shayarisms4lovers June18 250 - Chand – Ajay

Chand – Ajay

गंगा की शांत सतह पे वो एकादसी का चंद्रमा घाटों पे लगा वो नौंको का डेरा सीढ़ियों पे बैठे हम भी कुछ शांत से ही है लेकिन मन को है पानी के लथेड़ों ने घेरा मेरा मन भी है गंगा की गहराइयां लिए बाते बहुत सी दबी है अंगड़ाइयाँ लिए… मैं भी वो चाँद होना […]

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shayarisms4lovers June18 83 - दिल को तोङ गयी – Akash

दिल को तोङ गयी – Akash

क्या कसूर था इसका जो इसे अकेला छोङ गयी, नादान था मेरा दिल क्यो इसे तोङ गयी, इक अनजान राहो से ले आई प्यार के सफर पर, और इस सफर में भी अकेला छोङ गयी । रोता हूँ छुपकर रातो में तो पता चला कि ये दिल टूटा है, तेरा किया हुआ हर इक वादा […]

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