shayarisms4lovers mar18 28 - हालात-ऐ-इश्क़ – दो लाइन उर्दू पाकिस्तानी शायरी

हालात-ऐ-इश्क़ – दो लाइन उर्दू पाकिस्तानी शायरी

मासूम सा चेहरा किस क़दर मासूम सा चेहरा था उस का ग़ालिब धीरे से जान कह कर बेजान कर गया Masoom Sa Chehra Kis Kadar Masoom Sa Chehra Tha Uss Ka Ghalib Dheere se Jaan Keh kar Bejaan Kar Gaya ऐसी बेरुखी ऐसी बेरुखी भी देखी  है, हम ने आज कल के लोगों में आप से तुम तक , तुम से जान तक , जान से अनजान तक हो जाते हैं Aisi Berukhi Aisi Berukhi Bhi Dekhi Hai Hum Ne Aaj  Kal  Ke Logo Mein Aap se Tum Tak, Tum se  Jaan  Tak, Jaan se Anjaan Tak  Ho Jatey Hain मुहब्बत  का खुमार मुहब्बत  का खुमार उतरा तो तब साबित हुआ वो जो मंज़िल का रास्ता था , बे-मकसद सफर निकला Mohabbat ka Khumaar Mohabbat ka khumaar Utraa to Tab Saabit  Hua, Wo Jo Manzil ka Rasta Tha, Be-maksaad Safar Niklaa. वो खुद आता नहीं कभी नींदें कभी आँखों में पानी भेज देता है , जालिम वो खुद आता नहीं , अपनी निशानी भेज देता है … Wo Khud Aata Nahi Kabhi Neendain Kabhi Ankhon Mein Paani Bhej Deta Hai , Zalim Wo Khud Aata Nahi Apni  Nishaani Bhej Deta Hai हाथ की लकीरें जिस तरह से बदली हैं हाथ […]

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इश्क़ में यह दूरियां – दूरियाँ शायरी

इन राहों की दूरियां निगाहों की दूरियां हम राहों की दूरियां फनाह हो सभी दूरियां तेरी नज़रों से ओझल हो जायेंगे तेरी नज़रों से ओझल हो जायेंगे हम दूर फ़िज़ाओं में कहीं खो जायेंगे हम हमारी यादों से लिपट कर रोते रहोगे जब ज़मीन की मट्टी में सो जायेंगे हम Teri Nazron Se Ozhal Ho Jayenge Hum Teri Nazron Se Ozhal Ho Jayenge Hum Dur Fizaoon Mein Kahain Kho Jayenge Hum Hamari Yaadon Se Lipat Kar Rote Rahoge Jab Zameen Ki Matti Mein So Jayenge Hum कुछ दूरियां तो कुछ फासले बाकी हैं अभी कुछ दूरियां तो कुछ फासले बाकी हैं पल पल सिमटती शाम से कुछ रौशनी बाकी हैं हमें यकीन है वो देखा हुआ कल आएगा ज़रूर अभी वो हौसले वो यकीन बाकी हैं Kuch Dooriyan To Kuch Faasle Baaki Hain Abhi Kuch Dooriyan To Kuch Faasle Baaki Hain Pal Pal Simatati Shaam Se Kuch Roshni Baaki Hain Hame Yakeen Hai Wo Dekha Hua Kal Aayega Zaroor Abhi Wo Housle Wo Ummedein Baaki Hain बहुत दूर निकल आये हैं चलते चलते हम बहुत दूर निकल आये हैं चलते चलते अब ठहर जाएँ कहीं शाम के ढलते ढलते रात के बाद सहर होगी मगर किस के लिए हम भी […]

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