shayarisms4lovers mar18 108 - यह जरूरी तो नहीं – इश्क़-ऐ-गम

यह जरूरी तो नहीं – इश्क़-ऐ-गम

उम्र जलवो में बसर हो यह जरूरी तो नहीं हर शबे-ऐ-गम की सेहर हो यह जरूरी तो नहीं नींद तो दर्द के बिस्तर पर भी आ जाती है उसके आगोश में सर हो यह जरूरी तो नहीं आग को खेल पतंगों ने समझ रखा है सब को अंजाम का डर  हो यह जरूरी तो नहीं वो […]

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shayarisms4lovers June18 199 - यादों का इक झोंका – तेरी यादें शायरी

यादों का इक झोंका – तेरी यादें शायरी

सजा बन जाती है गुज़रे हुए वक़्त की यादें न जाने क्यों छोड़ जाने के लिए मेहरबान होते हैं लोग यादों का इक झोंका यादों का इक झोंका आया हम से मिलने बरसों बाद पहले इतना रोये न थे जितना रोये बरसों बाद लम्हा लम्हा उजड़ा तो ही हम को एहसास हुआ पत्थर आये बरसों […]

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