटि कोटि नमन व् श्रद्धांजलि भारत रत्न वाजपेयी जी R.I.P

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Vajpayee - भारतीय जनता के लिए अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रसिद्ध कविता

भारतीय जनता के लिए अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रसिद्ध कविता

क़दम मिला कर चलना होगा बाधाएँ आती हैं आएँ घिरें प्रलय की घोर घटाएँ, पावों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ, निज हाथों में हँसते-हँसते, आग लगाकर जलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। हास्य-रूदन में, तूफ़ानों में, अगर असंख्यक बलिदानों में, उद्यानों में, वीरानों में, अपमानों में, सम्मानों में, उन्नत मस्तक, उभरा सीना, पीड़ाओं में पलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। उजियारे में, अंधकार में, कल कहार में, बीच धार में, घोर घृणा में, पूत प्यार में, क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में, जीवन के शत-शत आकर्षक, अरमानों को ढलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ, प्रगति चिरंतन कैसा इति अब, सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ, असफल, सफल समान मनोरथ, सब कुछ देकर कुछ न मांगते, पावस बनकर ढ़लना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। कुछ काँटों से सज्जित जीवन, प्रखर प्यार से वंचित यौवन, नीरवता से मुखरित मधुबन, परहित अर्पित अपना तन-मन, जीवन को शत-शत आहुति में, जलना होगा, गलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। ~ अटल बिहारी वाजपेयी

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Vajpayee - ज़िन्दगी पर अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रसिद्ध कविता

ज़िन्दगी पर अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रसिद्ध कविता

सच्चाई यह है कि केवल ऊँचाई ही काफ़ी नहीं होती, सबसे अलग-थलग, परिवेश से पृथक, अपनों से कटा-बँटा, शून्य में अकेला खड़ा होना, पहाड़ की महानता नहीं, मजबूरी है। ऊँचाई और गहराई में आकाश-पाताल की दूरी है। जो जितना ऊँचा, उतना एकाकी होता है, हर भार को स्वयं ढोता है, चेहरे पर मुस्कानें चिपका, मन ही मन रोता है। – अटल बिहारी वाजपेयी

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