shayarisms4lovers June18 239 - हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए – Hindi Shayari

हम ने एक इंसान को चाहा और गुनहगार हो गए – Hindi Shayari

मैं अश्क़ हूँ मैं अश्क़ हूँ मेरी आँख तुम हो मैं दिल हूँ मेरी धडकन तुम हो मैं जिस्म हूँ मेरी रूह तुम हो मैं जिंदा हूँ मेरी ज़िन्दगी तुम हो मैं साया हूँ मेरी हक़ीक़त तुम हो मैं आइना हूँ मेरी सूरत तुम हो मैं सोच हूँ मेरी बात तुम हो मैं मुकमल हूँ जब मेरे साथ तुम हो मैं तुम मैं हूँ अब तुम ही हो , अब तुम ही हो Main ashq Hoon Main ashq Hoon Meri ankh Tum Ho Main Dil Hoon Meri Dharkan Tum Ho Main jism Hoon Meri Rooh Tum Ho Main Jinda Hoon Meri Zindagi Tum Ho Main saya Hoon Meri Haqiqat Tum Ho Main Aena Hun Meri Surat Tum Ho Main soch Hoon Meri Baat Tum Ho Main Mukmal hoon Jab Mere Sath Tum Ho Main Tum main hoon Ab Tum hi ho , Ab Tum Hi Ho… वादा वादा निभाना हमारी आदत हो गयी हमें भूलने की उनकी आदत है उन्हें याद करने की हमारी आदत हो गयी Wada Wada Nibhana Humari Aadat Ho Gayi Humein Bhulane Ki Unki Aadat Hai Unhe Yaad Karne Ki Humari Aadat Ho Gayi… गुनहगार लोग पत्थर के बूतों को पूज कर भी मासूम रहे “फ़राज़” […]

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shayarisms4lovers mar18 192 - तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

किस्मत मैं लिखदे मेरी किस्मत मैं मेरी चैन से जीना लिखदे मिटा न सके कोई वो अफसाना लिखदे जन्नत भी न-गवार है मुझे तेरे बिन ऐ कातिब-ऐ-तक़दीर ख़ाक-ऐ-मदीना लिखदे Kismat mein Likhde Meri kismat main meri chain se jeena likhde mita na sake koi wo afsana likhde jannat bhi na-gawar hai mujhe tere bin Ae kaatib-ae-taqdeer KHaak-e-madiina likhde.. किस्मत पर ऐतबार किस्मत पर ऐतबार किस को है मिल जाये ‘ख़ुशी’ इनकार किस को है कुछ मजबूरियां हैं मेरे दोस्तों वरना ‘जुदाई ’ से प्यार किस को है Kismat Par Aitbaar kismat par aitbaar kis ko ha Mil jaye ‘KHUSHI’ inkaar kis ko hai kuch ‘MAJBURIYAN’ hain mere dosto warna! ‘JUDAI’ se pyar kis ko hai.. किस्मत से शिकायत किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है जो नहीं मिल सकता उसी से मोहब्बत क्यों है कितने खड़े है राहो पे फिर भी दिल को उसी की चाहत क्यों Kismat se Shikayat Kismat se apni sabko shikayat kyon hai Jo nahi mil sakta usi se mohabbat kyon hai Kitne khade hai raho pe Phir bhi dil ko usi ki chahat kyon.. किस्मत में मोहब्बत कुछ किस्मत ही ऐसी रही दोस्तों की अब ज़िन्दगी से कोई तम्मना ही नहीं जिसको चाहा हमने उसे पा न […]

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