shayarisms4lovers mar18 108 - यह जरूरी तो नहीं – इश्क़-ऐ-गम

यह जरूरी तो नहीं – इश्क़-ऐ-गम

उम्र जलवो में बसर हो यह जरूरी तो नहीं हर शबे-ऐ-गम की सेहर हो यह जरूरी तो नहीं नींद तो दर्द के बिस्तर पर भी आ जाती है उसके आगोश में सर हो यह जरूरी तो नहीं आग को खेल पतंगों ने समझ रखा है सब को अंजाम का डर  हो यह जरूरी तो नहीं वो करता है जो मस्जिद में खुदा को सजदे उसके सजदों में असर हो यह जरूरी तो नहीं सब की शाकी पे नज़र हो यह जरूरी है मगर सब पे शाकी की नज़र हो यह जरूरी तो नहीं शायरी तो वो शक्श लिखते है यह शायरी लिखना उनका काम नहीं जिनके दिल आँखों में बसा करते है शायरी तो वो शक्श लिखते है जो शराब से नहीं , दर्द का नशा करते है मिट गयी उम्मीद किसी की शिकवा किसी का न फ़रियाद किसी की होनी थी यूँही जिंदगी बर्बाद किसी की एहसास मिटा, तलाश मिटी,मिट गयी उम्मीद किसी की सब मिट गए ,पर न मिटा सके, याद उसकी कहा था मोहबत करो क्यों कोसते है मोहबत को हर बार लोग क्या मोहबत के कहा था मोहबत करो

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shayarisms4lovers mar18 133 - SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

वो पिला कर जाम वो पिला कर जाम “लबों ” से अपनी मोहब्बत का “मोहसिन” और , अब कहते हैं के नशे की आदत अच्छी नहीं होती । Wo Pila Kar “Jaam” Labon Se Apni Muhabbat Ka “Mohsin” Aur , Ab Kehte Hain Ke Nashay Ki Aadat Acchi Nahi Hoti. जाम पे जाम जाम पे जाम पीने से क्या फ़ायदा रात गुज़री तो फिर उतर जाएगी पीना है तो किसी की आँखों से पियो उम्र सारी नशे में गुज़र जाएगी । Jaam Pe Jaam Pene Se Kya Faida Raat Guzri To Phir Utar Jayegi Peena Hai To Kisi Ki Ankhon Se Piyo Umar Sari Nashay Mein Guzar Jayegi. जाम आँखों से पिलाया किसी ने कल जो जाम आँखों से पिलाया किसी ने मदहोश पड़ा रहा , न उठाया किसी ने   मुझे भी कुछ ज़्यादा शौक़ था पीने का पीने के बाद जो हुआ , न बताया किसी ने कभी मस्जिद , कभी मंदिर मैं घूमता रहा रात भर कभी मुस्लमान , कभी हिन्दू बनाया किसी ने आदि बना के महखाना छीन लिया गया मुझसे कुछ इस तरह मुझे सताया किसी ने Kal Jo Jaam Aankhon Se Pilaya Kisi Ne MadHosh Pada Raha, Na Uthaya Kisi Ne Mujhe Bhi Kuch […]

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shayarisms4lovers mar18 153 - याद-ऐ-गम

याद-ऐ-गम

तुम याद नहीं करते हम भुला नहीं सकते तुम हँसा नहीं सकते हम रुला नहीं सकते दोस्ती इतनी प्यारी है हमारी तुम जान नहीं सकते और हम बता नहीं सकते दिल गुमसुम जुबान खामोश क्यों है यह आँखें आज नम क्यों है जिन्हे कभी पाया ही न था तो आज उन्हें हमे खोने का गम क्यों है

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