IMG 01802 - कोई तो जलवा खुदा के बास्ते

कोई तो जलवा खुदा के बास्ते

अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो – फ़िल्मी शायरी  दीदार के काबिल कोई तो जलवा खुदा के बास्ते दीदार के काबिल दिखाई तो दे संगदिल तो मिल चुके है हजारो कोई एहले दिल तो दिखाई दे Didar Ke Kabil Koi to jalwaa khudaa ke bastee didar ke kabil dikhaee to de Sangdil to mil chuke hai hajaro koi ehle dil to dikhai de… इश्क़ आसमानो से कहो अगर हमारी उड़ान देखनी हो तो अपना कद और ऊँचा कर ले हुसन वालो से कहो अगर इश्क़ देखना हो तो हम से आके मिलें Ishq Asmanoo se kahoo agar hamari udan dekhni ho To apna kad aur unchaa kar le Husaan walo se kaho agar ishq dekhana ho to hum se ake mile… दिललगी हमने बहुत देखे हैं इश्क़ में जान देने वाले पर क्या करे हजूर आशक़ी दिललगी नहीं होती Dillagi Humne bahut dekhe hain ishq mein jaan dene wale Par kya kare hajoor ashqi dillagi nahi hoti… शमा और परवाना हूँ मैं परवाना मगर कोई शमा तो हो रात तो हो जान देने को हूँ हाजिर मगर कोई बात तो हो Shama Aur Parwana Hoon main parwana magar koi shama to ho raat to ho Jaan dene ko hoon hajir magar koi baat […]

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shayarisms4lovers June18 248 - ऐ दिल है मुश्किल शायरी – आज जाने की जिद न करो

ऐ दिल है मुश्किल शायरी – आज जाने की जिद न करो

ऐ दिल है मुश्किल जब प्यार में प्यार न हो जब दर्द में यार न हो जब आँसूओ में मुस्कान न हो जब लफ़्ज़ों में जुबान न हो जब साँसे बस यूं ही चले जब हर दिन में रात ढले जब इंतज़ार सिर्फ वक़्त का हो जब याद उस कमबख्त की हो क्यों वो हो राही जो हो किसी और की मंजिल जब धड़कनों ने साथ छोड़ दिया ऐ दिल है मुश्किल , ऐ दिल है मुश्किल AE Dil Hai Muskil jab pyar mein pyar na ho jab dard mein yaar na ho jab anssooao mein muskan na ho jab lafzzo main jubaan na ho jab sanse bas yoon hi chale jab har din main raat dhale jab intezaar sirf waqt ka ho jab yaad us kambaqat ki ho kyon wo ho raahi jo ho kisi aur ki manjil jab dhadkno ne sath chod diya AE dil hai muskil , AE dil hai muskil जनून हद से बढ़ चला है बात बस से निकल चली है दिल की हालत संभल चली है अब जनून हद से बढ़ चला है अब तबियत निहाल हो चली है Janoon Haad se Bhad Chala Hai Baat bas se nikal chali hai Dil ki halat […]

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shayarisms4lovers June18 260 - कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता हैं – Bollywood Shayari

कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता हैं – Bollywood Shayari

कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता हैं कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता हैं कि ज़िंदगी तेरी जुल्फों कि नर्म छांव मैं गुजरने पाती तो शादाब हो भी सकती थी। यह रंज-ओ-ग़म कि सियाही जो दिल पे छाई हैं तेरी नज़र कि शुआओं मैं खो भी सकती थी। मगर यह हो न सका और अब ये आलम हैं कि तू नहीं, तेरा ग़म तेरी जुस्तजू भी नहीं। गुज़र रही हैं कुछ इस तरह ज़िंदगी जैसे, इससे किसी के सहारे कि आरझु भी नहीं. न कोई राह, न मंजिल, न रौशनी का सुराग भटक रहीं है अंधेरों मैं ज़िंदगी मेरी. इन्ही अंधेरों मैं रह जाऊँगा कभी खो कर मैं जानता हूँ मेरी हम-नफस, मगर यूंही कभी कभी मेरे दिल मैं ख्याल आता है… जब लोग वाह वाह करते है दिल के छालों को कोई शायरी कहे तो दर्द नहीं होता दर्द तो तब होता है जब लोग वाह वाह करते है… तेरा मुजरिम हूँ अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे तेरा मुजरिम हूँ , मुझे ड़ूब के मर जाने दे ज़ख्म कितने तेरी चाहत से मिले है मुझको सोचता हूँ कहूँ तुझे , मगर जाने दे… ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवां होता है फूल खिलते […]

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