shayarisms4lovers June18 228 - खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

हमे बेवफा का इल्जाम दे गया ज़िंदा थे जिसकी आस पर वो भी रुला गया बंधन वफ़ा के तोड़ के सारे चला गया खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा हाथों में हाथ दे के खुद ही छुड़ा गया कर दी जिसके लिए हमने तबाह ज़िन्दगी उल्टा वो हमे बेवफा का इल्जाम दे गया Wo Bewafa ka ilzam de Gaya Zinda thi jiski aas pe Wo bhi rula gaya Bandhan Wafa ke tood ke Sare chala gaya Khud hi to ki thi usne MUHABBAT ki IBTADA Hathon main hath de ke khud hi chuda gaya Kardi jiske liye humne Tabah zindagi Ulta wo BEWAFA ka ilzam de gaya… तमाशा बन दिया मेरा क़तरा अब एहतजा करे भी तो किया मिले दरिया जो लग रहे थे समंदर से जा मिले हर शख्स दौड़ता है यहां भीड़ की तरफ फिर यह भी चाहता है उसे रास्ता भी मिले उस आरज़ू ने और तमाशा बन दिया मेरा जो भी मिले हमारी तरफ देखता मिले दुनिया को दूसरों की नज़र से न देखिये चेहरे न पढ़ सके तो किताबों में किया मिले Tamasha Bna Diya Mera Qatra ab ehtjaaj karey bhi to kiya miley Darya jo lag rahe they samandar se ja […]

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shayarisms4lovers June18 239 - हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए – Hindi Shayari

हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए – Hindi Shayari

मैं अश्क़ हूँ मैं अश्क़ हूँ मेरी आँख तुम हो मैं दिल हूँ मेरी धडकन तुम हो मैं जिस्म हूँ मेरी रूह तुम हो मैं जिंदा हूँ मेरी ज़िन्दगी तुम हो मैं साया हूँ मेरी हक़ीक़त तुम हो मैं आइना हूँ मेरी सूरत तुम हो मैं सोच हूँ मेरी बात तुम हो मैं मुकमल हूँ जब मेरे साथ तुम हो मैं तुम मैं हूँ अब तुम ही हो , अब तुम ही हो Main ashq Hoon Main ashq Hoon Meri ankh Tum Ho Main Dil Hoon Meri Dharkan Tum Ho Main jism Hoon Meri Rooh Tum Ho Main Jinda Hoon Meri Zindagi Tum Ho Main saya Hoon Meri Haqiqat Tum Ho Main Aena Hun Meri Surat Tum Ho Main soch Hoon Meri Baat Tum Ho Main Mukmal hoon Jab Mere Sath Tum Ho Main Tum main hoon Ab Tum hi ho , Ab Tum Hi Ho… वादा वादा निभाना हमारी आदत हो गयी हमें भूलने की उनकी आदत है उन्हें याद करने की हमारी आदत हो गयी Wada Wada Nibhana Humari Aadat Ho Gayi Humein Bhulane Ki Unki Aadat Hai Unhe Yaad Karne Ki Humari Aadat Ho Gayi… गुनहगार लोग पत्थर के बूतों को पूज कर भी मासूम रहे “फ़राज़” […]

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shayarisms4lovers mar18 202 - ग़ज़ल – वो मेरा हमसफ़र हुआ भी तो लम्हा भर

ग़ज़ल – वो मेरा हमसफ़र हुआ भी तो लम्हा भर

हम तो अकेले रहे हमेशा रहेगा यह आलम कहाँ यह महफ़िल कहाँ और यह हमदम कहाँ सदा चोट पर चोट खाता रहा मुक़द्दर में इस दिल के मरहम कहाँ कहाँ अब्र कोई कड़ी धुप में झुलसते बयाबां में शबनम कहाँ ना मस्त आँखें होंगी ना ज़ुल्फे रसा हमेशा रहेगा यह मौसम कहाँ अकेले थे हम तो अकेले रहे कोई अपना गमख्वार हो , हमदम कहाँ जहांगीर-ओ-नौशेरवां चल बसे रहा डर में अद्ल पैहम कहाँ ना अय्यूबी कोई ना खालिद कोई गया रखता अपना परचम कहाँ Hum To Akele Rahe Hamesha Rahega Yeh Aalam Kahan Yeh Mahfil Kahan aur Yeh Humdam Kahan Sada Chot Par Chot Khata Raha Muqaddar Mein Is Dil Ke Marham Kahan Kahan Abr Koi Kadi Dhoop Mein Jhulaste Bayabaan Mein Shabnam Kahan Naa Mast Aankhein Hongi Naa Zulfe Rasaa Hamesha Rahega Yeh Mausam Kahan Akele The Hum To Akele Rahe Koi Apna Ghamkhwaar , Humdam Kahan Jahangeer-O-Nausherwaan Chal Base Rahaa Daar Mein Adl Paiham Kahan Naa Ayyubi Koi Naa Khalid Koi Gaya Rekhta Apna Parcham Kahan.. दिखाई दिए यूँ दिखाई दिए यूँ की बेखुद किया हमें आप से भी जुदा कर चले जबीं सजदा करते ही करते गए हक़-ऐ-बंदगी हम अदा कर चले गई उम्र दर बंद-ऐ-फ़िक्र-ऐ-ग़ज़ल […]

