shayarisms4lovers mar18 47 - उलटे ही चलते है यह इश्क़ के कारवां

उलटे ही चलते है यह इश्क़ के कारवां

प्यार , इनकार और इकरार इनकार वो करते है इकरार के लिए नफरत भी करते है तो प्यार के लिए उलटे ही चलते है यह इश्क़ के कारवां आँखों को बंद  करते है  दीदार के लिए Pyar , Inkaar Aur  Ikraar Inkaar woh karte hai ikraar ke liye, Nafrat bhi karte hai to pyar ke liye, Ulte hi […]

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shayarisms4lovers June18 279 - हम कभी मिल सकें मगर – फ़राज़ की शायरी

हम कभी मिल सकें मगर – फ़राज़ की शायरी

हम कभी मिल सकें मगर , शायद जिनके हम मुन्तज़र रहे, उनको मिल गए और हमसफ़र शायद जान पहचान से भी क्या होगा फिर भी ऐ दोस्त , गौर कर शायद, अजनबीयत की धुंध छट जाए चमक उठे तेरी नज़र शायद ज़िन्दगी भर लहू रुलाएगी याद -ऐ -यारां -ऐ -बेखबर शायद जो भी बिछड़े वो कब मिले […]

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shayarisms4lovers mar18 42 - किस ने की थी वफ़ा जो हम करते – Faraz Ahmed Shayari

किस ने की थी वफ़ा जो हम करते – Faraz Ahmed Shayari

नाकामी अपनी नाकामी का एक यह भी सबब है ” फ़राज़ ” चीज़ जो भी मांगते हैं सब से जुदा मांगते हैं Naakami Apni Naakami Ka Ek Yeh Bhi Sabab Hai “Faraz” Cheez Jo Maangte Hain Sub Se Juda Maangte Hain बरसो के प्यासे बस इतना ही कहा था हम बरसो के प्यासे हैं ” […]

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shayarisms4lovers mar18 35 - हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

एक यार शीशे का पत्थरों की बस्ती में कारोबार शीशे का कोई भी नहीं करता ऐतबार शीशे का कांच से बने पुतले कहाँ दूर चलते हैं चार दिन का होता है यह खुमार शीशे का बन सँवर के हरजाई आज घर से निकला है जाने कौन होता है फिर शिकार शीशे का दिल के आज़माने […]

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shayarisms4lovers mar18 60 - फ़राज़ और मोहसिन नक़वी की खूबसूरत उर्दू शायरी

फ़राज़ और मोहसिन नक़वी की खूबसूरत उर्दू शायरी

तन्हाई और महफ़िल – फ़राज़ तन्हाई में जो चूमता है मेरे नाम के हरूफ फ़राज़ महफ़िल में  वो शख्स मेरी तरफ देखता भी नहीं ​ Tanhai Aur Mehfil – Faraz Tanhai main jo chomta hai mere naam ke haroof  “Faraz” Mehfil mein wo shakhas meri taraf dekhta bhi nahi​ जिंदगी और मौत – फ़राज़ कोई […]

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shayarisms4lovers June18 202 - पहले पहले का इश्क़ अभी भी याद है – फ़राज़

पहले पहले का इश्क़ अभी भी याद है – फ़राज़

खुश और उदास – फ़राज़ वो मुझ से बिछड़ कर खुश है तो उसे खुश रहने दो “फ़राज़ “ मुझ से मिल कर उस का उदास होना मुझे अच्छा नहीं लगता …. पहले पहले का इश्क़ अभी याद है “फ़राज़” दिल भी बुझा हो शाम की परछाइयाँ भी हों मर जाए जो ऐसे में तन्हाइयाँ […]

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shayarisms4lovers mar18 205 - शायरी – अदब-ऐ-वफ़ा

शायरी – अदब-ऐ-वफ़ा

रूह हम अपनी रूह तेरे जिस्म में छोड़ आये है तुझे गले से लगाना तो एक बहाना था Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , Rooh (रूह) वो नज़र तो आया है यही बहुत है की दिल उसे ढूंढ लाया है किसी के साथ ही सही […]

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shayarisms4lovers June18 210 - सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है – फ़राज़ की शायरी

