shayarisms4lovers June18 289 - Happy New Year – Akash

Happy New Year – Akash

बेदर्द इस जवानी से, वो नादान बचपन ही कितना प्यारा था जब ममेरे भाईयों बहनो का, Greeting card हमारे पास आता था चाहकर भी ना भूल पायेगें, वो यादे तो हर साल याद आयेगें हम तो थे बीच दरिया में, फिर भी एक किनारा था इस बेदर्द जवानी से, वो नादान बचपन ही कितना प्यारा था ना कोई सच्चा दोस्त था, फिर भी हर एक दोस्त जान से भी ज्यादा प्यारा था न्यू ईयर का रात जो हमरा था ना जाने कहाँ आ गए हम, उस नन्हे बचपन को छोङकर बचपन में HAPPY NEW YEAR कहते-2, पूरी जनवरी बीत जाती थी आज इक पल भी बीतना गवारा था वो नादान बचपन ही कितना प्यारा था बचपन की वो कहनी, जो सुनाया करती थी हमारी दादी और नानी आज महशूश होता है, वो कहानी ही कितना प्यारा था बेदर्द इस जवानी से, वो नादान बचपन ही कितना प्यारा था.

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