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shayarisms4lovers mar18 101 - ऑंखें तो प्यार में दिल की ज़ुबान होती है – इश्क़ बेवफा

ऑंखें तो प्यार में दिल की ज़ुबान होती है – इश्क़ बेवफा

बड़े शौक़ से मर जाएँगे आओ किसी रोज़ मुझे टूट के बिखरता देखो मेरी रगो में ज़हर जुदाई का उतरता देखो किस किस तरह से तुझे माँगा है खुद से हमने आओ कभी मुझे सजदों में सिसकता देखो तेरी तलाश में हम ने खुद को खो दिया है मत आओ सामने मगर कहीं छुप के मुझे तड़पता देखो बड़े शौक़ से मर जाएँगे हम मगर वरना तुम सामने बैठ कर सांसों का तसलसुल टूटता देखो Bade Shoq Se Mar Jayeinge Aao Kisi roz Mujhe Toot Ke Bikhrta Dekho Meri Ragon Mein Zehar Judai Ka Uterta Dekho Kis Kis Ada Se Tujhe Maanga Hai khuda Se Aao Kabhi Mujhe Sajdon Mein Sisakta DekHo Teri Talaash Mein Hum Ne Khud Ko Kho Diya Hai Mat Aao Saamne Mgar Kahin Chup Ke Mujhe Tarapta Dekho Bade Shoq Se Mar Jaein gay Hum magar warna Tum Saamne Baith Kar sansoon Ka Tasalsul Tootta Dekho वफ़ा की तलाश जो भी मिला वो हम से खफा मिला देखो हमे मोहब्बत का क्या सिला मिला उम्र भर रही फ़क़त वफ़ा की तलाश हमे पर हर शख्स मुझ को ही क्यों बेवफा मिला Wafa Ki Talash jo bhi mila woh ham se khafa mila dekho dosti ka kya […]

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shayarisms4lovers mar18 12 - उर्दू ग़ज़लें

उर्दू ग़ज़लें

मैंने तेरे इंतज़ार से मोहब्बत की है तेरे इख्लास से मोहब्बत की है तेरे एहसास से मोहब्बत की है तू मेरे पास नहीं है फिर भी तेरी याद से मोहब्बत की है कभी तो तूने भी मुझे याद किया होगा मैंने उन्ही लम्हात से मोहब्बत की है जिन में हों तेरी मेरी बातें , मैंने उस इंसान से मोहब्बत की है और मेह्की हों सिर्फ तेरी मोहब्बत से मैंने उन जज़्बात से मोहब्बत की है तुझसे मिलना तो अब ख्वाब सा लगता है मैंने तेरे इंतज़ार से मोहब्बत की है Tere Ikhlas Se Mohabbat Ki Hai Tere Ehsas Se Mohabbat Ki Hai Tu Mere Paas Nahi Hai Phir Bhi Teri Yaad Se Mohabbat Ki Hai Kabhi To Tune Bhi Mujhe Yad Kiya Hoga Meine Un Lamhaat Se Mohabbat Ki Hai Jin Mein Ho Teri Meri Batain Maine Us Insaan Se Mohabbat Ki Hai Aur Mehkey Ho Sirf Teri Mohabbat Se Maine Un Jazbaat Se Mohabbat Ki Hai Tujhse Milna To Ab Khawab Sa Lagta Hai Maine Tere Intezaar Se Mohabbat Ki Hai मुहब्बतों के पयाम लिखना ​ कभी किताबों में फूल रखना , कभी दरख्तों पे नाम लिखना हमें भी याद है आज तक वो , नज़र से हर्फ़-ऐ-सलाम लिखना […]

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फिर यही ग़ज़ल लिखोगे तुम

बहुत याद आते है न जाने वो क्यों इतना याद आते है , उसकी सूरत आँखों से क्यों नहीं निकल पाती है , जितना भुलाऊँ उसको उतना याद आती है .. Bahut Yaad aate hai na jane wo kyu itna yaad aate hai, uski surat aankho se kyo nahi nikal paati hai, jitna bhulau usko utna yaad aati hai.. फिर यही ग़ज़ल लिखोगे तुम कल जो जाना मैंने तुम्हारा प्यार तब वक़्त ने न दिया मेरी किस्मत का साथ फिर मेरी याद मैं तब महल बनाओगे तुम फिर यही ग़ज़ल लिखोगे तुम Phir yehi gazal Likhooge tum kal jo jana mein ne tumhara payar tab waqat ne na dya meri kismat ka sath phir meri yaad mein tab mahal banayoogay tum phir yehi gazal likhwayogay tum!! उसकी यादें उसकी यादें दिल को दर्द दे जाती हैं दिल नहीं चाहता जब याद करना उसको , फिर भी वो किसी राह पर नज़र आ जाता है Uski yaadein uski yaadein dil ko dard de jati hain dil nahi chahta jab yaad karna usko, phir bhi wo kisi rah par nazar aa jata hai!! याद बहुत आओगे तुम याद रखना पछताओगे एक दिन तुम पर याद बहुत आओगे तुम पर हम तभ न […]

