हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं – WASI SHAH SHAYARI

हिजर हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं ज़िंदा लगते हैं मगर असल में मर जाते हैं जब कभी बोलता है हँस के किसी और से तू कितने खंज़र मेरे सीने में उतर जाते हैं Hijar Hum Tere Hijar Mein Andar Se Bikhar Jaate Hain Zindah Lagte Hain Magar Asal Mein Mar Jaate […]

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होंठो की जुबान यह आँसू कहते है – आँसू और दर्द की शायरी

जो दर्द न होता जो आंसू न होते आँखों में तो ऑंखें इतनी खूबसूरत न होती जो दर्द न होता इस दिल में तो ख़ुशी की कीमत पता न होती जो बेवफाई न की होती वक़्त ने हमसे तो जुदाई में जीने की आदत न होती   Jo Dard Na Hota Jo aansu na hote […]

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