shayarisms4lovers June18 202 - Best Ever Shayari Colletion of Munir Niazi – मुनीर नियाज़ी शायरी मजमूआ

Best Ever Shayari Colletion of Munir Niazi – मुनीर नियाज़ी शायरी मजमूआ

उसके जाने का रंज मेरी सदा हवा में बहुत दूर तक गयी पर मैं बुला रहा था जिसे , वो बेखबर रहा उसकी आखिरी नज़र में अजब दर्द था “मुनीर” उसके जाने का रंज मुझे उम्र भर रहा Uske Jaane Ka Ranj Meri Sada Hawa Mein Bohat Door Tak Gayi Par Main Bula Raha Tha Jise, wo Bekhabar Raha Uski Aakhiri Nazar Mein Ajab Dard Tha “Munir” Uske Jaane Ka Ranj Mujhe Umar Bhar Raha हम जवाब क्या देते किसी को अपने अमल का हिसाब क्या देते सवाल सारे ग़लत थे, हम जवाब क्या देते हवा की तरह मुसाफिर थे, दिलबरों के दिल उन्हें बस एक ही घर का अजाब क्या देते Hum Jawab Kya Dete Kisi Ko Apnay Amal Ka Hisaab Kya Dete Sawaal Saare Ghalat The, Hum Jawab Kya Dete Hawa Ki Tarha Musafir The, Dilbaron Ke Dil Unhain Bus Ak Hi Ghar Ka Azaab Kya Dete ज़ुल्म मेरे नाम शहर में वो मोअतबर मेरी गवाही से हुआ फिर मुझे इस शहर में नमोअतबर उसी ने किया शहर को बर्बाद करके रख दिया उस ने “मुनीर” शहर पर यह ज़ुल्म मेरे नाम पर उसने किया Zulam Mere Naam Shehar mein wo moatbir meri gawahi se huwa Phir mujhe […]

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shayarisms4lovers mar18 188 - फ़राज़ की दिल फरेब उर्दू शायरी – Erratic collection of Fazar Shayari

फ़राज़ की दिल फरेब उर्दू शायरी – Erratic collection of Fazar Shayari

किसी से जुदा होना किसी से जुदा होना अगर इतना आसान होता “फ़राज़” जिस्म से रूह को लेने कभी फरिश्ते न आते   Kissi Se Juda Hona Kissi Se Juda Hona Agar Itna Asan Hota “FARAZ” Jism Se Rooh Ko Leney Kabhi Farishtay Na Aate प्यासे गुज़र जाते हैं तू किसी और के लिए होगा समंदर-ऐ -इश्क़ “फ़राज़” हम तो रोज़ तेरे साहिल से प्यासे गुज़र जाते हैं   Piyase Guzaar Jate Hain Tu kisi aur ke liye hoga samander-ae-ishq “Faraz” hum to rooz tere sahil se piyase guzaar jate hain मिले तो कुछ कह न सके हम उन से मिले तो कुछ कह न सके “फ़राज़” ख़ुशी इतनी थी के मुलाक़ात आँसू पोंछते ही गुज़र गई   Milay To Khuch Keh na Sakay hum un se milay to khuch keh na sakay “Faraz” khushi itni the ke mulaqaat ansoo ponchtay hi guzaar gai इश्क़ का नशा कुछ इश्क़ का नशा था पहले हम को “फ़राज़”. दिल जो टूटा तो नशे से मोहब्बत हो गई .   Ishq Ka Nasha Kuch ishq ka nasha tha pehle hum ko “Faraz” Dil jo tuta to nashe se mohabbat ho gai यह वफ़ा तो यह वफ़ा तो उन दिनों की बात है “फ़राज़” […]

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