shayarisms4lovers mar18 108 - यह जरूरी तो नहीं – इश्क़-ऐ-गम

यह जरूरी तो नहीं – इश्क़-ऐ-गम

उम्र जलवो में बसर हो यह जरूरी तो नहीं हर शबे-ऐ-गम की सेहर हो यह जरूरी तो नहीं नींद तो दर्द के बिस्तर पर भी आ जाती है उसके आगोश में सर हो यह जरूरी तो नहीं आग को खेल पतंगों ने समझ रखा है सब को अंजाम का डर  हो यह जरूरी तो नहीं वो […]

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shayarisms4lovers mar18 133 - SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

वो पिला कर जाम वो पिला कर जाम “लबों ” से अपनी मोहब्बत का “मोहसिन” और , अब कहते हैं के नशे की आदत अच्छी नहीं होती । Wo Pila Kar “Jaam” Labon Se Apni Muhabbat Ka “Mohsin” Aur , Ab Kehte Hain Ke Nashay Ki Aadat Acchi Nahi Hoti. जाम पे जाम जाम पे […]

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shayarisms4lovers mar18 153 - याद-ऐ-गम

याद-ऐ-गम

तुम याद नहीं करते हम भुला नहीं सकते तुम हँसा नहीं सकते हम रुला नहीं सकते दोस्ती इतनी प्यारी है हमारी तुम जान नहीं सकते और हम बता नहीं सकते दिल गुमसुम जुबान खामोश क्यों है यह आँखें आज नम क्यों है जिन्हे कभी पाया ही न था तो आज उन्हें हमे खोने का गम […]

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