shayarisms4lovers June18 228 - खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

हमे बेवफा का इल्जाम दे गया ज़िंदा थे जिसकी आस पर वो भी रुला गया बंधन वफ़ा के तोड़ के सारे चला गया खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा हाथों में हाथ दे के खुद ही छुड़ा गया कर दी जिसके लिए हमने तबाह ज़िन्दगी उल्टा वो हमे बेवफा का इल्जाम दे […]

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shayarisms4lovers mar18 198 - एक दिल ही था वो भी उस के पास था

एक दिल ही था वो भी उस के पास था

साक़ी तेरी शराब कुछ भी नहीं उस की आँखों के सामने “साक़ी “ वो जो देख ले एक नज़र तो पीने की हसरत नहीं रहती SAQI Teri Sharab Kuch Bhi Nahi Us Ki Ankhon Ke Samne “SaQi” Wo Jo Dekh Le Ek Nazar To Peene ki Hasrat Nahi Rehti… मदहोशी नज़रों से क्यों इतना पिला […]

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shayarisms4lovers June18 199 - फिर एक बेवफा की कहानी याद आई – Love Break up Shayari

फिर एक बेवफा की कहानी याद आई – Love Break up Shayari

बेवफा की कहानी बरसात की भीगी रातों में फिर उनकी याद आई कुछ अपने जमाना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई फिर यादों के दौर चले फिर एक बेवफा की कहानी याद आई Bewafa Ki Kahani Barsaat ki bheegi raaton mein phir unki yaad aayi Kuch apne jamana yaad aaya kuch unki jawani yaad […]

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