shayarisms4lovers June18 175 - Khud kiTalash Abhi baki hai – Chanchal

Khud kiTalash Abhi baki hai – Chanchal

खुद की तलाश मे भटकती सी “मैं ” अनगिनत, अनन्त, असीम सवालो के संग! न जाने किस अधूरे पन को भरती सी- मैं | कई रिश्ते, जज्बात, रास्ते, और मंजिलों से गुजरती सी मैं | न जाने कितने एहसासों मै संवरती बिखरती सी “मैं ” कहा किस डगर किधर जा रही हूँ | क्या है? मेरा, जिसे कभी खो रही हूँ | तो कभी पा रही हूँ। जीवन का छोर, न जाने कब कहां कैसा है? पर इस नामालूम “मैं ” को जीवन भटकाव की भूलभुलैया में इतना तो मालूम हो गया कि अच्छा – बुरा, काम – निश्चय ही जीवन है, और शायद यही जीवन-दिशा हूँ ” मैं “।

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shayarisms4lovers June18 260 - “दुनिया का सबसे बड़ा सत्य” – Ajay

“दुनिया का सबसे बड़ा सत्य” – Ajay

एक दिन वो मेरे पास आई और पूछी कि पापा माँ कहाँ है , तुम तो कहते हो वो सितारा हैं आसमाँ की , तो बताओ न आखिर वो आसमाँ कहाँ है … बेटी के इन प्रश्नों ने एक तीर दिल मे मारी थी , कैसे उसे बता दूं मैं उसकी माँ मृत्यु से हरी थी  .. एक दिन वो अपने माँ की साड़ी से लिपट के सोई थी , उसकी आँखें बता रहीं थी कि वो कितना रोइ थी , मैंने उसे अपनी गोद मे उठाया और उसके बालों को जैसे ही सहलाया, वो झट से उठी और बोल पड़ी की , ” पापा माँ सपने में आई थी , एक शमा साथ में लाई थी , उस रोशनी में मैंने माँ के चेहरे को साफ- साफ देखा था , उसने वही साड़ी पहनी थी जिसे तुमने मुझसे छुपा के फेका था “ इतना कहते ही उसकी आँखे फिर से भीग चुकी थी , लेकिन अपने आँसुओ को भी छुपाना वो सीख चुकी थी .. आज एक बार फिर मैं उसके सामने ख़ामोश खड़ा था , मानों अपना मृत शरीर लिए उसके पास पड़ा था , ना मुँह में ज़बान थी और न ही कोई शब्द था , एक […]

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