shayarisms4lovers June18 233 - Gulzar Shayari In Hindi [ Read Gulzar Poetry In Hindi Lyrics ]

Gulzar Shayari In Hindi [ Read Gulzar Poetry In Hindi Lyrics ]

Gulzar is an Indian poet, lyricist and film director. He is Born in Jhelum District in British India and also wrote poetry, dialogues and scripts. He was awarded Padma Bhushan, the third-highest civilian award in India.Here we are representing his one of most famous poetry “Kitaabain jhankti hain band almari k sheeshoon se- Gulzar shayari in hindi”   Read And Share Gulzar Shayari In Hindi किताबें झाँकती हैं बंद आलमारी के शीशों से बड़ी हसरत से तकती हैं महीनों अब मुलाकातें नहीं होती जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं अब अक्सर गुज़र जाती है कम्प्यूटर के पर्दों पर बड़ी बेचैन रहती हैं क़िताबें उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है जो कदरें वो सुनाती थी कि जिनके जो रिश्ते वो सुनाती थी वो सारे उधरे-उधरे हैं कोई सफा पलटता हूँ तो इक सिसकी निकलती है कई लफ्ज़ों के मानी गिर पड़े हैं बिना पत्तों के सूखे टुंड लगते हैं वो अल्फ़ाज़ जिनपर अब कोई मानी नहीं उगते जबां पर जो ज़ायका आता था जो सफ़ा पलटने का अब ऊँगली क्लिक करने से बस झपकी गुजरती है किताबों से जो ज़ाती राब्ता था, वो कट गया है कभी सीने पर रखकर लेट जाते थे कभी गोदी में लेते […]

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