हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं – WASI SHAH SHAYARI

हिजर हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं ज़िंदा लगते हैं मगर असल में मर जाते हैं जब कभी बोलता है हँस के किसी और से तू कितने खंज़र मेरे सीने में उतर जाते हैं Hijar Hum Tere Hijar Mein Andar Se Bikhar Jaate Hain Zindah Lagte Hain Magar Asal Mein Mar Jaate Hain Jab Kabhi Bolta Hai Hans Ke Kisi Aur Se TU Kitne Khanjar Mere Seene Mein Utar Jaate Hain.. वो वादे कसमें तोड़ कर बहुत दिन हो गए शायद सहारा कर लिया उस ने हमारे बाद भी आखिर गुज़ारा कर लिया उस ने हमारा जिकर तो उस के लबों पर आ नहीं सकता हमें एहसास है हम से किनारा कर लिया उस ने वो बस्ती ग़ैर की बस्ती वो कूचा ग़ैर का कूचा सुना है इश्क़ भी अब तो दोबारा कर लिया उस ने सुना है ग़ैर की बाँहों को वो अपना घर समझता है लगता है मेरा यह दुःख गवारा कर लिया उस ने भुला कर प्यार की कसमें वो वादे तोड़ कर “वासी ” किसी को ज़िन्दगी से भी प्यारा कर लिया उस ने Wo vade kasmein Todh Kar Bahut Din Ho Gaye Shayad Sahara Kar Liya Us Ne Hamare Baad Bhi Akhir […]

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होंठो की जुबान यह आँसू कहते है – आँसू और दर्द की शायरी

जो दर्द न होता जो आंसू न होते आँखों में तो ऑंखें इतनी खूबसूरत न होती जो दर्द न होता इस दिल में तो ख़ुशी की कीमत पता न होती जो बेवफाई न की होती वक़्त ने हमसे तो जुदाई में जीने की आदत न होती   Jo Dard Na Hota Jo aansu na hote ankhon mein To ankhen itni khobsurat na hoti Jo dard na hota dil mein To khushi ki kimat pata na hoti Jo bewfayee na ki hoti waqt ne humse To judai main jine ki aadat na hoti न रोये कोई हमे देख कर काँटों की सेज पर चलने की हमें अब आदत हो गई है न रोये कोई हमे देख कर, हमें अब आँसू बहाने की आदत हो गई है Na Roye Koi Hamein Dekh kar Kanton ki seej par chalne ki hamein ab aadat ho gai hai Na roye koi hamein dekh kar , hume ab aansu bahane ki aadat ho gai hai आँसू की किस्मत होंठो की जुबान यह आँसू कहते है जो चुप रहते है फिर भी बहते है और इन आँसू की किस्मत तो देखिये यह उनके लिए बहते है जो इन आँखों में रहते है   Aansu ki Kismat Honto […]

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