shayarisms4lovers June18 292 - ख्वाब टूटें या बिक जाएँ – ग़मगीन शायरी

ख्वाब टूटें या बिक जाएँ – ग़मगीन शायरी

मेरे दिल में घर बना कर वो मेरे दिल में छोड़ गया है न खुद रहता है न किसी और को बसने देता है Mere Dil Mein Ghar bana kar wo mere dil mein chod gaya hai Na khud rehta hai na kisi aur ko basne deta hai ज़रा ठहर जाओ थकी थकी सी फ़िज़ाएं […]

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shayarisms4lovers mar18 153 - याद-ऐ-गम

याद-ऐ-गम

तुम याद नहीं करते हम भुला नहीं सकते तुम हँसा नहीं सकते हम रुला नहीं सकते दोस्ती इतनी प्यारी है हमारी तुम जान नहीं सकते और हम बता नहीं सकते दिल गुमसुम जुबान खामोश क्यों है यह आँखें आज नम क्यों है जिन्हे कभी पाया ही न था तो आज उन्हें हमे खोने का गम […]

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