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है – फ़राज़ की शायरी

सुना है लोग उसे – फ़राज़ अहमद सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है तो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते है सुना है राफत है उसे खराब हालो से तो अपने आप को बर्बाद कर के देखते है सुना है दर्द की गाहक है चस्मे नाज़ उसकी तो हम भी […]

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shayarisms4lovers June18 116 - हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़”

हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़”

प्यार की गहराइयाँ हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़” यहाँ नहीं डूबता तो कहीं और डूबे होते Pyar ki Gehraiya hume to pyar ki gehraiya maaloom karni thi “FARAZ” yahan nhi dubte to kahin aur dube hote मेरी ख़ामोशी वो अब हर एक बात का मतलब पूछता है मुझसे “फ़राज़” कभी जो […]

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shayarisms4lovers mar18 205 - शब-ऐ-इंतज़ार – Mirza Galib,Ahmed Faraz,Mohsin Naqvi,Raaz Sarwer Shayari

शब-ऐ-इंतज़ार – Mirza Galib,Ahmed Faraz,Mohsin Naqvi,Raaz Sarwer Shayari

मेरी वेहशत इश्क़ मुझको नहीं वेहशत ही सही मेरी वेहशत तेरी शोहरत ही सही कटा कीजिए न तालुक हम से कुछ नहीं है तो अदावत ही सही Meri Wehshat Ishq mujhko nahin wehshat hi sahi Meri wehshat teri shohrat hi sahi kta kijiay na taaluq hum se kuch nahin hai to adaawat he sahi… शब-ऐ-इंतज़ार […]

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shayarisms4lovers June18 239 - हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए – Hindi Shayari

हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए – Hindi Shayari

मैं अश्क़ हूँ मैं अश्क़ हूँ मेरी आँख तुम हो मैं दिल हूँ मेरी धडकन तुम हो मैं जिस्म हूँ मेरी रूह तुम हो मैं जिंदा हूँ मेरी ज़िन्दगी तुम हो मैं साया हूँ मेरी हक़ीक़त तुम हो मैं आइना हूँ मेरी सूरत तुम हो मैं सोच हूँ मेरी बात तुम हो मैं मुकमल हूँ […]

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shayarisms4lovers mar18 184 - ऐ बारिश ज़रा थम के बरस – Romantic बारिश शायरी

ऐ बारिश ज़रा थम के बरस – Romantic बारिश शायरी

ऐ बारिश ऐ बारिश ज़रा थम के बरस जब मेरा यार आ जाये तो जम के बरस पहले न बरस की वो आ न सकें फिर इतना बरस की वो जा न सकें AE Barish Ae barish zara tham ke baras Jab mera yaar aa jaye to jam ke baras Pehle na baras ki woh […]

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shayarisms4lovers mar18 206 - दर्द की स्याही से लिखा है यह पैगाम – उर्दू शायरी

दर्द की स्याही से लिखा है यह पैगाम – उर्दू शायरी

मुझे होश नहीं कितनी पी कैसे कटी रात मुझे होश नहीं रात के साथ गयी बात मुझे होश नहीं मुझ को यह भी नहीं मालुम की जाना है कहाँ थाम ले कोई मेरा हाथ मुझे होश नहीं आंसुओं और शराबों में गुज़र है अब तो मैंने कब देखी थी बरसात मुझे होश नहीं जाने क्या […]

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shayarisms4lovers may18 73 - मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं

मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं

मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं .. आप फूलों के खरीदार नज़र आते हैं . कल जिन्हें छु नहीं सकती थी फरिश्तों की नज़र .. आज वो रौनक -ऐ -बाजार नज़र आते हैं .. हशर मैं कौन गवाही मेरी दे ग […]

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shayarisms4lovers may18 80 - कोई तो बात है उस मैं – फैज़ अहमद फैज़ शायरी

कोई तो बात है उस मैं – फैज़ अहमद फैज़ शायरी

कोई तो बात है उस मैं “फैज़ अहमद फैज़” अब के यूं दिल को सजा दी हम ने उस की हेर बात भुला दी हम ने एक एक फूल बहुत याद आया शाख -ऐ -गुल जब वो जला दी हम ने आज तक जिस पे वो शर्माते हैं बात वो कब की भुला दी हम […]

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