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pexels photo 701816 - दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं – जावेद अख्तर

दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं – जावेद अख्तर

दर्द के फूल  दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं ज़ख्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं उस दरीचे में भी अब कोई नहीं और हम भी सर झुकाए हुए चुप -चाप गुज़र जाते हैं रास्ता रोके खडी है यही उलझन कब से कोई पूछे तो कहें क्या की किधर जाते हैं नरम आवाज़ भली बातें मोहज़्ज़ब लहजे पहली बारिश में ही यह रंग उतर जाते हैं Dard ke Phool  – Javed Akhtar dard ke phool bhi khilate hain bikhar jaate hain zaKhm kaise bhii hoon kuchh roz mein bhar jaate hain us dariiche mein bhii ab koi nahin aur ham bhii sar jhukaae hue chup-chaap guzar jaate hain raastaa roke khaadi hai yahii ulajhan kab se koi puuchhe to kahen kyaa ki kidhar jaate hain narm aavaaz bhalii baate.n mohazzab lahaje pahalii baarish mein hii ye rang utar jaate hain…

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shayarisms4lovers mar18 192 - तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

किस्मत मैं लिखदे मेरी किस्मत मैं मेरी चैन से जीना लिखदे मिटा न सके कोई वो अफसाना लिखदे जन्नत भी न-गवार है मुझे तेरे बिन ऐ कातिब-ऐ-तक़दीर ख़ाक-ऐ-मदीना लिखदे Kismat mein Likhde Meri kismat main meri chain se jeena likhde mita na sake koi wo afsana likhde jannat bhi na-gawar hai mujhe tere bin Ae kaatib-ae-taqdeer KHaak-e-madiina likhde.. किस्मत पर ऐतबार किस्मत पर ऐतबार किस को है मिल जाये ‘ख़ुशी’ इनकार किस को है कुछ मजबूरियां हैं मेरे दोस्तों वरना ‘जुदाई ’ से प्यार किस को है Kismat Par Aitbaar kismat par aitbaar kis ko ha Mil jaye ‘KHUSHI’ inkaar kis ko hai kuch ‘MAJBURIYAN’ hain mere dosto warna! ‘JUDAI’ se pyar kis ko hai.. किस्मत से शिकायत किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है जो नहीं मिल सकता उसी से मोहब्बत क्यों है कितने खड़े है राहो पे फिर भी दिल को उसी की चाहत क्यों Kismat se Shikayat Kismat se apni sabko shikayat kyon hai Jo nahi mil sakta usi se mohabbat kyon hai Kitne khade hai raho pe Phir bhi dil ko usi ki chahat kyon.. किस्मत में मोहब्बत कुछ किस्मत ही ऐसी रही दोस्तों की अब ज़िन्दगी से कोई तम्मना ही नहीं जिसको चाहा हमने उसे पा न […]

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shayarisms4lovers mar18 38 - वो मेरा है मगर इस एहसास से इंकार करता है ​- ग़ज़ल

वो मेरा है मगर इस एहसास से इंकार करता है ​- ग़ज़ल

वो मुझ से मांगता है उम्र भर की वफ़ा का वादा वो मेरा है मगर इस एहसास से इंकार करता है भरी महफ़िल मैं मुझ को रुसवा वो हर बार करता है यूँ तो करता है ज़माने भर की बातें मुझ से मगर जब बात मोहबत की हो तो तकरार करता है सितम् जब अपने सुनाता है भरी महफ़िल मैं वो बड़े अंदाज़ से अपने गुनाहों का इज़हार करता है वो मुझ से मांगता है उम्र भर की वफ़ा का वादा किस मासूमियत से वो मुझ से फरयाद करता है मालूम है सब को खफा है आज कल मुझ से वो मगर मैं जानता हूँ के वो मुझ से प्यार करता है Hindi and urdu Shayari,Gazal,kalam- वो मेरा है मगर इस एहसास से इंकार करता है Wo Mujh Se Mangta Hai Umar Bhar Ki Wafa Ka Waada Wo Mera Hai Magar Is Ihsaas Se Inkar Karta Hai Bhari Mehfil Main Mujh ko Wo Ruswa Har Baar Karta Hai Yun Tu Karta Hai Zamane Bhar Ki Batain Mujhe Se Magar Jab Baat Mohabat Ki Ho To Takrar karta Hai Sitam Jab Apnay Sunata Hai Bhari Mehfil Main wo bade Andaaz Se Apne Gunahon Ka Izhaar Karta Hai Wo Mujh Se Mangta Hai Umar […]

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